राजस्थान का नवीनतम सामान्य ज्ञान प्रश्न उत्तर pdf, राजस्थान जीके

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1. ‘राजरत्नाकर’ के लेखक थे
सदाशिव

2. यह महल मात्र एक खम्भे पर खड़ा होने से ‘एक खम्भा महल’ कहलाया था। इस आश्चर्यजनक रचना को कहां देखा जा सकता है ?
मंडोर

3. राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान कहां स्थित है ?
जोधपुर  राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान की स्थापना जोधपुर में सन् 1950 में की गई थी।

4. राजस्थान द्वारा उत्पादित ऊर्जा में तापीय विद्युत के बाद दूसरा स्थान है
जल विद्युत का

5. ‘राजस्थान संगीत’ नामक पुस्तक के लेखक
सागरमल गोपा

6. सटका शरीर के किस अंग का आभूषण है ?
कमर

7. यूनिट ट्रस्ट का आरम्भ किस वर्ष में हुआ था?
1964

8. ‘अनहैप्पी इण्डिया’ के लेखक कौन हैं?
लाला लाजपत राय

9. प्राचीन सभ्यता ‘गिलूण्ड’ के अवशेष किस नदी के किनारे और किस जिले में मिले है ?
बनास, राजसमन्द
आघाटपुर-आयड़ सभ्यता का एक महत्वपूर्ण स्थान राजसमन्द जिले में गिलूण्ड है जो बनास नदी के तट पर बसा है। इस स्थान का उत्खनन सन् १९५९-६० में श्री बी.बी. लाल के निर्देशन में हुआ। तीसरा महत्वपूर्ण स्थान है बालाथल जो उदयपुर जिले के वल्लभनगर तहसील में स्थित है। यह उदयपुर से उत्तर पूर्व लगभग ४० किलोमीटर दूर है जिसका उत्खनन श्री बी.एम. मिश्र के निर्देशन में १९९३-९४ में हुआ। यह टीला बालाथल गांव के पास है जो तीन हेक्टर क्षेत्र में फैला है। इस टीले का उत्तरी आधा भाग सुरक्षित है तथा दक्षिणी आधा भाग एक स्थानीय कृषक द्वारा समतल कर दिया गया है और इस पर खेती होती है।

10. किस देवता को कन्दर्प के नाम से भी जाना जाता है?
कामदेव

1846 - सोबराओन का युद्ध - ब्रिटिश सेना द्वारा सिक्खों की हार यह भारत में प्रथम सिक्ख युद्ध था ।
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हर्षवर्धन की उपलब्धियां, हर्षवर्धन की राजधानी, हर्ष चरित, वर्धन साम्राज्य

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हर्षवर्धन पुष्यभूति राजवंश से संबंध रखता था जिसकी स्थापना नरवर्धन ने 5वीं या छठी शताब्दी ईस्वी के आरम्भ में की थी। यह केवल थानेश्वर के राजा प्रभाकर वर्धन (हर्षवर्धन के पिता) के अधीन था। पुष्यभूति समृद्ध राजवंश था और इसने महाराजाधिराज का खिताब प्राप्त किया था। हर्षवर्धन 606 ईस्वी में 16 वर्ष की आयु में तब सिंहासन का उत्तराधिकारी बना था जब उसके भाई राज्यवर्धन की शशांक द्वारा हत्या कर दी गयी थी जो गौड और मालवा के राजाओं का दमन करने निकला था। हर्ष को स्कालोट्टारपथनाथ के रूप में भी जाना जाता था। सिंहासन पर बैठने के बाद उसने अपनी बहन राज्यश्री को बचाया और एक असफल प्रयास के साथ शशांक की तरफ बढा था।

