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रोज़ अख़बारों में राष्ट्रपित, प्रधानमंत्री, अन्य मंत्रियों, राजनितिक पार्टियों, जाने-माने अखबारों के संपादकों  और कुछ अन्य प्रतिष्ठिति लोगों की भ्रष्टाचार परलम्बी-चौड़ी भाषण सुनते हैं लेकिन वे उसे मिटाने  के लिये सतही धरातल पर कोई काम नहीं  करते |

भारत सरकार द्वारा अखिल-भारत एवं अंतरराज्य में विभाजित भारत की सुरक्षा, उच्च स्थानों पर भ्रष्टाचार, गम्भीर छल, धोखाधड़ी एवं हेराफेरी एवं सामाजिक अपराधों विशेषकर आवश्यक जिंसों की जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी जैसे गम्भीर अपराधों का अन्वेषण करने की दृष्टि से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का गठन किया गया।

जब किसी गाँव के बिजली का ट्रांसफार्मर जल जाता है तो बिना घूस खिलाये  या  धरना-प्रदर्शन किये बिना विद्युत विभाग काम नहीं करता, लेकिन  भ्रष्टाचार पर लगाम लगते ही किसी भी आम जनता  की विद्युत विभाग में एक फ़ोन ही काफी होगा और एक दिन में ट्रांसफार्मर लग जायेगा, या पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस द्वारा घूस माँगने पर दूसरे दिन ही उसकी छुट्टी हो जाएगी |

सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (सीवीसी)

सीवीसी को सीधे पत्र लिखकर शिकायत की जा सकती है। सीवीसी की वेबसाइट www.cvc.nic.in पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
फोन: 011-2465 1001-08

अधिकार क्षेत्र में आनेवाले मंत्रालय/विभाग

केंद्र सरकार के मंत्रालय/विभाग, केंद्र सरकार के सभी पीएसयू, नैशनलाइज्ड बैंक, रिजर्व बैंक, नाबार्ड और सिडबी, सरकारी बीमा कंपनियां, पोर्ट ट्रस्ट व डॉक लेबर बोर्ड आदि। इसके अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, दमन एवं दीव, पांडिचेरी आदि समेत सभी केंद्र शासित प्रदेश।

जांच के दायरे में आनेवाले अधिकारी

सीवीसी अपने अधिकार क्षेत्र में आनेवाले संगठनों में तैनात अधिकारियों की कुछ श्रेणियों के खिलाफ ही जांच कर सकता है, जो इस प्रकार हैं:

केंद्रीय सरकारी मंत्रालय/विभाग: ग्रुप ए और उससे ऊपर के अधिकारी (अंडर सेक्रेटरी और इससे ऊपर के अधिकारी)

पब्लिक सेक्टर यूनिट (पीएसयू): बोर्ड लेवल और उससे दो लेवल नीचे तक के अधिकारी

पब्लिक सेक्टर के बैंक: स्केल V और इससे ऊपर के अधिकारी

रिजर्व बैंक, सिडबी और नाबार्ड: ग्रेड डी या इससे ऊपर के अधिकारी

बीमा क्षेत्र: असिस्टेंट मैनेजर और इससे ऊपर के अधिकारी

जीवन बीमा निगम: सीनियर डिविजनल मैनेजर और इससे ऊपर के अधिकारी

स्वायत्त निकाय: 8700 रुपये या ज्यादा बेसिक सैलरी पानेवाले अधिकारी

पोर्ट ट्रस्ट/डॉक लेबर बोर्ड: 10,750 रुपये या ज्यादा बेसिक सैलरी पानेवाले अधिकारी

सीवीसी के काम

- ऐसे किसी भी लेन-देन के मामले में जांच करना या कराना, जिसमें केंद्र सरकार के अधीन अधिकारी के शामिल होने का शक हो।

- केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों और उसके नियंत्रण में आनेवाले दूसरे संगठनों के सतर्कता और भ्रष्टाचार निवारण संबंधी कामों की सामान्य जांच और निगरानी करना।

- विजिलेंस संबंधी मामलों में स्वतंत्र और निष्पक्ष सलाह देना।

- भ्रष्टाचार के किसी भी आरोप को सामने लाना और उस पर उचित कार्रवाई की सिफारिश करना।

- सीबीआई और एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट के अलावा दिल्ली की स्पेशल सेल के उच्च अधिकारियों की चयन समितियों की अध्यक्षता करना।

- सीवीसी के अधिकार क्षेत्र में आनेवाले अधिकारियों और संगठनों के खिलाफ की गई भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच सीबीआई या संबंधित संगठन के चीफ विजिलेंस ऑफिसर द्वारा कराई जाती है।

- टेंडरों के खिलाफ शिकायतों के बारे में सीवीसी संबंधित विजिलेंस ऑफिसर के माध्यम से जांच कराता है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करता। सीवीओ की रिपोर्ट के आधार पर ही सीवीसी मामले में आगे कार्रवाई करता है।

यदि सीबीआई को किसी प्रमाणिक सूचनाकर्ता से किसी इच्छुक रिश्वत देने वाले या रिश्वत लेने वाले के संबंध में रिश्वत सौंपे जाने से पहले ही सूचना प्राप्त होती है तो वह वैसी सूचना का सत्यापन कर रिश्वत देने वाले और रिश्वत लेने वाले दोनों को रंगे हाथों पकड़ने हेतु ट्रैप बिछाती है।

