इस परिवार में पैदा होते हैं सांसद, मुख्यमंत्री और विधायक

आपको भी शर्म आ जाये......

1 - मुलायम सिंह यादव - सांसद

2 - अखिलेश यादव (पुत्र) - मुख्य्मंत्री

3 - रामगोपाल यादव (भाई) - सांसद
4 - डिम्पल यादव (पुत्र बधु ) - सांसद
5 - धर्मेंद्र यादव (भतीजे ) - सांसद
6 -अक्षय यादव (भतीजे ) - सांसद
7 -तेजप्रताप यादव (पोते) - सांसद
8 -शिवपाल सिंह यादव (भाई) - विधायक(मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार)
9 -अंशुल यादव(भतीजे) - जिलापंचायत अध्यक्ष इटावा
10 -शंध्या यादव (भतीजी) - जिलापंचायत अध्यक्ष मैनपुरी
11 -मृदुला यादव (भतीजे की पत्नी)- ब्लॉक प्रमुख सैफई
12 -अजंट सिंह यादव(बहनोई) - ब्लॉक प्रमुख
13 -प्रेमलता यादव (भाई की पत्नी) - जिलापंचायत सदस्य
14 -सरला यादव (भाई की पत्नी) - निदेशक जिला सहकारी बेंक इटावा
15 -आदित्य यादव (भतीजे) - PCF के चेयरमैन
16 -अनुराग यादव (भतीजे ) - राष्ट्रीय सचिव समाजबादी युवजन सभा
17 -अरबिंद यादव (भांजे ) - एमएलसी
18 -बिल्लू यादव (भांजे ) - ब्लॉक प्रमुख करहल
19 -मिनाक्षी यादव (भांजे की पत्नी - जिलापंचायत सदस्य मैनपुरी
20 -बंदना यादव (रिस्तेदार) - जिलापंचायत अध्यक्ष हमीरपुर

और अब पुत्रबधू अर्पणा यादव - प्रत्यासी विधानसभा क्षेत्र लखनऊ केंट वाह रे समाजबाद अब यूपी के यादवों के घर जब बच्चा पैदा होगा तो डाक्टर कहेगा 'बधाई हो SDM हुआ है'
(यूपीपीसीएस से चुने गए 86 एसडीएम में 54 यादव

Kya mehnt krege aap hm hi bta dete h ............. :

पिछले सालों में उ.प्र. सरकार की रोजगार के क्षेत्र में उपलब्धियाँ

1- 72825 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती पर रोक
2- 29333 जूनियर शिक्षकों की भर्ती पर रोक
3- T.G.T की भर्ती पर रोक
4- P.G.T की भर्ती पर रोक
5- एल.टी. ग्रेड शिक्षकों की भर्ती पर रोक
6- दरोगा की भर्ती पर रोक
7- ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती पर रोक
8- ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती पर रोक
9- P.C.S की भर्ती पर रोक
10- P.C.S जुडीसियल की भर्ती पर रोक
11- पुलिस कांस्टेबल की भर्ती पर रोक
12- समीक्षा अधिकारी की भर्ती पर रोक
13- उ.प्र लोवर सबोर्डिनेट की भर्ती पर रोक
14- स्वास्थ कार्यकर्ता की भर्ती पर रोक
15- पशुधन प्रसार अधिकारी की भर्ती पर रोक
16- मत्स्य विकास अधिकारी की भर्ती पर रोक
17- उर्दू शिक्षकों की भर्ती पर रोक
18- उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्राचार्यों की भर्ती पर रोक
19- लेखपालों की भर्ती पर रोक
20- पी.ए.सी. कांस्टेबल की भर्ती पर रोक
22- DIET प्राचार्यों की भर्ती पर रोक
23. बैकलॉग की भर्ती पर रोक व अन्य पिछले 4 सालों में विज्ञापन तो बहुत निकले और नौकरी के नाम पर बेरोजगारों से करोड़ों रुपये भी लूटे गए पर आज तक कोई भी भर्ती पूरी नही हो पायी ……


उ.प्र.सरकार के पूरे होते वादे ….इस सरकार की कामयाबी को छिपाओ नहीं सभी लोगो को शेयरकरे !!!

यश भारती सम्मान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाने वाला पुरस्कार 2015-16
1.Mohd. Safi Khan (Sahitya)
2.Hira Lal Yadav (Lokgayan)
3.Bansh Gopal Yadav
4.Dharmendra Yadav
5.Lal bachan Yadav
6.Yogendra Yadav
7.Vijay Pal Yadav
8.Rajesh Yadav
9.Bhagat Singh Yadav
10.Abhishek Yadav
11.Hamid Ullah
12.Darshan .S.Yadav
13.Hakim Syyad
14.Vishhnu Yadav
15.Dr.C.S.Yadav
16.Nawazuddin Siddiqi
17.Awnish Yadav
18.Poonam Yadav
19.Khushveer Yadav
20.Resham Fatima


यक्ष प्रश्न? क्या उ. प्र.में अब यादव और मुस्लिम ही बचे हैं जो सम्मान के योग्य हैं! उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री (माननीय न कहें) अखिलेश यादव जी के 3 वर्ष के कार्य -

1- 75 जिलाध्यक्षो में 63 यादव (समाजवादी पार्टी)
2- 75 BSA में 62 यादव
3- 67% थानाध्यक्ष यादव
4- जो यादव BDO है उनको 3 से 4 ब्लाक
5- भर्ती परीक्षाओं में यादव 69%
6- सड़क पानी बिजली का केवल शिलापट्ट पर नाम व कमीशन
7- UPSC का अध्यक्ष अनिल यादव
8- उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का अध्यक्ष रामवीर यादव
9- अधीनस्थ सेवा आयोग का अध्यक्ष राज किशोर यादव
10- माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड का अध्यक्ष रामपाल यादव।


इनको यादव के अलावा कोई नहीं मिल रहा है।
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अलाई दरवाजा हजार खम्भा महल सीरी का किला अलाउद्दीन खिलजी

खिलजी वंंश केे शासक अलाउदीन अपनेे चाचा को मारकर दिल्ली का सुुल्तान बना ।

अलाई दरवाजा हजार खम्भा महल सीरी का किला जमैैयत खाना मस्जिद का निर्माण अलाउद्दीन खिलजी नेे करवाया था ।