अपने दूसरे अभियान में, शशांक की मौत के बाद, उसने मगध और शशांक के साम्राज्य पर विजय प्राप्त की थी। उसने कन्नौज में अपनी राजधानी स्थापित की। एक बड़ी सेना के साथ, हर्षवर्धन ने अपने साम्राज्य को पंजाब से उत्तरी उड़ीसा तथा हिमालय से नर्मदा नदी के तट तक विस्तारित किया।  उसने नर्मदा से आगे भी अपने साम्राज्य को विस्तारित करने की कोशिश की लेकिन ऐसा करने में वह विफल रहा था। उसे बादामी के चालुक्य राजा पुलकेसिन द्वितीय के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।  बाणभट्ट द्वारा लिखित “हर्षचरित्र” हर्ष की अवधि में एक सफल दस्तावेज के रूप में मौजूद है। चीनी विद्वान ह्वेनसांग जिसने हर्ष के शासन के दौरान यहा का दौरा किया था, की रचनाओं में भी हर्ष और हर्ष की अवधि के दौरान के भारत, के बारे में काफी विस्तार से वर्णन किया गया है। 647 ईस्वी में हर्षवर्धन की मृत्यु के साथ ही उसके साम्राज्य का भी अंत हो गया।
वर्धन वंश की नींव छठी शती के प्रारम्भ में पुष्यभूतिवर्धन ने थानेश्वर में डाली। इस वंश का पाँचवा और शक्तिशाली राजा प्रभाकरनवर्धन (लगभग 583 – 605 ई.) हुआ था। उसकी उपाधि ‘परम भट्टारक महाराजाधिराज’ थी। उपाधि से ज्ञात होता है कि प्रभाकरवर्धन ने अपना स्वतन्त्र राज्य स्थापित कर लिया था।

    बाणभट्टद्वारा रचित ‘हर्षचरित‘ से पता चलता है कि इस शासक ने सिंध, गुजरात और मालवा पर अधिकार कर लिया था।
    गांधारप्रदेश तक के शासक प्रभाकरवर्धन से डरते थे तथा उसने हूणों को भी पराजित किया था।
    राजा प्रभाकरवर्धन के दो पुत्रराज्यवर्धन, हर्षवर्धन और एक पुत्री राज्यश्री थी।
    राज्यश्री काविवाह कन्नौज के मौखरी वंश के शासक गृहवर्मन से हुआ था। उस वैवाहिक संबंध के कारण उत्तरी भारत के दो प्रसिद्ध मौखरी और वर्धन राज्य प्रेम-सूत्र में बँध गये थे, जिससे उन दोनों की शक्ति बहुत बढ़ गई थी।
    ‘हर्षचरित’ से ज्ञात होता है कि प्रभाकरवर्धन ने अपनी मृत्यु से पहले राज्यवर्धन को उत्तर दिशा में हूणों का दमन करने के लिए भेजा था। संभवत: उस समय हूणों का अधिकार उत्तरीपंजाब और कश्मीर के कुछ भाग पर ही था।
    शक्तिशाली प्रभाकरवर्धन का शासन पश्चिम मेंव्यास नदी से लेकर पूर्व में यमुना तक था।
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दुधारू पशु की अच्छी नस्ल, गीर साहीवाल गाय कहा मिलेगी, गाय दूध बढाना के बारे मे जानकारी

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गाय-भैंस की खरीदारी करते समय कुछ विशेष जानकारी होना आवश्यक हो जाता है। दुधारू पशु की खरीद में बहुत बड़ी पूंजी खर्च होती है और इनके अच्छे गुणों के ऊपर ही डेयरी व्यवसाय का भविष्य निर्भर करता है।

बाह्य आकृति के आधार पर हाट या मेले में जहां पशुओं की जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, वहाँ पर दुधारू पशुओं का चनाव, उनकी परन्तु अच्छी गुणवत्ता के पशुओं का उत्पादन, उनमें पाये जाने वाले अनुवंशीय गुणों पर आधारित होता है