किसी लोक सेवक द्वारा आमदनी के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखना या खर्च करना भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 की धारा 13 के तहत दंडनीय है। सीबीआई जनता से वैसे लोक सेवकों की संपत्तियों एवं खर्चे का विशिष्ट विवरण उपलब्ध कराने हेतु निवेदन करती है। सामान्य एवं अस्पष्ट सूचना उपलब्ध कराने से कोी मदद

नहीं मिलती है। वैसी विशिष्ट विवरण प्राप्त होने पर सीबीआई उसकी गोपनीय सत्यापन करता है और यदि सूचना सत्य पाई जाती है तो आपराधिक मामला दर्ज कर वैसे लोक सेवकों के परिसर पर छापा मारता है।

Himachal Pradesh सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों की रिपोर्ट करने के लिए टोल फ्री नंबर 0177-2629893 की सुविधा दी है।

कोई भी ग्राहक या गैर-सरकारी संगठन कम वजन तौलने या नापने की लिखित शिकायत स्टैंर्डड्स ऑफ वेट्स ऐंड मेजर्स (एनफोर्समेंट) ऐक्ट 1985 के तहत कर सकता है।
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FD पर लोन फौरन पैसों का इंतजाम करने का यह आपके पास मौजूद सबसे सरल तरीका है। बैंक अपने यहां कराई गई एफडी पर भी आसानी से लोन दे देते हैं। इस तरह से लोन लेने पर आपको तय वक्त के अंदर ही रकम को चुकाना पड़ेगा।

एक होम लोन के लिए कई डॉक्यूमेंट्स चाहिए होते हैं. बैंक आपसे प्रोसेसिंग फी चेक, करीब 6 कैंसल्ड चेक और उस अकाउंट के लिए ईसीएस मैनडेट फॉर्म जरूरी है जहां आपकी सैलरी या इनकम क्रेडिट की जाती है. खुद का रोजगार करने वालों से एजूकेशन, क्वॉलिफिकेशन सर्टिफिकेट और बिजनस का सबूत मांगे जा सकते हैं. प्रॉपर्टी से संबंधित डॉक्यूमेंट्स में अलॉटमेंट लेटर या बायर अग्रीमेंट और डिवेलपर को किए गए पेमेंट की रिसीट शामिल होती है. लिहाजा बेहद जरूरी है कि आप सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स रखें ताकि लोन डिलिवरी प्रोसेस तेजी से हो सके और बैंक के पास आपकी होम लोन एप्लीकेशन को पास करना ही पड़े.

लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपने बैंक अकाउंट पर ध्यान दें. इसकी वजह ये है कि लोन मांगने पर बैंक हम से कम से कम 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट मांगता है. बैंक हमारे बैंक डिटेल्स की पूरी गहराई से जांच करता है और कोई भी कमी को लाल रंग से दिखाता है. यह किसी बाउंस चेक, ईएमआई का भुगतान नहीं होने आदि का मामला हो सकता है. अगर हम महीने के अंत में आपके बैंक खाते में बहुत ही कम राशि होती है तो भी इसका मतलब यह है कि आपकी महीने की इनकम इतनी कम है कि महीने के अंत होने तक आपकी डिपॉजिट पूंजी ज्यादातर खत्म हो जाती है, ऐसे में आप होम लोन का बोझ बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे. इसलिए बैंक आपके होम लोन की अर्जी को खारिज भी कर सकता है. तो अपने बैंक खाते को सेहतमंद बनाए रखें.