अलाउद्दीन खिलजी का इतिहास


अलाउद्दीन खिल्जी (वास्तविक नाम अली गुरशास्प 1296-1316)दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश का दूसरा शासक था । वो एक विजेता था और उसने अपना साम्राज्य दक्षिण में मदुरै तक फैला दिया था। इसके बाद इतना बड़ा भारतीय साम्राज्य अगले तीन सौ सालों तक कोई भी शासक स्थापित नहीं कर पाया था। वह अपने मेवाड चित्तौड़ के विजय अभियान के बारे में भी प्रसिद्ध है । ऐसा माना जाता है कि अवधी में मलिक मुहम्मद जायसी द्वारा लिखे पद्मावत में वर्णित रानी पद्मावती की सुन्दरता पर मोहित था। उसके समय में उत्तर पूर्व से मंगोल आक्रमण भी हुए। उसने उसका भी डटकर सामना किया। अलाउद्दीन ख़िलजी के बचपन का नाम अली 'गुरशास्प' था। जलालुद्दीन ख़िलजी के तख्त पर बैठने के बाद उसे 'अमीर-ए-तुजुक' का पद मिला। मलिक छज्जू के विद्रोह को दबाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण जलालुद्दीन ने उसे कड़ा-मनिकपुर की सूबेदारी सौंप दी। भिलसा, चंदेरी एवं देवगिरि के सफल अभियानों से प्राप्त अपार धन ने उसकी स्थिति और मज़बूत कर दी। इस प्रकार उत्कर्ष पर पहुँचे अलाउद्दीन ख़िलजी ने अपने चाचा जलालुद्दीन की हत्या धोखे से 22 अक्टूबर 1296 को खुद से गले मिलते समय अपने दो सैनिकों (मुहम्मद सलीम तथा इख़्तियारुद्दीन हूद) द्वारा करवा दी। इस प्रकार उसने अपने सगे चाचा जो उसे अपने औलाद की भांति प्रेम करता था के साथ विश्वास घात कर खुद को सुल्तान घोषित कर दिया और दिल्ली में स्थित बलबन के लाल महल में अपना राज्याभिषेक 22 अक्टूबर 1296 को सम्पन्न करवाया।
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आखिर सीरिया में क्यों मचा है कत्लेआम जबकि वहाँ गरीबी नहीं है

आखिर सीरिया में कत्लेआम क्यों मचा है ?? जबकि सीरिया में गरीबी बिलकुल नही है।

मित्रो, सीरिया की जनसंख्या में 80% सुन्नी मुसलमान है और सिर्फ 15% शिया मुसलमान है 5% अन्य जिसमे कुर्द, ईसाई आदि है | सीरिया के शहर दमास्कस, एल्लेपो, खुबानी, होम्स आदि एक जमाने में विश्व के खुबसुरत और समृद्ध शहरों में एक थे ..जो आज एकदम खंडहर में तब्दील हो चुके है असद परिवार करीब ३० सालो से सीरिया पर शासन कर रहा है .. और ये असद परिवार शिया है |

वर्तमान राष्ट्रपति डा.बशर अल असद लन्दन में आई सर्जन थे जो अपने पिता हाफिज अल असद के मृत्यु के बाद सीरिया लौट आये और शुरा के द्वारा राष्ट्रपति चुने गये | असल में सीरिया का बहुसंख्यक सुन्नी मुसलमान इसे अपना अपमान मानता है की एक अल्पसंख्यक शिया उनके उपर राज करे |जबकि असद परिवार को आज के सीरिया का कुशल शिल्पी माना जाता है .. असद परिवार ने सीरिया में कभी कट्टरपंथी कठमुल्लों को पनपने नही दिया और जितने भी कट्टरपंथी गुट से सबका खात्मा कर दिया .

सीरिया की राजधानी दमिश्क जिसे अंग्रेजी में दमाश्क्स कहते है विश्व के खुबसूरत शहरों में सुमार हो गया था | सीरिया ओलिव ओयल, क्रुड, आदि चीजो का बड़ा उत्पादक बनकर उभरा था | फिर इजिप्त की क्रांति जिसमे लोगो ने होस्नी मुबारक हो सत्ता से बेदखल कर दिया उससे प्रेरणा लेकर सीरिया के कट्टरपंथी सुन्नी मुल्ले एकजुट होकर बशर के खिलाफ विद्रोह कर दिए |

लेकिन मजे की बात ये की इस लड़ाई में ईरान सीरिया सरकार के साथ है और साथ ही लेबनान का हिज्बुलाह भी दो गुटों में बट गया . हिजबुल्लाह का शिया गुट बशर के साथ है | सीरिया की लड़ाई में अरब देशो के मुसलमानों में शिया सुन्नी को लेकर और ज्यादा कटुता बढने लगी है। और जल्द ही ये लड़ाई पड़ोसी जार्डन को भी अपने चपेट में लेने वाली है सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर मुसलामन किसी देश में शांति से क्यों नही रहते ?? विश्व के हर ऐसे देश में जहाँ दंगे या लड़ाई होती है तो एक पक्ष मुस्लिम ही क्यों होता है ? सीरिया में इन्हें शिया का शासन स्वीकार नही है

भारत में इन्हें हिन्दू का शासन स्वीकार नही है। पाकिस्तान में इन्हें ताकतवर गुट पंजाबी सुन्नी का शासन स्वीकार नही है। म्यांमार में इन्हें बौद्ध का शासन स्वीकार नही हैचेचेन्या और लेबनान, बोस्निया, हर्जेगोविना, सर्विया में इन्हें ईसाई शासन स्वीकार नही है। अफगानिस्तान में इन्हें दुसरे कबीले के मुसलमान का शासन स्वीकार नही हैऔर मजे की बात ये की पुरे विश्व में सबसे खुशहाल और शांति से जिस भी देश में मुसलमान है वहाँ मुसलमान अल्पसंख्यक है... लेकिन जिस देश में ये बहुसंख्यक है उस देश में दुसरे धर्मो के मानने वालो को खत्म कर देते है।


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जानिये बाँलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर ने क्या रखा अपने बेटे का नाम

 Bollywood Actress Kareena kappor ने अपने बेटे का नाम तैमूर रखा जिससे पूरे देश मे तैमूर-तैमुर की चर्चा हो रही है । जानिये तैमूर के भारत पर आक्रमण का पूरा इतिहास -

हरियाणा के प्रसिद्ध इतिहासकार स्वामी ओमानन्द जी की एक आलेख में तैमूर के युद्ध का वर्णन उन्होंने इस प्रकार किया है वीर गुर्जर जाति में पीछे भी अनेक वीर हुए हैं जिनमें जोगराज गुर्जर जिला सहारनपुर बहुत ही प्रसिद्ध हुआ है। वह हरियाणें की सर्वखाप पंचायत का मुख्य सेनापति था। वह बड़ा बलवान और वीर था। उसका शरीर अत्यंत सुन्दर और सुदृढ़ था। उसमें 64 धड़ी (320 किलो) अर्थात 8 मण पक्का भार था। इसने '''ज्वालापुर''' के निकट पथरी रणक्षेत्र में  'तैमूरलंग' से भयंकर युद्ध किया था। 

जोगराज खूबड़ परमार वंश' गुर्जर जाति के यौद्धेय थे| इन्होने दादा मानसिंह के यहां सन 1375 ईस्वी में हरिद्वार के पास गाँव कुंजा सुन्हटी में अवतार लिया था| बाद में यह गाँव मुगलों ने उजाड़ दिया तो वीर जोगराज सिंह के वंशज उस गांव से चल लंढोरा (जिला सहारनपुर) में आकर आबाद हो गये, जहां कालांतर में लंढोरा गुर्जर राज्य की स्थापना हुई। ये अपने समय के उत्तर भारत के भीम कहे जाते थे, इनका कद 7 फुट 9 इंच और वजन 8 मन (320 किलो) था। ये विख्यात पहलवान थे इनकी दैनिक खुराक 4 सेर अन्न, सब्बी-फल, 1 सेर गऊ का घी और 20 सेर गऊ का दूध था । 