अच्छी नस्ल के पशु कहा से ख़रीदे उसके लिए हम इन विकल्प का उपयोग कर सकते है।

पशु हाट पशु मेले - आप अगर पशु जैसे गाय बेल बकरी भैस आदि खरीदना चाहते है। तो पहले अपने क्षेत्र के पशु हाट में तलाश करे अगर आपको जिस तरह की नस्ल का पशु चाहिए वो उस हाट में मिल जाता है।
बिहार के सोनपुर पशु मेला
राजस्थान का पुष्कर पशु मेला
नागौर का पशु मेला
कोलायत पशु मेला
नागपुर का पशु मेला
आगरा का पशु मेला
झालावाड़ पशु मेला

साहिवाल जाती की गाये प्राय पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली मध्यप्रदेश के पशु हाट पशु मेलों से ख़रीद सकते है।

पशु विक्रय केंद्र

भारत में इसी कई बड़ी गो शालाए है जहा अच्छी नस्ल की गाय और अन्य पशु वहा आपको उपलब्ध हो जायेगे
आप गिर गाय खरीदने के लिए गुजरात की गो शाला में सम्पर्क कर सकते है

गाय खरीदने बेचने के लिए
अच्छी नस्ल के दुधारू पशु की खरीदी बिक्री के लिए अभी भारत सरकार ने भी इस  और कदम बढ़ाया है। कृषि मंत्री श्री राधा मोहन जी ने ई पशु हाट पोर्टल की शुरुआत करी है। इस नई webside www.epashuhaat.gov.in के जरिये विभिन्न नस्ल की गाय भैस और उनके भूण आदि प्राप्त किये जा सकते है।
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जगन गुर्जर डाकू जगन गुज्जर परिवार पत्नी बच्चे

पढ़िए जगन गुज्जर के बारे में ओर शेयर करिये।

धौलपुर।चंबल के बीहड़ों ने अनेक डाकुओं को आबाद किया। उन्हीं से एक है जगन गुर्जर। करीब 2 दर्जन हत्या के अारोपी जगन ने एक बार तो वसुंधरा राजे के धौलपुर पैलेस को उड़ाने की धमकी दे दी थी। इसके बाद राज्य में उसको पकड़ने की पहल तेज हो गई और उसके सिर पर 11 लाख का इनाम रखा गया। वसुंधरा राजे पर इसलिए नाराज था

पुलिस ने जगन के भाई लाल सिंह को लंबे अरसे की कोशिश के बाद हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। जगन का छोटा भाई पप्पू सिंह अभी भी पुलिस के गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में आपको डर का पर्याय रहे जगन डाकू

-गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान जगन गुर्जर ने भी आंदोलन का साथ दिया था। उस वक्त गुर्जर समुदाय में सीएम वसुंधरा को लेकर काफी रोष था।
-जब आरक्षण पर बात नहीं बनी तब जगन गुस्से लाल हो गया और वसुंधरा के धौलपुर पैलेस को उड़ाने की ठान ली थी।

जगन ने जब किया बीहड़ का रुख

- जगन ने वर्ष 1994 में बंदूक उठाकर बीहड़ में कदम रखा था। बाद में उसकी पत्नी और 4 भाई भी गैंग में शामिल हो गए।
-आत्मसमर्पण करते समय जगन की गैंग में 25 सदस्य थे।
-इधर जगन के डर से उसके गांव में पिछले एक दशक में कोई शादी नहीं हुई।
-उसके पिता गांव छोड़कर चले गए और गांव करीब-करीब खाली हो गया।
-वर्ष 2010 में जगन के बड़े भाई की बेटी की जिसे जगन ने गोंद ले लिया था,उसकी शादी हुई और उस शादी में जगन जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचा था।
-लंबे अरसे के बाद गांव में कोई मांगलिक कार्यक्रम हो रहा था।
-लोग शादी देखने नहीं बल्कि जगन को देखने आए थे।
-जगन ने बेटी के हाथ पीले करने के बाद अपराध की दुनिया से तौबा कर ली। फिलहाल वह जेल में है।
जगन गुर्जर के खिलाफ राजस्थान,मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश में 72 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 24 से ज्यादा हत्या के हैं।

बीहड़ में हुआ था बेटे का जन्म

-जगन की पत्नी कोमेश देवी भी उसके साथ बीहड़ों में रहती थी।
-वहीं जगन की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया था।
-फिलहाल जगन के दो बेटे हैं।

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आरक्षण का विरोध Protest against Reservation

जो आरक्षण का विरोध कर रहे है वो यह लेख जरुर पढे.