1.    Aadhar Housing Finance Ltd.    www.aadharhousing.com   
2.    Aditya Birla Housing Finance Ltd.    www.adityabirlahomeloans.com   
3.    Akme Star Housing Finance Ltd.    www.akmestarhousing.com   
4.    Aptus Value Housing Finance India Ltd.    www.aptusindia.com   
5.    Aspire Home Finance Corporation Ltd.    www.ahfcl.com   
6.    AU Housing Finance Ltd.    www.auhfin.in   
7.    Can Fin Homes Ltd.    www.canfinhomes.com   
8.    Capital First Home Finance Ltd.    www.capfirst.com   
9.    Capri Global Housing Finance Private Limited    www.cgcl.co.in   
10.    Cent Bank Home Finance Ltd.    www.cbhfl.com   
11.    Dewan Housing Finance Corporation Ltd.    www.dhfl.com   
12.    DHFL Vyasa Housing Finance Ltd.    www.dvhousing.com   
13.    DMI Housing Finance Pvt. Ltd.    www.dmihousingfinance.in   
14.    Edelweiss Housing Finance Ltd.    www.edelweissfin.com   
15.    Fast Track Housing Finance Pvt. Ltd.    www.fasttrackhfc.com   
16.    Fullerton Home Finance Company Ltd.    www.fullertonindia.com   
17.    GIC Housing Finance Ltd.    www.gichfindia.com   
18.    GRUH Finance Ltd.    www.gruh.com   
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20.    HBN Housing Finance Ltd.    www.hbnhousing.com   
21.    Hinduja Housing Finance Limited    www.hindujahousingfinance.com   
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23.    Housing and development Corporation Ltd.    www.hudco.org   
24.    Housing Development Finance Corporation Ltd.    www.hdfc.com   
25.    ICICI Home Finance Company Ltd.    www.icicihfc.com   
26.    India Bulls Housing Finance Ltd.    www.indiabullshomeloans.com   
27.    India Home Loan Ltd.    www.indiahomeloan.co.in    INDH1101
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29.    India Shelter Finance Corporation Ltd.    www.indiashelter.in   
30.    Khush Housing Finance Ltd.    www.khfl.co.in   
31.    L & T Housing Finance Ltd.    www.lthousingfinance.com   
32.    LIC Housing Finance Ltd.    www.lichousing.com   
33.    Magma Housing Finance    www.magmahfc.co.in   
34.    Mahindra Rural Housing Finance Ltd.    www.mahindrahomefinance.com   
35.    Mamata Housing Finance Company Pvt. Ltd.    www.mamtahousingfinance.com   
36.    Manipal Housing Finance Syndicate Ltd.    www.manipalhousing.com   
37.    Mannappuram Home Finance Pvt. Ltd.    www.manappuram.com   
38.    MAS Rural Housing and Mortgage Finance Ltd.    www.mrhmfl.co.in   
39.    Mentor Home Loans India Ltd.    www.mentorhousing.com   
40.    Micro Housing Finance Corporation Ltd.    www.mhfcindia.com   
41.    Muthoot Homefin(India) Ltd.    www.muthootfinance.com   
42.    Muthoot Housing Finance Company Ltd.    www.muthootgroup.com   
43.    National Trust Housing Finance Ltd.    www.natrusthome.com   
44.    New Habitat Housing Finance and Development Ltd.    www.newhabitat.in   
45.    Nivara Home finance limited    www.nivarahousing.com   
46.    North East Region Housing Finance Company Ltd.    www.nerhofic.co.in   
47.    Orange City Housing Finance Ltd.    www.ochfl.com   
48.    Panthoibi Housing Finance Company Ltd.    www.phfcl.org.in   
49.    PNB Housing Finance Ltd.    www.pnbhousing.com   
50.    RAAS Housing Finance (India) Ltd.    www.raashfc.com   
51.    Reliance Home Finance Ltd.    www.reliancehomefinance.com   
52.    Religare Housing Development Finance Corporation Ltd.    www.religarehomeloans.com   
53.    Repco Home Finance Ltd.    www.repcohome.com   
54.    Sahara Housing Fina Corporation Ltd.    www.saharahousingfina.com   
55.    Saral Home Finance Ltd.    www.saraldhan.com   
56.    SEWA Grih Rin Ltd.    www.sgrlimited.in   
57.    Shriram Housing Finance Ltd.    www.shriramhousing.in   
58.    Shubham Housing Development Finance Company Pvt. Ltd.    www.shubham.co   
59.    SRG Housing Finance Ltd.    www.srghousing.com   
60.    Sundaram BNP Paribas Home Finance Ltd.    www.sundarambnpparibashome.com   
61.    Supreme Housing Finance Limited    www.supremehomeloans.com   
62.    Swagat Housing Finance Company Ltd.    www.swagathfc.in   
63.    Swarna Pragati Housing Microfinance Private Limited    www.swarnapragatihousing.com   
64.    Tata Capital Housing Finance Ltd.    www.tatacapitalhfl.com   
65.    USB Housing Finance Corporation Ltd.    www.usbhousing.in   
66.    Vastu Housing Finance Corporation Ltd.    www.vastuhfc.com   
67.    Viva Home Finance Ltd.    www.vivagroup.in   
68.    West End Housing Finance Limited    www.westendhfl.com   
69.    Ummeed Housing Finance Private Limited    www.ummeedhfc.com   
70.    IKF Housing Finance Private Limited    www.ikffinance.com   
71.    Centrum Housing Finance Ltd.    www.centrum.co.in   
72.    Manibhavnam Home Finance India Pvt. Ltd.    www.manibhavnam.com   
73.    Bee Secure Home Finance Pvt. Ltd.    www.incred.com   
74.    IndoStar Home Finance Pvt. Ltd.    www.indostarcapital.com   
75.    KIFS Housing Finance Pvt. Ltd.    www.kifshousing.com   

SMALL FINANCE BANKS
1.    Ujjivan Small Finance Bank    www.ujjivan.com   
2.    Utkarsh Small Finance Bank Ltd.    www.utkarshmfi .com   
3.    AU Financiers Ltd.    www.aufin.in   
4.    Suryoday Small Finance Bank Ltd.    www.suryodaybank.com   
5.    Equitas Small Finance Bank    www.equitasbank. com   
NBFC-MFI
1.    Satya Micro Capital Ltd.    www. satyamicrocapital. com   
2.    Spandana Sphoorty Financial Ltd.    www.spandanaindia.com   
3.    Digamber Capfin Limited    www.digamberfinance.com   
4.    SV Creditline Private Limited    www.svcl.in   
5.    Annapurna Micro Finance Pvt. Ltd.    www.ampl.net.in   
6.    Margdarshak Financial Services limited    www.margdarshak.org.in   
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नोबेल पुरस्कार शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र Nobel Prize नोबेल पुरस्कार क्यों शुरू किया गया नोबेल पुरस्कार की शुरूआत