*=== खापसेना की महिला-विंग की 5 सेनापति ===*

• दादीराणी रामप्यारी गुर्जरी
• दादीराणी हरदेई जाट
• दादीराणी देवीकौर
• दादीराणी चन्द्रो ब्राह्मण 
• दादीराणी रामदेई त्यागी

इन सब ने देशरक्षा के लिए शत्रु से लड़कर प्राण देने की प्रतिज्ञा की।

जोगराज के नेतृत्व में बनी 40000 हजार ग्रामीण महिलाओं को युद्ध विद्या का प्रशिक्षण व् निरीक्षण जा जिम्मा रामप्यारी चौहान गुर्जरी व् इनकी चार सहकर्मियों को मिला था। इन 40000 महिलाओं में गुर्जर, जाट, अहीर, हरिजन, वाल्मीकि, त्यागी, तथा अन्य वीर जातियों की वीरांगनाएं थी। इस महिला सेना का गठन इन पांचों ने मिलकर ठीक उसी ढंग से किया था जिस ढंग से सेना का था। प्रत्येक गांव के युवक-युवतियां अपने नेता के संरक्षण में प्रतिदिन शाम को गांव के अखाड़े पर एकत्र हो जाया करते थे और व्यायाम, मल्ल विद्या तथा युद्ध विद्या का अभ्यास किया करते थे। गांव के पश्चात खाप की सेना विशेष पर्वों व आयोजन पर अपने कौशल सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित किया करती थी। सर्व खाप पंचायत के सैनिक प्रदर्शन यदा-कदा अथवा वार्षिक विशेष संकट काल में होते रहते थे| लेकिन संकट का सामना करने को सदैव तैयार रहते थे। इसी प्रकार रामप्यारी गुर्जरी व् अन्य चारों महिला सेनापतियों की महिला सेना पुरूषों की भांति सदैव तैयार रहती थी। 
ये महिलाएं पुरूषों के साथ तैमूर के साथ युद्ध में कन्धे से कन्धा मिला कर लड़ी। महिला सेनापतियों खासकर दादीराणी रामप्यारी गुर्जरी के रण-कौशल को देखकर तैमूर दांतों के नीचे अंगुली दबा गया था। उसने अपने जीवन में ऐसी कोमल अंगों वाली, बारीक आवाज वाली बीस वर्ष की महिला को इस प्रकार 40 हजार औरतों की सेना का मार्गदर्शन करते हुए ना कभी नहीं देखा था और ना सुना था। तैमूर इनकी वीरता देखकर वह घबरा उठा था। 


जोगराजसिंह   गुर्जर के ओजस्वी भाषण
प्रधान सेनापति जोगराजसिंह गुर्जर के ओजस्वी भाषण के कुछ अंश: “वीरो! भगवान् कृष्ण ने गीता में अर्जुन को जो उपदेश दिया था उस पर अमल करो। हमारे लिए स्वर्ग (मोक्ष) का द्वार खुला है। ऋषि मुनि योग साधना से जो मोक्ष पद प्राप्त करते हैं, उसी पद को वीर यौद्धेय रणभूमि में बलिदान देकर प्राप्त कर लेता है। भारत माता की रक्षा हेतु तैयार हो जाओ। देश को बचाओ अथवा बलिदान हो जाओ, संसार तुम्हारा यशोगान करेगा। आपने मुझे नेता चुना है, प्राण रहते-रहते पग पीछे नहीं हटाऊंगा। पंचायत को प्रणाम करता हूँ तथा प्रतिज्ञा करता हूँ कि अन्तिम श्वास तक भारत भूमि की रक्षा करूंगा। हमारा देश तैमूर के आक्रमणों तथा अत्याचारों से तिलमिला उठा है। वीरो! उठो, अब देर मत करो। शत्रु सेना से युद्ध करके देश से बाहर निकाल दो।”

“मैंने अपनी सारी आयु में अनेक धाड़े मारे हैं। आपके सम्मान देने से मेरा खून उबल उठा है। मैं वीरों के सम्मुख प्रण करता हूं कि देश की रक्षा के लिए अपना खून बहा दूंगा तथा सर्वखाप के पवित्र झण्डे को नीचे नहीं होने दूंगा। मैंने अनेक युद्धों में भाग लिया है तथा इस युद्ध में अपने प्राणों का बलिदान दे दूंगा।” यह कहकर उसने अपनी जांघ से खून निकालकर खून के छींटे दिये। और म्यान से बाहर अपनी तलवार निकालकर कहा “यह शत्रु का खून पीयेगी और म्यान में नहीं जायेगी।” इस वीर यौद्धेय धूला के भाषण से पंचायती सेना दल में जोश एवं साहस की लहर दौड़ गई और सबने जोर-जोर से मातृभूमि के नारे लगाये। "

यह भाषण सुनकर वीरता की लहर दौड़ गई। 80,000 वीरों तथा 40,000 वीरांगनाओं ने अपनी तलवारों को चूमकर प्रण किया कि हे सेनापति हम प्राण रहते-रहते आपकी आज्ञाओं का पालन करके देश रक्षा हेतु बलिदान हो जायेंगे।

*=== सूरत-ए-मैदान-ए-जंग ===*

पंजाब को उजाड़ कर और दिल्ली को तबाह करके अब तैमूर लंग ने अपनी टिडडी दल की तरह चलने वाली फौज का मुंह जाट-गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र मेरठ-हरिद्वार की तरफ कर दिया। यहां महाबली जोगराजसिंह पंवार गुर्जर के नेतृत्व में सेना इस राक्षस के मान मर्दन के लिए पहले से ही विधिवत तैयार हो चुकी थी। 

*=== मेरठ युद्ध ===*
तैमूर ने अपनी बड़ी संख्यक एवं शक्तिशाली सेना, जिसके पास आधुनिक शस्त्र थे, इस क्षेत्र में तैमूरी सेना को सेना ने दम नहीं लेने दिया। दिन भर युद्ध होते रहते थे। रात्रि को जहां तैमूरी सेना ठहरती थी वहीं पर सेना गुरिल्ला धावा बोलकर उनको उखाड़ देती थी। वीर देवियां अपने सैनिकों को खाद्य सामग्री एवं युद्ध सामग्री बड़े उत्साह से स्थान-स्थान पर पहुंचाती थीं। शत्रु की रसद को ये वीरांगनाएं छापा मारकर लूटतीं थीं। आपसी मिलाप रखवाने तथा सूचना पहुंचाने के लिए 500 घुड़सवार अपने कर्त्तव्य का पालन करते थे। इस प्रकार गुरिल्ला मार, रसद पर हमलों व् रसद न पहुंचने से तैमूरी सेना भूखी मरने लगी। इससे तंग आकर व् दरकिनार करने की कोशिश करते हुए तैमूर यहां से हरिद्वार की ओर बढ़ा।