जो आरक्षण की वजह से जॉब नही मिल रही वो अवश्य जानले कि तुम्हारी जॉब कोण हडप रहा है.

"आरक्षण - जिसकी जितनी संख्या भारी,
देश का SC/ST/OBC समाज जिनकी संख्या (87.5%) है वो अब जाग गया है

भारत में लोकतंत्र लागू है पर इन 66 वर्ष में सरकारों ने यहां ब्राह्मणतंत्र स्थापित कर लिया है, ये रहे सबूत

(1) राष्ट्रपति - प्रणव मुखर्जी - ब्राह्मण
(2) प्रधानमंत्री - नरेंद्र मोदी - धनिया
(3) ग्रहमंत्री - राजनाथ सिंह - ठाकुर
(4) विदेशमंत्री - सुषमा स्वराज - ब्राह्मण
(5) वित्तमंत्री - अरूण जेटली - ब्राह्मण
(6) रक्षामंत्री - मनोहर पारीकर - ब्राह्मण
(7) सड़क एवं परिवाहन मंत्री - नितिन गडकरी - ब्राह्मण
(8) महिला एवं बालविकास मंत्री - मेनका गांधी - वैश्य/धनिया
(9) लोकसभा स्पीकर - सुमित्रा महाजन - ब्राह्मण
(10) प्रधानमंत्री के मुख्यसचिव - न्रपेंद्र मिश्रा - ब्राह्मण

(11) राष्ट्रपति कार्यालय में कुल 49 अधिकारी काम करते है. जिनमें SC/ST/OBC के होने थे 32, जबकि है केवल 0.
सामान्य के होने थे 7, जबकि है 49.

(12) प्रधानमंत्री कार्यालय में कुल 53 अधिकारी काम करते है, जिनमें SC/ST/OBC के होने थे 34, जबकि हैं केवल 0.
सामान्य के होने थे 8, जबकि है 53.

(13) विदेशी दूतावास में कुल 140 अधिकारी काम करते हैं, जिनमें SC/ST/OBC के होने थे 91, जबकि है केवल 0,
सामान्य के होने थे 21 , जबकि है 140.

(14) भारत सरकार में कुल 84 सचिव हैं, जिनमें SC/ST/OBC के होने थे 55, जबकि है केवल 0. सामान्य के होने थे 13 , जबकि है 84.

(15) भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में कुल 27 मंत्री हैं. जिनमें SC/ST/OBC के होने थे 18 , जबकि है केवल 1,
सामान्य के होने थे 4, जबकि है 20.

टाप 10 मंत्रीयों में सो एक भी ओबीसी नहीं.

(16) भारत में कुल 4657 आई.ए.एस. हैं. जिनमें ओबीसी के होने थे 3027, जबकि हैं केवल 655. सामान्य के होने थे 699, जबकि है 2993.

(17) देश के 18 राज्यों के हाईकोर्ट में कुल 481 जज हैं, जिनमें ओबीसी के होने थे 313, जबकि हैं केवल 36. सामान्य जाति को होने थे 72, जबकि है 426.

(18) मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट में कुल 30 जज हैं. जिनमें से SC/ST/OBC के होने थे 20, जबकि है केवल 0. सामान्य जाति के होने थे 5 , जबकि है 30.

(19) भारत के सुप्रीम कोर्ट में कुल 23 जज हैं. जिनमें ओबीसी के होने थे 15, जबकि हैं केवल 0. सामान्य जाति के होना थे 3, जबकि हैं 23.