दुनिया के सबसे बड़े पुरस्कार Nobel Prize (नोबेल पुरस्कार) के बारे में।

1. Nobel Prize की शुरूआत, बारूद (dynamite) बनाने वाले “Alfred Nobel” के नाम पर की गई थी।

2. नोबेल पुरस्कार शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा पुरस्कार है। अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की शुरूआत सन् 1968 में हुई।

3. Alfred Nobel ने मरने से पहले अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा एक ट्रस्ट के लिए रख दिया था। उनकी इच्छा थी, कि इन पैसो के ब्याज से हर साल उन लोगो को सम्मानित किया जाए जिन्हें मानव जाति के लिए सबसे कल्याणकारी पाया गया। ये पैसे स्वीडिश बैंक में जमा है और इन्हीं के ब्याज से हर साल नोबेल पुरस्कार दिया जाता है।

4. 1901 से लेकर 2015 तक कुल 573 नोबेल पुरस्कार बाँटे गए है। अभी तक 5 ऐसे लोगो को Nobel Prize मिल चुका है जिनके पास भारतीय नागरिकता है और 3 ऐसे लोगो को जो भारतीय मूल के है।

5. Physics (भौतिकी), Chemistry (रसायन), Literature (साहित्य), Physiology or Medicine (चिकित्सा और विज्ञान) and Economic Sciences (अर्थशास्त्र) में Nobel Prize, Sweden की राजधानी Stockholm में दिया जाता है। लेकिन Nobel Peace Prize (नोबेल शांति पुरस्कार), Norway की राजधानी Oslo में दिया जाता है।

6. एक नोबेल पुरस्कार ज्यादा से ज्यादा 3 लोगो को ज्वाइंट रूप से दिया जा सकता है इससे ज्यादा को नही।

7. सबसे कम उम्र की नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला युसूफजई है। जिसे 17 साल की उम्र में शांति का नोबेल दिया गया।

8. आज की तारीख तक धरती पर सिर्फ दो इंसान ही ऐसे है जिन्हें Nobel & Oscar दोनो मिले है। पहला “George Bernard Shaw” जिसने 1925 में साहित्य में नोबेल और 82 साल की उम्र में 1938 में ऑस्कर जीता। दूसरा “Bob Dylan” जिसे 2000 में ऑस्कर और 2016 में साहित्य में नोबेल मिला।

9. चार लोगो को अभी तक दो बार नोबेल प्राइज मिल चुका है। लेकिन धरती पर “मैरी क्यूरी” एकमात्र ऐसी महिला हुई है, जिसे 2 बार Nobel Prize मिला है। पहला 1903 में फिजिक्स में (रेडियोएक्टिविटी समझने के लिए) और दूसरा 1911 में केमिस्ट्री में (पोलोनियम व रेडियम की खोज करने के लिए)। मैरी क्यूरी के परिवार को अब तक 5 नोबेल पुरस्कार मिल चुके है। इनके परिवार को Nobel Machine के नाम से भी जाना जाता है। (है ना जबरदस्त, एक ही परिवार में 5 नोबेल प्राइज )

10. इतिहास में 2 बार ऐसा भी हुआ है कि किसी ने अपना नोबल मेडल ही बेच दिया हो। दरअसल, 1962 में DNA Structure खोजने वाले James Watson ने अपना नोबेल मेडल 30 करोड़ रूपए में बेच दिया था। कारण: जातिवाद। दूसरा 1988 में फिजिक्स में नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाले Leon M. Lederman ने 5.2 करोड़ रूपए में अपना मेडल बेच दिया था। कारण: बीमारी।

11. इतिहास में 2 बार ऐसा भी हुआ है, कि किसी ने नोबेल प्राइज ही लेने से मना कर दिया हो। 1964 में Jean-Paul Sartre ने साहित्य का और 1973 में Le Duc Tho ने शांति का नोबेल लेने से मना कर दिया।

12. ICRC (International Committee of the Red Cross) को 3 बार (1917, 1944 और 1963) शांति के नोबल से सम्मानित किया जा चुका है। दुनिया का पहला पहला नोबेल पुरस्कार Red Cross के संस्थापक Henry Dunant और French Peace Society के संस्थापक Frederic Passt को सन् 1901 में ज्वाइंट रूप से दिया गया था।

13. रूस के Leonid Hurwicz सबसे ज्यादा उम्र में नोबेल प्राइज जीतने वाले वैज्ञानिक हैं। उन्हें 90 साल की उम्र में इकॉनोमिक साइंसेज कैटेगरी में नोबेल प्राइज से नवाजा गया था।

14. यदि देशों पर नजर डाली जाए तो सबसे ज्यादा नोबेल पुरस्कार पाने वाले देशों में अमेरिका पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर जर्मनी, इसके बाद ब्रिटेन और फ्रांस का नंबर आता है।

15. 1974 में ये निर्णय लिया गया कि मरने के बाद नोबेल पुरस्कार नही दिया जाएगा। लेकिन यदि किसी की मौत नाम की घोषणा होने के बाद हो जाती है तो उसे नोबेल प्राइज दिया जाता हैं।

16. नोबेल जीतने वाले नामों की घोषणा पहले ही एडवांस में कर दी जाती है लेकिन नोबेल पुरस्कार हर साल 10 दिसंबर को ही दिया जाता हैं इसी दिन Alfred Nobel की मृत्यु हुई थी।