*=== हरिद्वार युद्ध ===*
मेरठ से आगे मुजफ्फरनगर तथा सहारनपुर तक पंचायती सेनाओं ने तैमूरी सेना से भयंकर युद्ध किए तथा इस क्षेत्र में तैमूरी सेना के पांव न जमने दिये। प्रधान एवं उपप्रधान और प्रत्येक सेनापति अपनी सेना का सुचारू रूप से संचालन करते रहे। एक तरफ भारत माता की रक्षा करने वाले धर्मयुद्ध करने वाले, आत्म रक्षा के लिए लड़ने वाले रणबांकुरे यौद्धेय और वीरांगनाओं की सेना जो अपने प्रधान सेनापति के नेतृत्व में तैयार थी और दूसरी तरफ राक्षस रूपी तैमूर की खूनी और इंसानियत का सर्वनाश करने वाली लुटेरों की भीड़ रूपी सेना थी। उस से दो-दो हाथ करने को, भूखे भेडिए की तरह भयंकर रौद्र रूप धारण किए हुए थी जोगराज की वीर सेना।  बहादुर धर्म रक्षक सेना राक्षस तैमूर का मानमर्दन करने के लिए प्रतीक्षा कर रही थी। दोनों ओर से रण की धोषणा की प्रतीक्षा किए बिना घोर घमासान युद्ध तैमूर ने ही शुरू कर दिया। बस फिर क्या था। किसी विश्वमहायुद्ध सा विशाल व् भंयकर दृश्य पथरी रणक्षेत्र में प्रगट हो गया। कई दिन घोर घामासान युद्ध हुआ। 
हरिद्वार से 5 कोस दक्षिण में तुगलुकपुर-पथरीगढ़ (ज्वालापुर) में पंचायती सेना ने तैमूरी सेना के साथ तीन घमासान युद्ध किए:

सेना के 25,000 वीर यौद्धेय सैनिकों के साथ तैमूर के घुड़सवारों के बड़े दल पर भयंकर धावा बोल दिया जहां पर तीरों तथा भालों से घमासान युद्ध हुआ। इसी घुड़सवार सेना में तैमूर भी था। हरबीरसिंह ने आगे बढ़कर शेर की तरह दहाड़ कर तैमूर की छाती में भाला मारा जिससे वह घोड़े से नीचे गिरने ही वाला था कि उसके एक सरदार खिज़र ने उसे सम्भालकर घोड़े से अलग कर लिया। 
उसी समय प्रधान सेनापति जोगराज सिंह ने अपने 22000 मल्ल यौद्धेयओं के साथ शत्रु की सेना पर धावा बोलकर उनके 5000 घुड़सवारों को काट डाला। जोगराजसिंह ने स्वयं अपने हाथों से अचेत हरबीरसिंह को उठाकर यथास्थान पहुंचाया। परन्तु कुछ घण्टे बाद यह वीर यौद्धेय वीरगति को प्राप्त हो गया। जोगराजसिंह को इस यौद्धेय की वीरगति से बड़ा धक्का लगा।

युद्ध के कई मोर्चों पर वीरता से आगे बढ़ते हुए एक जगह हरिद्वार के जंगलों में तैमूरी सेना के 2805 सैनिकों के रक्षादल पर उपप्रधान सेनापति धूला धाड़ी वीर यौद्धेय ने 190 अति-बहादुर सैनिकों के साथ धावा बोल दिया। शत्रु के काफी सैनिकों को मारकर ये सभी 190 सैनिक एवं धूला धाड़ी अपने देश की रक्षा हेतु वीरगति को प्राप्त हो गये। 

तीसरे युद्ध में प्रधान सेनापति जोगराजसिंह ने अपने वीर यौद्धेयओं के साथ तैमूरी सेना पर भयंकर धावा करके उसे अम्बाला की ओर भागने पर मजबूर कर दिया। तथापि जोगराज सिंह स्वयं भी बुरी तरह जख्मी हो चूका था, परन्तु 45 संगीन घाव लगने पर भी अन्त तक होश में रह कर सेना का भली भांति संचालन करता रहा और वह वीर होश में रहा। पंचायती सेना के वीर सैनिकों ने तैमूर एवं उसके सैनिकों को हरिद्वार के पवित्र गंगा घाट (हर की पौड़ी) तक नहीं जाने दिया। तैमूर हरिद्वार से पहाड़ी क्षेत्र के रास्ते अम्बाला की ओर भागा। उस भागती हुई तैमूरी सेना का वीर सैनिकों ने अम्बाला तक पीछा करके उसे अपने देश हरयाणा से बाहर खदेड़ दिया तथा समस्त हरियाणा व हरिद्वार तक के क्षेत्रों को सर्वनाश से बचा लिया।

*=== वीरगति को प्राप्ति ===*

वीर सेनापति दुर्जनपाल अहीर मेरठ युद्ध में अपने 200 वीर सैनिकों के साथ दिल्ली दरवाज़े के निकट स्वर्ग लोक को प्राप्त हुये। जोगराज की मृत्यु कालांतर में रहस्य बनी रही, परन्तु एक लोकमत कहता है कि वीर यौद्धेय प्रधान सेनापति जोगराजसिंह गुर्जर युद्ध के पश्चात् ऋषिकेश के जंगल में स्वर्गवासी हुये थे।
वीर यौद्धेय हरबीरसिंह गुलिया पर शत्रु के 60 भाले तथा तलवारें एकदम टूट पड़ीं जिनकी मार से यह यौद्धेय अचेत होकर भूमि पर गिर पड़ा।इस युद्ध में केवल 5 सेनापति बचे थे तथा अन्य सब देशरक्षा के लिए वीरगति को प्राप्त हुये। 

इन युद्धों में तैमूर के ढ़ाई लाख सैनिकों में से हमारे वीर यौद्धेयओं ने 1,60,000 को मौत के घाट उतार दिया था और तैमूर की आशाओं पर पानी फेर दिया। जोगराज सेना के 35000 वीर एवं वीरांगनाएं देश के लिये वीरगति को प्राप्त हुए थे। इस युद्ध के बाद वीर जोगराज सिंह का क्या बना यह इतिहास के अन्धकारमय भू-गर्भ में छिपा पड़ा है। परन्तु आगे चल कर जोगराज सिंह के वंशजों ने लंढोरा जिला सहारनपुर में गुर्जर रियासत की स्थापना की जिसका विस्तार सहारनपुर से करनाल तक हुआ| 19वी सदी तक सहारनपुर को गुर्जरगढ कहा जाता था।

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पाकिस्तान में भी होगी नोटबंदी मोदी का मुरीद हुआ पाकिस्तान

मोदी की राह पर चला पाकिस्तान,भारत की तरह पाकिस्तान में भी होगी नोटबन्दी

भारत में नोट बंदी के प्रभाव से तो आप भली भाती परिचित है,नोट बंदी से भारत के लोगो को एक उम्मीद है कि इस कदम से आम लोगो को फायदा होगा तथा काला धन रखने वालो को चैन की नींद नहीं आएगी। माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के इस कदम को कई लोगो ने सराहा है,अब तो सरहद पार भी असर दिखने लग गया है,पाकिस्तान भी अब नोटबंदी  से प्रभावित होकर अपने देश में भी इसे लागु करने का प्रस्ताव लाया है।