(20) भारत के 46 विश्वविद्यालयों में कुल 108 कुलपति हैं . जिनमें ओबीसी के होने थे 70, जबकि है केवल 0. सामान्य के होने थे 16, जबकि है 108

(21) बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU ) में कुल 670 प्रोफेसर हैं, जिनमें ओबीसी के होने थे 435, जबकि हैं केवल 0. सामान्य जाति के होने थे 100, जबकि हैं 670.

(22) दिल्ली विश्वविद्यालय ( DU) में  कुल 249 प्रोफेसर हैं. जिनमें ओबीसी के होने थे 162, जबकि हैं केवल 0. सामान्य जाति के होने थे 37, जबकि हैं 249.

(23) जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में कुल 470 प्रोफेसर हैं. जिनमें से ओबीसी के होने थे 305, जबकि हैं केवल 2. सामान्य जाति के होने थे 70, जबकि हैं 426.

(24) आई.आई.एम. लखनऊ में कुल 40 प्रोफेसर हैं, जिनमें से ओबीसी के होने थे 26, जबकि हैं केवल 1. सामान्य जाति के होने थे 6, जबकि है 30.

(25) भारत सरकार के कार्मिक मंञालय की रिपोर्ट 13 फरवरी 2012 के अनुसार दिनांक 01/12/10 तक विभिन्न वर्गों की नौकरी में संख्या और प्रतिनिधित्व निम्न है.

प्रथम श्रेणी में  :-
वर्ग.     संख्या    आरक्षण अस्तित्व मे
Open (12.5%) - 0%     75.5%,
OBC   (65%) - 27%      8.4%
SC/ST(22.5%)22.5%   16.1%

द्वितीय श्रेणी में :- आरक्षण अस्तित्व
Open (12.5%) - 0%    82.2%,
OBC    (65%) - 27%     6.1%
SC/ST(22.5%)22.5%   11.7%

तीसरी श्रेणी में :- आरक्षण अस्तित्व
Open (12.5%) - 0%  71.9%
OBC  (65%) - 27%  14.8%
SC/ST(22.5%)22.5% 13.3%

चतुर्थ श्रेणी में :- आरक्षण अस्तित्व
Open (12.5%) - 0%         69%
OBC (65%) - 27%        15.2%
SC/ST(22.5%) 22.5%  15.8%

(26) देश के उद्योग जगत की विभिन्न कंपनियों के बोर्ड मेम्बरों की स्थिति निम्न हैं.
Gen -12.5% -  है -92.6%
Sc/St-22.5%- है -3.5%
OBC- 65% -   है-3.8%

(29) देश में आरक्षण की स्थिति :-

वर्ग.      संख्या   आरक्षण
Sc -   15% -    15%
St -    7.5% -   7.5%
Obc-  65%  -   27%

(30) मध्यप्रदेश में वर्तमान में आरक्षण की स्थिति :-

वर्ग.      संख्या      आरक्षण
एससी -  15%   -  15%
एसटी -   20%   - 20%
ओबीसी- 65%   - 14%

जबकि ओबीसी को केरल में 40%, बिहार में 34%, कर्नाटका में 32% और महाराष्ट्रा में 32% आरक्षण है.

(31) सवर्णों का नौकरी में 79% हिस्सा होने के बाद भी हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने संविधान के विरूद्ध जाकर उन्हे 14% आरक्षण दिया है.

(33) संविधान द्वारा गठित मंडल कमीशन ने SC/ST/OBC के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण दिया, परन्तु सुप्रीमकोर्ट ने 16 नबम्वर 1992 को फैसला देकर उस पर रोक लगा कर  धोका किया है.