17. Q. Nobel Prize में क्या-क्या दिया जाता है ?
Ans. Nobel Prize जीतने वाले को तीन चीजें दी जाती है:
1. Nobel Diploma. 2. Nobel Medal. 3. Nobel Prize amounts. (approx. $10 lakh)

18. Q. नोबेल पुरस्कार क्यों शुरू किया गया ?
Ans. 1888 में एक अखबार ने अलफ्रेड नोबेल के मरने की खबर छाप दी। जबकि असलियत में मौत उनके भाई की हुई थी। अखबार में लिखा था “मौत के सौदागर की मौत”। अखबार ने डायनामाइट के अविष्कार की बहुत निंदा की। अपनी ही मौत की खबर पढ़कर नोबेल को गहरा सदमा लगा। उन्होनें सोचा क्या मौत के बाद दुनिया उन्हें इसी नाम से पुकारेगी। इसलिए उन्होनें एक वसीयत लिखी जिसमें उसने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा एक ट्रस्ट के लिए अलग रख दिया। और आज लोग इन्हें मौत के सौदागर के नाम से नही बल्कि सबसे बड़े पुरस्कार के नाम से जानते है।
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भारतीय महिलाएं किसी भी समारोह पार्टी या शादी के दौरान साड़ी पहनना ही ज्यादा पसंद करती है। साड़ी जितनी ज्यादा मंहगी और सुंदर होती है वो उतनी ही ज्यादा खिलकर नजर आती है। ज्यादा दिन तक उस साड़ी को पहनने से जब आप बोर हो जाये तो आप कुछ नया ट्राई करने का सोचेंगे। तो इसके लिए आपके पास सबसे अच्छा ऑप्शन है कि अाप अपनी पुरानी सिल्क साड़ी से एक से बढ़कर एक सुंदर और स्टाइलिश ड्रैसेज बना सकती है। आप इन साडिय़ो का बेहतर यूज कर सकती हैं।

हम पुरानी साडि़यों का उपयोग करते हैं और हमने इस अभियान का नाम हूज साड़ी नाउ रखा है। फिलहाल इस अभियान के तहत जेवर, बालों की पिन, क्लिप, चूड़ियां, हार और तरह-तरह के हेयरबैंड बनाए जा रहे हैं। जल्द ही हैंड बैग भी बनाए जाने लगेंगे।

इन साड़ी से फुल स्लीव्स पार्टी वियर कुर्ता बनाने का। इसके साथ मैच करता हुआ प्लेन फैब्रिक खरीदें  और प्लाजो, पैरेलल और सलवार  जो पसंद हो बनवा लें। शिफॉन के प्लेन दुपट्टे पर आप साड़ी के किनारे की एम्ब्रॉयडरी लगवाकर इसे हैवी लुक दे सकती हैं।

प्रिंटेड बॉर्डर वाली साडिय़ों का पल्लू अक्सर प्रिंटेड होता है। अगर इस साड़ी के साथ भी ऐसा ही  है तो आप इस पल्लू में प्लेन फैब्रिक एड कर डिजाइनर दुपट्टा तैयार करा सकती हैं।

सिल्क का कुर्ता और स्कर्ट कॉम्बो
सिल्क साढ़ा के स्कर्ट या कुर्ते बनाने की डिजाइन इस समय काफी जोरों पर चल रही है। जो आपके लिए एक सुंदर सा स्टाइलिश लुक प्रदान करती है। कुर्ते को बनने के लिए आप साड़ी के पल्लू का उपयोग सामने की ओर ज्यादा करें इसके साथ ही साड़ी की बॉर्डर को कुर्ते के किनारे की और लगवाएं।

सिल्क की ड्रेस
सिल्क की साड़ी से आप ऐसी वन पीस ड्रेस तैयार करें। जिसमें आप एम्ब्रॉयडरी करके सुंदर लुक दे सके। इस तरह से आपके लुक में और अधिक सुंदर निखार देखने को मिलेगा।

सिल्क का कुर्ता
सिल्क की साड़ी से बने कुर्ते को स्टाइलिश लुक देने के लिए आप इसमें थोड़ी सी तबदीली और कर देगी तो और अधिक सुंदरता इसमें निखर कर आयेगी साथ ही किसी को आभास भी नहीं होगा कि यह कुर्ता साड़ी का बना। इसके लिए आप कुर्ते में साड़ी की बार्डर का उपयोग करें और उसे गोटे या जरी के साथ सुंदर लुक प्रदान करें।

सिल्क के क्रॉप टॉप
सिल्क की साड़ी से तैयार किया गये क्रॉप टॉप काफी सुंदर और स्टाइलिश लगते है। जिसे आप लहंगा, स्कर्ट्स, जींस, पलाजो और सलवार के साथ भी पहन सकती है।

प्लेन कॉर्टन साड़ी से आप एक स्टाइलिश कुर्ता डिजाइन करा सकती हैं। प्लेन फैब्रिक पर पिनटक स्टिचिंग का कुर्ता बेहद सुंदर दिखेगा। ये कुर्ता कभी आउट ऑफ फैशन नहीं होगा। मूड और ऑकेजन के साथ आप इसे प्लेन या प्रिंटेड सलवार के साथ कैरी कर सकती हैं।