पाकिस्तान की संसद ने नोटबंदी के प्रस्ताव को पारित किया

दरअसल सोमवार को पाकिस्तान की संसद ने नोट बंदी के प्रस्ताव को संसद में पारित कर दिया।जिसका मुख्य कारण पाकिस्तान में फ़ैल रहे भ्रस्टाचार को रोकना है।। इसके तहत पाकिस्तान की संसद ने पाकिस्तान में चल रहे 5000 रूपए के नोट को बंद करने का निर्णय लिया है।जिससे पाकिस्तान में भ्रस्टाचार को कम किया जा सके।।

मुस्लिम लीग के सीनेटर उश्मान सैफुल्लाह खान ने अपर हाउस में इस प्रस्ताव को पारित किया,जिसे पूर्ण बहुमत के साथ पारित कर दिया गया।


हालाँकि पाकिस्तान में नोट बंदी भारत की तरह तुरंत लागू नहीं होगी।। इसे चरण बद्ध तरीके से 3 से 4 सालो में लागू किया जा सकेगा।।

असल में कहने का मतलब सीधा - सीधा ये है कि पाकिस्तान ही नहीं पूरा World भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का मुरीद होता जा रहा
 है !
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जानिये लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत क्यों बने पीएम मोदी के फेवरेट


रावत 1978 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे।
33 साल पुरानी परंपरा को तोड़ जनरल विपिन रावत को थलसेना का प्रमुख बनाया है लेकिन आप जानतें है आखिर ऐसा क्यों किया गया और इसके पीछे क्या कारण है। जानकारों की माने तो लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंद हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की सेना में वरिष्ठता के आधार पर वरीयता नहीं दी गई है। चलिए आपको बतातें हैं क्यों आखरी लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत को पीएम मोदी भी इतना पसंद करते हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत 1978 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे
लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने म्यांमार में नगा आतंकियों के खिलाफ की गई सफल सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही सुर्खियों में आ गए थे
लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में की गई सर्जिकल स्टाइक में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है
लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत के पास चीन,पाकिस्तान और पुर्वोत्तर सीमा में घुसपैठ रोधी अभियानों में दस साल तक कार्य करने का बेहतरीन अनुभव है।
लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत के नेतृत्व में म्यांमार में घुसकर नगा आतंकी शिविरों को नष्ट किया गया था और 38 नगा आतंकीयो को मौत के घाट उतार दिया था।
आपको बता दें कि बिपिन रावत के पिता भी सेना में लेफ्टिनेंट जनरल थे। उनकी पढ़ाई लिखाई शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल में हुई। उसके बाद 1978 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून से ग्रेजुएशन किया और यहां उन्होंने स्वोर्ड ऑफ ऑनर हासिल किया। 1978 के दिसंबर में बिपिन रावत की सेना में एंट्री हुई और उनको गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन में जगह मिली। इसलिए माना जा रहा है कि वे दोनों सीमाओं की चुनौतियों से निपटने में सफल रहेंगे।
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1947 से आज तक का इनकम टैक्स जमा करो इनकम टैक्स अधिकारी कभी भी पूछ सकते हैं हिसाब

 1947 से आज तक का इनकम टैक्स जमा करो इनकम टैक्स अधिकारी कभी भी पूछ सकते हैं हिसाब इसे पढ़ते ही कुछ लोगों को शीघ्रपतन हो गया दिल क़पा देने वाली ख़बर मोदी ने कहा 1947 से आज तक का टैक्स जमा करवाओ वरना जेल जाओ

राजनीतिक पार्टियां को मिलने वाले डोनेशन और उस पर नोटबंदी का असर, वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं।

कल Reuters ने एक ट्वीट किया कि "सरकार ने राजनीतिक पार्टियों को पुराने नोट में चंदा/डोनेशन ले कर बैंक में जमा करने को इनकम टैक्स एक्ट में Exempt किया है" कुछ लोग इसे ये समझ बैठे की सरकार ने पोलिटिकल पार्टीज को 500-1000 के नोट लेने और बैंक में जमा करने की छूट दे दी है, जिबकी छूट सिर्फ टैक्स में है ना की नोटबंदी में ।
इसे पढ़ते ही कुछ लोगों को शीघ्रपतन हो गया, बोले तो Premature Ejaculation, ये वही लोग हैं जो डींगें तो बड़ी बड़ी हांकते पर किसी काम के नहीं, खैर ..
अब क्योंकि ट्विटर में शब्दों की सीमा है इसलिए एक ही ट्वीट में सारी जानकारी नहीं दी जा सकती और न ही डिटेल में बताया जा सकता है, तो Reuters का दूसरा ट्वीट आया की यह Exemption 8 नवम्बर से पहले के चंदे/ डोनेशन पर मान्य होगा ।

यानि जो नियम हम सब के लिए है वही राजनीतिक पार्टियों के लिए भी लागू रहेगा, जैसे हम और आप सिर्फ 8 नवम्बर से पहले 500-1000 के नोट ले सकते थे वैसे ही वे भी ले सकतीं हैं, और बैंक में जमा कर सकतीं हैं ।

संविधान के इनकम टैक्स एक्ट की धारा 13A में सभी पोलिटिकल पार्टीज़ को इनकम टैक्स से Exempt रखा गया है, यानि इन्हें कोई टैक्स नहीं देना होता, लेकिन फिर भी इन्हें हर साल आपकी ही तरह इनकम टैक्स रिटर्न भरने अनिवार्य है, अभी तक इस धारा में कितना चंदा/डोनेशन नगद लिया जा सकता है इसकी कोई सीमा तय नहीं थी, यानि अगर कोई पोलिटिकल पार्टी कहे की उसे 100 करोड़ का नगद चंदा मिला तो कानून सरकार को यह बात माननी पड़ती थी ।

कल मोदी सरकार ने इस लूपहोल पर शिकंजा कसते हुए लिमिट 20,000 कर दी, मलतब अब कोई भी दल 20000 से ज़यदा का नगद चंदा लेना नहीं दिखा सकता, अब सवाल उठता है पूरा ही बैन क्यों नहीं कर दिया, तो इसके लिए कानून में संशोधन करना पड़ता यानि फिर वही लोकसभा और राज्यसभा के चक्कर, जिबकी लिमिट तय करना पालिसी मैटर में आता है और सरकार इसके लिए Empowered है ।

तो कुछ समझ में आया मित्रों, जो चोरी का रास्ता खुल छोड़ा गया था 1947 के बाद से आज तक उस पर मोदी ने चौकीदार बैठा दिया है, और हर नगद चंदे का हिसाब जैसे की देने वाले का नाम पता इनकम टैक्स अधिकारी कभी भी पूछ सकते हैं ।

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नोटबंदी से आ सकता है भूकंप नोटबंदी में सबसे बड़ा घोटाला

कई नेता कह रहे हैं कि नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला है, कुछ लोग कह रहे हैं कि नोटबंदी से देश बर्बाद हो गया, कुछ लोग कह रहे हैं कि नोटबंदी से सैकड़ों लोग मर गए। सबसे बड़ा बयान कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने दिया, उन्होंने कहा कि नोटबंदी इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है, वह यह बात संसद में बोलेंगे तो भूकंप आ जाएगा और वहां मोदीजी बैठ नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि मोदी उनके सामने आने से डर रहे हैं, एक बार मोदी उन्हें मिल गए तो वे उन्हें पकड़कर समझा देंगे।