(33) हाल ही में गुजरात, राजस्थान और उ.प्र. हाईकोर्ट ने तथा सुप्रीमकोर्ट ने आरक्षण के संबंध में संविधान के विरूद्ध फैसले दिये हैं. इससे लगता है कि लोकतंत्र , संविधान और आरक्षण बड़े खतरे में है.

(34) 100 दिन के लिये मुझे सत्ता दे दो. यदि काला धन वापस नहीं ला पाया तो मुझे फांसी दे देना -- नरेंद्र मोदी -- 3 फरवरी 2013

(35) 3% ब्राह्मण, जो ग्राम पंचायत का चुनाव भी नहीं जीत सकता है वो देश की पंचायत ( संसद) पर कब्जा जमायें बैढ़ा है..

(36) सरकारी विद्यालयों का निजीकरण नहीं बल्कि निजी विद्यालयों का राष्ट्रीयकरण होना चाहिये.

(37) पाकिस्तान में पेट्रोल 26 रू. लीटर है तो भारत में 78 रू. लीटर क्यों ?

(38) संस्क्रत से पी.एच.डी. किया हुआ एक ओबीसी को मंदिर में पूजा करवाने का अधिकार नहीं है, लेकिन एक पांचवी फेल ब्राह्मण को सभी अधिकार है , क्यों ? 5000 सालो से चला से चला आ रहा ये कैसा आरक्षण है ?

(39) देश के 4 बड़े मंदिरों में प्रतिदिन 8 करोंड़ रू.की चढौत्री आती है. इस पर 100% अधिकार ब्राह्मणों का ही क्यों ? मंदिरों की संपत्ति देशवासियों में बाट दी जाये तो सभी करोड़पति हो जायें.

(40) म.प्र. सरकार पर 125 हजार करोड़ का कर्ज है. प्रत्येक व्यक्ति पर 12000 रू.है.

(41) अमेरिका देखा, पेरिस देखा, और देखा जापान .
कनाडा देखा, चाईना देखा, सब देखा मेरी जान..

मगर न देखी उजड़ी खेती, और मरता किसान ......

(42) किसान प्रेम प्रसंग के कारण आत्महत्या कर रहें - राधामोहन सिंह - केंद्रीय क्रषिमंत्री

(43) म.प्र. में किसानों की फसल का 2136 करोड़ का बीमा हुआ. 141 करोड़ रू. की प्रीमियम कंपनी को दी गई. जब किसानों को मुआबजा देने की बारी आई तो केवल 1.65 करोड़ रू ही क्यों  दिये गये ??

(44) केंद्र की पिछली सरकार में क्रषि बजट 20,208 करोड़ रू. था, मोदी सरकार ने 13,523 करोड़ रू. कर दिया. कटौती - 7685 करोड़ रू. की.

(45) भारत में एक दिन में 46 किसान आत्महत्या करते है.
1995 से 2013 के बीच 2,96,438 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

(46) भारत सरकार के स्वास्थ बजट में पिछली सरकार में 35,163 करोड़ रू. का प्रावधान था. इस बार मोदी सरकार ने 29,653 करोड. रू. का प्रावधान किया है. कटौती - 5510 करोड़ रू.की.

(47) पुलिस सुधार फंड में 1500 करोड़ की कटौती.

(48) इस सरकार नें एससी/एसटी के बजट में 32000 करोड़ की कटौती की है.

(49) करदाताओं के पैसे पर मौज कर रहे है उद्योगपति- रघुराज रंजन - गवर्नर भारतीय रिजर्व बैंक.

(50) देश में प्रतिवर्ष 35 लाख युवा ग्रेजुएट होते है, तथा 65 लाख युवा 12 वीं पास करते हैं. परन्तु सरकार ने 30 लाख जॉव की छटनी की है.

(53) अर्जुन सेन गुप्ता कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार :- देश में 29 करोड़ लोग भुखमरी के शिकार हैं, 83 करोड़ लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन जी रहे हैं.