हैवी वर्क से सजी इन साड़ियों से आप मिडी, लांग स्कर्ट्स, प्लाजो जैसी कई चीजें बनवा सकती हैं और इन ओल्ड मैटीरियल को ट्रेंडी व फैशनेबल बना सकती हैं ।

साड़ियों का सलवार-सूट, चूड़ीदार-सूट, अनारकली या फिर पटियाला भी बनवा सकती हैं। बनारसी साड़ियों के बॉर्डर को नेक, बाजू व दुपट्टे पर लगाकर उसे हैवी और खूबसूरत दिखा सकती हैं। इसके साथ ही आप इन रेशमी साड़ियों से अपनी बिटिया की फ्रॉक भी बनवा सकती हैं। इसके अलावा आप जरदोजी, हैवी बॉर्डर, गोटा व पैच वर्कवाली साड़ियों को अन्य ड्रेसेज जैसे सूट, प्लाजो, स्कर्ट व लहंगे या फिर घर के इंटीरियर में भी यूज कर सकती हैं।

कतरन भी होते हैं बड़े यूजफुल
ये सबकुछ करने के बाद सभी साड़ियों से कतरन बचना संभव है। इन कतरनों को फेंकने की बजाय आप इनका भी रियूज कर सकती हैं। सभी कतरनों को आपस में जोड़ लें और फिर इस खूबसूरत डिजाइन को कॉटन के प्लेन कपड़े पर सिलाई लगा दें। इस कपड़े को ऊपर से लगाकर आप सोफे व बच्चों की गद्दियां बना सकते हैं। इन गद्दियों में आप रूई या फिर फोम का इस्तेमाल कर सकती हैं। साड़ियों से बनी ये गद्दियां आपके कमरे को एथनिक अंदाज़ में सुंदर दिखाएंगी।

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पुत्र प्राप्ति के उपाय आज भी लोगों का यह मानना है कि अगर उन्हें पुत्र प्राप्त नहीं होता है तो उनका वंश मिट जाता है। हमारे पुराने आयुर्वेद ग्रंथों में पुत्र-पुत्री प्राप्ति हेतु दिन-रात, शुक्ल पक्ष-कृष्ण पक्ष तथा माहवारी के दिन से सोलहवें दिन तक का महत्व बताया गया है।

'पुत्र जीवक बीज' को गाय के दूध के साथ मिला के खाने से पुत्र की प्राप्ति होगी.

स्त्री के ऋतु दर्शन के सोलह रात तक ऋतुकाल रहता है,उस समय में ही गर्भ धारण हो सकता है,उसके अन्दर पहली चार रातें निषिद्ध मानी जाती है,कारण दूषित रक्त होने के कारण कितने ही रोग संतान और माता पिता में अपने आप पनप जाते है,इसलिये शास्त्रों और विद्वानो ने इन चार दिनो को त्यागने के लिये ही जोर दिया है।
चौथी रात को ऋतुदान से कम आयु वाला पुत्र पैदा होता है,पंचम रात्रि से कम आयु वाली ह्रदय रोगी पुत्री होती है,छठी रात को वंश वृद्धि करने वाला पुत्र पैदा होता है,सातवीं रात को संतान न पैदा करने वाली पुत्री,आठवीं रात को पिता को मारने वाला पुत्र,नवीं रात को कुल में नाम करने वाली पुत्री,दसवीं रात को कुलदीपक पुत्र,ग्यारहवीं रात को अनुपम सौन्दर्य युक्त पुत्री,बारहवीं रात को अभूतपूर्व गुणों से युक्त पुत्र,तेरहवीं रात को चिन्ता देने वाली पुत्री,चौदहवीं रात को सदगुणी पुत्र,पन्द्रहवीं रात को लक्ष्मी समान पुत्री,और सोलहवीं रात को सर्वज्ञ पुत्र पैदा होता है। इसके बाद की रातों को संयोग करने से पुत्र संतान की गुंजायश नही होती है। इसके बाद स्त्री का रज अधिक गर्म होजाता है,और पुरुष के वीर्य को जला डालता है,परिणामस्वरूप या तो गर्भपात हो जाता है,अथवा संतान पैदा होते ही खत्म हो जाती है।

जिस रात को आपने गर्भ ठहरने के लिए चुना है. उस रात को गर्भ ठहरना चाहिए, न कि सिर्फ सम्भोग होना चाहिए. उसी रात को गर्भ ठहरे यह सुनिश्चित करने के लिए आपको उस रात को 2-3 बार सम्भोग करना चाहिए.