राहुल गाँधी ने एक बात तो माना कि उनकी सरकार में भी घोटाले हुए हैं और नोटबंदी देश का सबसे बड़ा घोटाला है, हम यह तो नहीं कह सकते कि नोटबंदी देश का सबसे बड़ा घोटाला है लेकिन इतना जरूर कह सकते हैं कि नोटबंदी देश में हुए सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफाश कर सकती है और यह घोटाला इतना बड़ा हो सकता है कि देश में सच में भूकंप आ सकता है, सभी के पैरों तले जमीन खिसक सकती है और पूरी की पूरी कांग्रेस पार्टी उसमें समा सकती है।

आप मालूम होगा कि RBI ने अब तक 1000 और 500 रुपये कीमत के 14 लाख करोड़ रुपये जारी किये थे, नोटबंदी के बाद आज तक 12 लाख करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। नोटबंदी के बाद 30 दिन बीते हैं और अभी भी पुराने नोट जमा करने के 20 दिन बाकी हैं। अब आप सोचिये, क्या अब केवल 2 लाख करोड़ रुपये ही जमा होने बाकी हैं। 20 हजार रुपये तो मेरे पास ही हैं। मैंने अब तक इसलिए पैसे जमा नहीं किये हैं क्योंकि मै भीड़ कम होने का इन्तजार कर रहा हूँ। मेरे जैसे कितने लोग होंगे जो भीड़ ख़त्म होने का इन्तजार कर रहे होंगे। मै इसलिए भी भीड़ खत्म होने का इन्तजार कर रहा हूँ क्योंकि मेरे अकाउंट में पहले से पैसे जमा थे और मेरा काम चल रहा है। मेरे जैसे कितने लोग होंगे जो अब तक अपना काम चला रहे होंगे और भीड़ ख़त्म होने या कम होने का इन्तजार कर रहे होंगे।

अब आप सोचिये, अगर RBI में 14 लाख करोड़ रुपये से ऊपर जमा हो गए तो क्या होगा, अगर 20 लाख करोड़ रुपये जमा हो गए तो क्या होगा, अगर 25 लाख करोड़ रुपये जमा हो गए तो क्या होगा। इस पांच लाख या 10 लाख करोड़ रुपये का हिसाब कौन देगा। क्या RBI बताएगा कि जब उसने केवल 14 लाख करोड़ रुपये जारी किये थे तो देश में 20 लाख करोड़ रुपये कहाँ से आ गए। अगर 20 लाख रुपये जमा हुए तो देश में 6 लाख करोड़ का घोटाला सामने आएगा और अगर 25 लाख करोड़  जमा हुए तो 11 लाख करोड़ रुपये का घोटाला सामने आएगा। पांच लाख करोड़ का घोटाला अबतक का देश का सबसे बड़ा घोटाला होगा।

जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक लाखों धनकुबेरों ने भी अपना कालाधन बैंकों में जमा नहीं किया है, अगर उन्होने सरकार को जुर्माना देकर अपना कालाधन जमा कर दिया और ऐसे लोगों ने 2-3 लाख करोड़ रुपये भी जमा कर दिए तो यह घोटाला और बड़ा हो सकता है।

 अब आप सोचिये, इस पांच-छह-सात लाख करोड़ रुपये के घोटाले का जिम्मेदार कौन होगा, जबकि.... मोदी सरकार को देश में आये 2 ही वर्ष हुए हैं, उन्होंने अब तक रुपये भी नहीं छापे होंगे, अब सवाल यह उठता है कि क्या बैंकों में नकली नोट जमा हुए हैं, ऐसा होना भी असंभव है क्योंकि बैंक वालों को नकली नोटों की पहचान होती है और वे एक एक नोटों को चेक करके रूपया जमा करते हैं। दूसरा प्रश्न यह उठता है कि क्या RBI ने एक ही सीरियल नम्बर के कई नोट छाप रखे थे। ऐसा क्यों किया गया था। क्या राजनीतिक फायदे के लिए ऐसा किया गया था। अगर ऐसा किया गया था तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। क्या इसका जिम्मेदार पूर्व कांग्रेस सरकार है। निश्चित तौर पर। क्या इसके जिम्मेदार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हैं। निश्चित तौर पर हैं। क्या इसके जिम्मेदार पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी हैं। निश्चित तौर पर हैं। क्या इसके जिम्मेदार पूर्व गवर्नर मनमोहन सिंह हैं। निश्चित तौर पर हैं।

अब आप सोचिये कि कांग्रेस ने नोटबंदी का आदेश वापस लेने के लिए पूरी ताकत क्यों लगा रखी है। सुप्रीम कोर्ट में दर्जनों वकीलों की फ़ौज क्यों लगा रखी है, सभी रचिकाओं की पैरवी कांग्रेस सांसद जो कि सुप्रीम कोर्ट में वकील भी हैं, क्यों कर रहे हैं। क्या नोटबंदी की पैरवी करने के लिए कांग्रेस वकील ही बचे हैं। सलमान खुर्शीद, कपिल सिब्बल, पी. चिदंबरम, अभिषेक मनु सिंघवी, विवेक तनखा, के.टी.एस. तुलसी जैसे धुरंधर कांग्रेसी वकील नोटबंदी का आदेश रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जी जान लगा दे रहे हैं।

क्या कांग्रेसी सांसदों को भी इस सबसे बड़े घोटाले के एक्सपोज होने का डर सता रहा है, निश्चित तौर पर डर सता रहा होगा वरना संसद में नोटबंदी पर चर्चा करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट में खुद ही याचिकाएं डलवा कर उसकी खुद ही पैरवी नहीं करते।

सिर्फ एक हफ्ते में पता चल जाएगा कि रिज़र्व बैंक में कितना रूपया जमा हुआ है, निश्चित तौर पर अगले एक हफ्ते में रिज़र्व बैंक में 20 लाख करोड़ रुपये जमा हो चुके होंगे और 6 लाख करोड़ रुपये का घोटाला सामने आ चुका होगा। आज भारतीय जनता पार्टी ने संसद में इसीलिए चर्चा से परहेज किया क्योंकि वे इस घोटाले के पर्दाफाश होने का इन्तजार कर रहे हैं। अगर बैंकों में 14 लाख करोड़ रुपये से एक भी रुपये ऊपर जमा हुए तो वे पूर्व कांग्रेस सरकार से पूछेंगे कि ये रुपये कहाँ से आ रहे हैं। आपने तो 14 लाख करोड़ रुपये ही छापे थे।

 अगर बैंकों में 20 लाख करोड़ रुपये जमा हुए तो मोदीजी कांग्रेस से पूछेंगे कि भैया ये 6 लाख करोड़ रुपये कहाँ से जमा हो गए आपने तो 14 लाख करोड़ ही छापे थे। अब आप पूरी पार्टी मिलकर इस 6 लाख करोड़ का हिसाब बताओ, वरना जेल में जाओ।

                   
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विदेशों में है खतरनाक लेकिन भारत में आकर बन जाती है हैल्दी

Nestle कंपनी खुद मानती है कि वे अपनी चाकलेट Kitkat मे बछड़े के मांस  मिलाकर बेचती है।

media ने कभी ये बताया ? की मद्रास high cout मे fair and lovely कंपनी पर जब case किया गया था ! तब कंपनी ने खुद माना था ! हम cream मे सूअर की चर्बी का तेल मिलाते है !