लेख की साम्रगी - विभिन्न समाचार पत्रों, मंडल आयोग की रिपोर्ट, लोकसभा में लगाये प्रश्न, आर.टी.आई.,विभिन्न कमीशनों की रिपोर्ट और विभिन्न लेखकों की पुस्तकों पर आधारित है
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200 रुपये का नोट भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 200 Rupees currency Note soon

2,000 रुपये के नोट बाद अब आपको जल्द ही 200 रुपये का नोट भी देखने को मिल सकता हैं. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 200 रुपये का नोट लाने की तैयारी में है, लेकिन नई मुद्रा को छापने के लिए अभी मंजूरी मिलने का इंतजार है.

सूत्रों के मुताबिक आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 200 रुपये के नोट छापने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह कदम नकली मुद्रा और काले धन के खिलाफ सरकार की मुहिम के रूप में देखा जा रहा है. साथ ही आरबीआई ने 1,000 रुपये के नोट को भी छापने की मंजूरी दी है. बता दें कि सरकार ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के तहत 500 और 1000 के पुराने नोट को चलन से बाहर कर दिया था.
सूत्रों के मुताबिक, 200 रुपये का यह नोट नए और खास सिक्योरिटी फीचर्स से लैस होगा, जिसे कॉपी करना आसान नहीं होगा. इतना ही नहीं सूत्रों के मुताबिक नकली नोट को रोकने के लिए हर 3 से 4 साल में नोट के सिक्योरिटी फीचर बदलने की भी तैयारी है.
आरबीआई जल्द ही 10 रुपये के प्लास्टिक के नोट को फिल्ड ट्रायल के लिए जारी करेगी. पिछले महीने लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने बताया था कि देश के 5 हिस्सों में प्लास्टिक मुद्रा के फिल्ड ट्रायल का निर्णय लिया गया है.
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मेहंदीपुर बालाजी मोबाइल नंबर सवामणी धर्मशाला होटल यात्री निवास गेस्ट हाउस | Mehandipur Balaji Hotel Booking Phone Number, Sawamani Booking Counter No.

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मेहंदीपुर बालाजी के तीन देव - श्री बालाजी महाराज, श्री प्रेतराज सरकार और श्री कोतवाल (भैरव)

मेहंदीपुर बालाजी हनुमान जी का प्रषिद्ध तीर्थ स्थान है। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर दौसा जिले की सीमा पर राजस्थान में है।

मन्दिर जयपुर से सड़क मार्ग द्धारा 100 किलोमीटर दूर है। यात्रियों के रुकने के लिए बालाजी मैं धर्मशाला होटल यात्री निवास गेस्ट हाउस बने हुए हैं।

धर्मशाला होटल बुक करने के लिए चाल करें मोबाइल नंबर - +91-9929156094
मेहंदीपुर बालाजी मैं सवामणी करने के लिये सहायता नंबर - +91-9929156094

मेहन्दीपुरबालाजी की मूर्ति करीब 1000 साल पहले पहाड़ से प्रकट हुई थी। तब से यहाँ मन्नत माँगने वालो की सभी इच्छाये पूर्ण होती है। मेहंदीपुर बालाजी की यात्रा करने से पहले आप फ़ोन करके सवामणी और गेस्ट हाउस बुक करते है तो आप का समय बच जायेगा। आप उप्पर दिए गए मोबाइल नंबर पर चाल कर सकते है।

बालाजी के दर्शन करने के लिए लाइन बहुत लंबी लगती है। आपको अपनी बारी आने का इंतज़ार करने में 4-5 घंटे लग सकते है। मेहंदीपुर बालाजी आने के लिए बांदीकुई रेलवे स्टेशन सबसे पास है जो दिल्ली आगरा जयपुर से बड़ी लाइन द्वारा जुड़ा हुआ हे।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में अर्जी लगवाने के लिए आप मोबाइल नंबर पर फ़ोन करें -  +91-9782320445

Mehandipur Balaji Hotel Booking Phone Number, Sawamani Booking Counter No.
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