लड़का पैदा करने के लिए पुरुष को अपनी पत्नी के साथ संभोग करने से 6 महीने पहले ही खटाई खाना छोड़ देना चाहिए।
लडका पैदा करने के लिए पुरुष को कई महीनों तक ज्यादा टाईट कपड़े नहीं पहनने चाहिए। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि ज्यादा टाईट कपड़े पहनने से शुक्राणुओं में कमी हो जाती है और लड़की पैदा होती है।

असुरक्षा की भावना जितनी अधिक प्रबल होती जाती है, जीवन की समस्याएं जितनी अधिक होती हैं पुरुष संतान होने की संभावना बढ़ जाती है।

स्थाईत्‍व लगातार बढ़ता जा रहा हो, उसके गुणसूत्रों में वाइ का अनुपात घट जाता होगा। ऐसे में कन्या की प्राप्ति होने की संभावना बहुत हद तक बढ़ जाती है।

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सौरमंडल का सबसे पुराना सबसे बड़ा ग्रह है बृहस्पति

सौरमंडल का सबसे पुराना ग्रह है बृहस्पति : शोध, सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है बृहस्पति

एक नए शोध के अनुसार, बृहस्पति हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ही नहीं, सबसे पुराना ग्रह भी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस विशाल ग्रह का निर्माण सूर्य के निर्माण के 40 लाख वर्ष के भीतर ही हो गया था। अमेरिका स्थित लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लैबोरेटरी के अनुसार, ‘धरती, मंगल, चांद और क्षुद्र ग्रहों की तरह बृहस्पति का कोई सैंपल हमारे पास नहीं है। हम विभिन्न उल्का पिंडों के समस्थानिकों के आधार पर बृहस्पति की उम्र का अनुमान लगाते हैं।

इसी आधार पर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि बृहस्पति हमारे सौरमंडल का सबसे पुराना ग्रह है। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह बेहद विशाल ग्रह है और इसकी उपस्थिति से सौरमंडल की कई गतिविधियां निर्धारित होती हैं। इस अध्ययन के अनुसार, बृहस्पति के कोर का निर्माण 10 लाख साल में करीब धरती के 20 गुना द्रव्यमान से हुआ। सौरमंडल के बनने के बाद करीब 30 से 40 लाख साल में यह द्रव्यमान धरती का 50 गुना हो गया। बृहस्पति की उम्र का पता लगने से यह समझने में आसानी होगी कि सौरमंडल अपने वर्तमान स्वरूप में कैसे पहुंचा।
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लाल किताब के वशीकरण टोटके उपाय मंत्र, पति स्त्री प्रेम महिला प्रेमी प्रेमिका Vashikaran ke prabhavshali totke in hindi

लाल किताब के वशीकरण टोटके, पति स्त्री प्रेम महिला प्रेमी प्रेमिका वशीकरण के आसान उपाय, अचूक मंत्र

Vashikaran ke prabhavshali totke in hindi
लाल किताब के वशीकरण टोटके
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लाल किताब के वशीकरण टोटके इन हिंदी
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प्रेमी प्रेमिका के अचूक वशीकरण मंत्र टोटके उपाय

अचूक वशीकरण
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मिठाई से वशीकरण
नमक और हल्दी का वशीकरण
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बाल से वशीकरण
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आंखों से वशीकरण
छूने से वशीकरण
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नमक से वशीकरण इन हिंदी
स्त्री वशीकरण के टोटके
वशीकरण के आसान उपाय
महिला वशीकरण
वशीकरण मंत्र विद्या

महिला वशीकरण मंत्र इन हिंदी
स्त्री वशीकरण के टोटके
स्त्री वशीकरण करने के उपाय
स्त्री वशीकरण तंत्र
वशीकरण के आसान उपाय
स्त्री वशीकरण मंत्र हिंदी में
स्त्री वशीकरण शाबर मंत्र
वशीकरण मंत्र विद्या

नाम से वशीकरण
नमक से वशीकरण
स्त्री वशीकरण उपाय
वशीकरण के आसान टोटके
वशीकरण तिलक
वशीकरण मंत्र प्रयोग
फोटो से वशीकरण कैसे करे
प्रेमी को पाने के उपाय

वशीकरण से क्या किया जा सकता हैं।

स्त्री वशीकरण (औरत को वश में करना)
पुरुष वशीकरण (पुरुष को यानिकी पति को वश में करना)
बच्चो को काबू में करना.
अपने गर्लफ्रेंड को काबू में करना.
बॉयफ्रेंड को वश में करना.
व्यापर में प्रगति के लिए.
दुश्मन को वश में करने के लिए.

वशीकरण के प्रभावशाली मंत्र तंत्र

कामदेव वशीकरण मंत्र.
मोहिनी वशीकरण मंत्र.
शाकम्बरी वशीकरण मंत्र.
सिंदूर से वशीकरण.
फोटो से वशीकरण.
बालों से वशीकरण.
आँखों से वशीकरण.
नाख़ून से वशीकरण.
नाम से वशीकरण

पति को वश में करने का टोटका ,” अगर आप अपने पति या प्रेमी को अपने वश में करना चाहते हो तो दिए गए आसान उपाय का पयोग करे आपकी समस्या का समाधान हो जायेगा

अगर पति या प्रेमी का पत्नी या प्रेमिका के प्रति प्यार कम हो गया हो तो श्री कृष्ण का स्मरण कर तीन इलायची अपने बदन से स्पर्श करती हुई शुक्रवार के दिन छुपा कर रखें। जैसे अगर साड़ी पहनतीं हैं तो अपने पल्लू में बांध कर उसे रखा जा सकता है और अन्य लिबास पहनती हैं तो रूमाल में रखा जा सकता है।
शनिवार की सुबह वह इलायची पीस कर किसी भी व्यंजन में मिलाकर पति या प्रेमी को खिला दें। मात्र तीन शुक्रवार में स्पष्ट फर्क नजर आएगा।