विक्स vicks नाम कि दवा यूरोप के कितने देशो मे ban है वहाँ इसे जहर घोषित किया गया है !पर भारत मे सारा दिन tv पर इसका विज्ञापन आता है !!

 life bouy न bath soap है न toilet soap  ये जानवरो को नहलाने वाला cabolic soap है यूरोप मे life boy से कुत्ते नहाते है !और भारत मे 9 करोड़ लोग इससे रगड़ रगड़ कर नहाते हैं !!

Health tonic बेचने वाली विदेशी कंपनिया  Boost, Complan, Horlics, Maltova, Protinx ,इन सबका delhi के all india institute (जहां भारत की सबसे बड़ी लैब है) वहाँ इन सबका test किया गया और पता लगा ये सिर्फ मुंगफली के खली से बनते है ! मतलब मूँगफली का तेल निकालने के बाद जो उसका waste बचता है !जिसे गाँव मे जानवर खाते है ! उससे ये health tonic बनाते है !!

अमिताभबच्चन का जब आपरेशन हुआ था और 10 घंटे चला था !तब डाक्टर ने उसकी बड़ी आंत काटकर निकाली थी ! और डाक्टर ने कहा था ये coke pepsi पीने के कारण सड़ी है ! और अगले ही दिन से अमिताभ बच्चन ने इसका विज्ञापन करना बंद कर दिया था और आजतक coke pepsi का विज्ञापन नहीं करता !

Media अगर ईमानदार है तो सबका सच एकसाथ दिखाये !!

आजकल बहुत से लोग हैं जिन्हें "पिज्जा" खाने में बड़ा मज़ा आता है

चलिये पिज्जा पर एक नज़र डालें पिज्जा बेचनेवाली कंपनियाँ

"Pizza Hut, Dominos, KFC, McDonalds, Pizza Corner, Papa John’s Pizza, California Pizza Kitchen, Sal’s Pizza"

ये सब कम्पनियॉ अमेरिका की है आप चाहे तो Wikipedia पे देख सकते हो.

Note:- पिज्जा मे टेस्ट लाने के लिये E-631 flavor Enhancer नाम का तत्व मिलाया जाता है वो सुअर के मॉस से बनता है आप चाहो तो Google पे देख लो।


 सावधान मित्रों अगर खाने पीने कि चीजों के पैकेटो पर निम्न कोड लिखे है तो उसमें ये चीजें मिली हुई है.

E 322 - गाय का मास
E 422 - एल्कोहोल तत्व
E 442 - एल्कोहोल तत्व ओर केमिकल
E 471 - गाय का मास ओर एल्कोहोल तत्व
E 476 - एल्कोहोल तत्व
E 481 - गाय ओर सुअर के मास ए संगटक
E 627 - घातक केमिकल
E 472 - गाय + सुअर + बकरी के मिक्स मांस के संगटक
E 631 - सुर कि चर्बी का तेल

● नोट - ये सभी कोड आपको ज्यादातर विदेशी कम्पनी जैसे :- चिप्स, बिस्कुट, च्यूईन्गम, टॉफी , कुरकुरे और मैगी आदि में दिखेगे l

● ध्यान दे ये अफवह नही बिलकुल सच है अगर यकीन नही हो तो इंन्टरनेट गुगल पर सर्च कर लो.

● मैगी के पैक पे ingredient में देखें , flavor (E-635 ) लिखा मिलेगा.
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सोनिया गाँधी भाग सकती हैं विदेश रोबर्ट वाड्रा ने किया इशारा

हाल ही में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी की सीबीआई द्वारा अगस्ता हेलीकाप्टर घोटाले में गिरफ्तारी हुई थी, उसी समय से कयास लगाये जा रहे थे की अब अगस्ता घोटाले में और कई लोगों से पूछताछ की जा सकती है.

इसी के बाद सीबीआई द्वारा की गई पूछताछ में एसपी त्यागी ने मनमोहन सिंह का नाम ले लिया है, इसके चलते अब सीबीआई कभी भी मनमोहन सिंह को पूछताछ के लिए बुला सकती है और इन सबके बीच सोनिया गाँधी के दामाद रोबार्ट वाड्रा से भी अब ऐसे संकेत मिलने लगे है .

जी हाँ आपको बता दें कि सोनिया गाँधी के दामाद रोबार्ट वाड्रा ने ट्वीटर पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि सोनिया गाँधी अचानक से बीमार हो गई है. और उनको अपना इलाज करवाने के लिये विदेश जाना पडेगा !

जबकि इसकी असली वजह अगस्ता हेलीकाप्टर घोटाला है क्यूँकी इसमें वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के बयानों के आधार पर काँग्रेस के बडे बडे नेताओं से पँछताछ होगी !

                   🅾Ⓜ🐅
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चाय और खाने के पैसे जेब से देते हैं मोदी, RTI का ख़ुलासा : कोई सरकारी फ़ोन नहीं


हम आपसे पूछते हैं  क्या आप सप्ताह में कम से कम एक छुट्टी भी लेते हैं ? हममें से ज़्यादातर लोगों का जवाब होगा हाँ लेनी ही पड़ती है रोज़ तो काम नहीं कर सकते ना । लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि
26 मई 2014 को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद से मोदी जी ने एक दिन भी छुट्टी नहीं ली है। इतना ही नहीं, वह दिन में कम से कम 16 घंटे काम में लगे रहते हैं ।

ध्यान रखिएगा कि ये सब बातें हम अपनी मर्ज़ी से बिलकुल नहीं कह रहे हैं बल्कि इन बातों का खुलासा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO ) ने सूचना का अधिकार (आर.टी.आई.) के तहत पूछे गए सवालों के जवाब में किया है । ये कोई बनी बनायी या सुनी सुनायी बात नहीं है ।

RTI  के तहत ये पूछा गया था कि पिछले 10 साल के समय में बने भारत के प्रधानमंत्रियों ने कितने दिन के आकस्मिक अवकाश और कितने दिन के रुग्णावकाश लिए हैं पर PMO ने जो जवाब दिया उसमें केवल मोदी जी के बारे में ही बताया गया, उसमें मनमोहन सिंह जी का कोई DATA नहीं मिल पाया। PMO के जवाब में कहा गया कि पीएम मोदी ने अभी तक किसी तरह की कोई छुट्टी नहीं ली है । बता दें कि RTI में यह भी पूछा गया था कि क्या PM मोदी का काम करने का कोई खास वक्त है तो उसका जवाब ये आया कि वह हर वक्त काम पर रहते हैं ।

ग़ौरतलब हो कि RTI के तहत दिए गए जवाब ओफ़्फ़िसियल काग़ज़ात होते हैं कोई केजरीवाल टाइप आदमी ये ना सोचे कि PMO तो मोदी का ही है वो तो कुछ भी बोल सकते हैं  ।

अन्य सवाल के जवाब में PMO ने बताया कि सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहने वाले मोदी जी अपने निजी ट्विटर और फेसबुक खाते खुद ही चलाते हैं। लेकिन उनके आधिकारिक सोशल मीडिया के पेज और अकाउंट  ख़ुद PMO देखता है। पूछने वाले ने ये भी पूछा था कि प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक ट्विटर और फेसबुक खाते कौन -कौन से अधिकारी संभालते हैं और उन्हें इस बात का कितना वेतन मिलता है। जवाब मिला कि कोई खास अधिकारी की नियुक्ति इसके लिए नहीं है और विभिन्न अधिकारी उन खातों को अपडेट करते रहते हैं। लेकिन PMO ने यह नहीं बताया कि जापानी, चीनी, रूसी और कोरियाई जैसी विदेशी भाषाओं में फटाफट ट्वीट करने में मोदी जी की मदद कौन करता है । ये भी हो सकता है कि इसके लिए PMO और मोदी जी GOOGLE TRANSLATER की मदद लेते हों !

और सुनिए सबसे चोकने वाली बात ये है कि पीएमओ ने जैसा बताया उसके अनुसार –  प्रधानमंत्री और उनके अधिकारी 34 एमबीपीएस रफ्तार वाला इंटरनेट और वाई-फाई इस्तेमाल करते हैं लेकिन अगर आपको लगता है कि प्रधानमंत्री को सरकारी मोबाइल फोन मिला है तो आप गलत हैं। PMO के मुताबिक मोदी जी के पास कोई सरकारी मोबाइल फोन नहीं है लेकिन उनके इंटरनैट का खर्च उनके फोन बिल का हिस्सा है और उसका अलग से कोई भी ब्योरा नहीं रखा जाता ।

यही नहीं आरटीआई के तहत यह भी पूछा गया कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए जो रसोई गैस, सब्जियां और मसाले इस्तेमाल होते हैं, उन पर कितना खर्च होता है। जवाब में PMO ने कहा, ‘ रसोई के खर्च प्रधानमंत्री मोदी स्वयं उठाते हैं और ये उनके व्यक्तिगत खर्च होते हैं और वे सरकार के खाते से इसके लिए एक रुपया भी नहीं लेते। इन सबके बात हम भी एक बात देश के नेताओं और Hindutva info के पाठकों के समक्ष रखना चाहते हैं क्या और कोई नेता ऐसा कर सकता है या करता है ?

आम आदमी का ढोंग करने वाले लोग अपनी मनमानी तनख़्वाह बढ़ा लेते हैं , ममता बनर्जी जैसे नेताओं की पेंटिग दो करोड़ में बिकती है और राहुल गांधी की तो बात ही छोड़ दो । मोदी जी ने बचपन से देश के ख़ातिर घर छोड़ दिया था , वे PM हैं और चाहें तो दूसरों की तरह अपनी ख़ुद की खाँसी ठीक करवाने , विप्शना के लिए सरकारी ख़ज़ाने से पैसा ले सकते हैं पर वे तो उनको ख़ुद को मिले सारे देसी विदेशी गिफ़्ट भी नीलाम करकेदेश सेवा में लगा देते हैं और ऐसा वे तब से करते हैं जब पहली बार गुजरात के CM बने थे। ऐसे हैं अपने मोदी जी ।
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धोखेबाज है राजस्थान की सी.एम. वसुन्धरा राजे

 धोखेबाज है राजस्थान की सी.एम. वसुन्धरा राजे

 राजस्थान में गुर्जर आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कानून-अधिसूचना को असंवैधानिक बताते हुए किया रदद्

राजस्थान में गुर्जर आरक्षण मामले को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।  अदालत ने गुर्जरों को आरक्षण का प्रावधान किये जाने के लिए बनाये गए एसबीसी आरक्षण कानून को रद्द करने के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने गुर्जरों सहित पांच जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग श्रेणी में 5 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए साल 2015 में एसबीसी आरक्षण कानून बनाया था।  गुरुवार को जस्टिस मनीष भंडारी की बेंच में हुई सुनवाई में अदालत ने इस कानून और इसके लिए जारी की गई अधिसूचना को असंवैधानिक बताते हुए इसे रद्द कर दिया।

राजस्थान सरकार ने गुर्जरों को पहली बार साल 2008 में एसबीसी की अलग से श्रेणी बनाते हुए 5 प्रतिशत का आरक्षण दिया था।  इससे राज्य में कुल आरक्षण 49 से बढ़कर 54 प्रतिशत हो गया था।  इसके बाद 2009 में हाईकोर्ट ने 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण देने पर रोक लगा दी थी।

साल 2010 में हाईकोर्ट ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को आरक्षण पर पुर्नविचार के निर्देश दिए और फिर साल 2012 में पिछड़ा वर्ग आयोग ने गुर्जरों सहित पांच अन्य जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग में माना व 5 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की। इसपर सरकार ने एसबीसी श्रेणी में गुर्जरों सहित पांच जातियों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने की अधिसूचना जारी कर दी।  जनवरी 2013 में हाईकोर्ट ने फिर से 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण देने पर रोक लगा दी। 2015 में सरकार ने विशेष पिछड़ा वर्ग को पांच प्रतिशत आरक्षण देने के लिए नया कानून बनाया और पारित करवाकर लागू कर दिया। इसी नए कानून को कैप्टन गुरविंदर सिंह व समता आंदोलन समिति ने चुनौती दी है। इसमें कहा है संविधान के अनुसार आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन नहीं हो सकता। यह सीमा शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर भी लागू होती है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्ययन रिपोर्ट पहले से ही सोची समझी थी। जबकि हाईकोर्ट ने 22 दिसंबर,2010 के आदेश में संपूर्ण आरक्षण व्यवस्था का रिव्यू करने को कहा था।

माननीय न्यायालय के फैसले का गुज॔र समाज सम्मान करता है पर साथ ही अनुरोध भी करता हैं कि कुछ सवालों के माध्यम से -

1. क्या जाट व मीणा समाज को अब आरक्षण देना न्याय है?
2. क्या scव st को हर दस वर्षों बाद आरक्षण बढाना न्याय है?
3 क्या कलेक्टर के बेटे को आरक्षण मिले यह न्याय है?
4 क्या भारत में कहीं भी 50%से आरक्षण की सीमा ज्यादा नहीं?
5 यदि यह सब भारत देश में हो रहा हैं तो sbc के साथ क्यों नहीं?

माननीय न्यायालय से निवेदन करता हूँ कि आप sbc वर्ग के साथ न्याय करे साथ ही सरकार से अनुरोध करता हूँ कि आप sbc आरक्षण की बात पुनजोर तरीके से रखे । या अध्यादेश लाकर आरक्षण जारी रखें ताकि हमेशा के लिए sbc वर्ग का दिल जीत सको नहीं तो इतिहास की किताब के पन्ने कम पड़ जायेंगे।
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