स्त्री को वश में करने के टोने- टोटके  ,”
 1. पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में अनार की लकड़ी तोड़कर लाएं व धूप देकर उसे अपनी दांयी भुजा में बांध लें तो प्रत्येक व्यक्ति वशीभूत होगा। 2.काकजंघा, तगर, केसर इन सबको पीसकर स्त्री के मस्तक पर तथा पैर के नीचे डालने पर वह वशीभूत होती है। 3.टी इलायची, लाल चंदन, सिंदूर, कंगनी , काकड़सिंगी आदि सारी सामग्री को इक्ट्ठा कर धूप बना दें व जिस किसी स्त्री के सामने धूप देगें वह वशीभूत होगी।

वश में करने का उपाय ,”अगर आप अपने सास और ससुर को वश में करना चाहती हो तो सास या ससुर के कपडे का टुकड़ा का काटकर उस पर लाल पेन से उनका नाम लिख कर ७ दिन तक अपने पास रखे और ७ दिन क बाद उसके समसान में जाकर दफ़न कर दे या जला दे

प्रेमी प्रेमिका के अचूक वशीकरण मंत्र टोटके उपाय
अद्भुत मंत्र भगवते रुद्राय सर्वजगमोहनं कुरू कुरू स्वाहा से किसी मनचाही स्त्री को मोहित किया जा सकता है। या कहें कि उसे अपनी ओर सम्मोहित करने के लिए इस मंत्र का प्रयोग एक कारगर उपाय हो सकता है। इसके लिए उस स्त्री के पैरों के नीचे की मिट्टी उठाकर उसे सात बार पढ़कर उसके सिर डाल देने से वह मोहित हो जाती है। इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए शनिवार से शुरु किये गए जाप के आयोजन को अगले शनिवार को खत्म करना होता है।

रविवार के दिन काले धतूरे के फूल, डाल, पत्ते एवं जड़ को पीसकर उसके समान भाग गोरोचन और केसर मिलाएं। उसके बाद तैयार सामग्री का तिलक लगाकर अपने साध्य स्त्री के सामने जाएं। थोड़ी देर में ही उसका आपके प्रति बदला हुआ वशीभूत प्रभाव दिखाई देगा। तिलक लगाने के समय मंत्र को पढ़ा जाना चाहिए।

स्त्री वशीकरण मंत्र को भी प्रयोग से पहले 21 दिनों तक सिद्ध किया जाता है। इसकी शुरुआत शनिवार से कि जाती है तथा आधी रात के समय तक नित्य जाप किया जाता है। हर मंत्र के साथ अग्निी में गुगल की आहूति दी जाती है। इसके प्रयोग के समय किसी मिठाई पर मंत्र को 21 बार पढ़कर स्त्री को खिला देने से वह वशीभूत हो जाती है।
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तरबूज खाने के फायदे नुकसान बीज का लाभ बीजों की गिरी, तरबूज में इंजेक्शन खरबूज की खेती मिलावटी तरबूज

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तरबूज की उन्नत खेती कैसे करें | तरबूजा एक कुकरविटेसी परिवार की गर्मियों की सब्जी तथा फल होता है जोकि गर्मी में पैदा किया जाता है । यह फसल उत्तरी भारत के भागों में अधिक पैदा की जाती है । खेती से करोड़पति कैसे बने, पैसे कैसे कमाए

तरबूज के फायदे

तरबूज का गूदा लें और इसे "ब्लैक हैडस" के प्रभावित एरिया पर आहिस्ता-आहिस्ता रगड़ें। १० मिनट उपरांत चेहरे को गुनगुने पानी से साफ कर लें।

अपचन, भूख बढ़ाने तथा खून की कमी में यह प्रयोग काम में लाएँ। एक बड़े तरबूज में थोड़ा-सा छेद करके २०० ग्राम चीनी भर दें। ४-५ दिन तक उस तरबूज को दिन में धूप में तथा रात में चन्द्रमा की रोशनी में रखें। उसके बाद अंदर से पानी निचोड़ लें और छानकर काँच की साफ बोतल में  भर लें। यह तरल पदार्थ चौथाई कप की मात्रा में दिन में दो से तीन मर्तबा पीने से उपरोक्त तकलीफों में अत्यंत लाभ होता है। 

पागलपन, दिमागी गर्मी, हिस्टीरिया, अनिद्रा रोगों में तरबूज का गूदा ४० मिनट के लिए सिर पर रखना फायदेमंद होता है।

तरबूज में विटामिन ए, बी, सी तथा लौहा भी प्रचुर मात्रा में मिलता है, जिससे रक्त सुर्ख व शुद्ध होता है।

सूखी खाँसी में तरबूज खाने से खाँसी का बार-बार चलना बंद होता है।

तपती गर्मी में जब सिरदर्द होने लगे तो तरबूज के आधा गिलास रस को मिश्री मिलाकर पीना चाहिए।

मोटापा कम करने वालों के लिए यह उत्तम आहार है। पेट का मोटापा कम करने के उपाय, एक्सरसाइज, घरेलू नुस्खे, व्यायाम | पेट कम करने के योगासन

खाना खाने के उपरांत तरबूज का रस पीने से भोजन शीघ्र पच जाता है। इससे नींद भी अच्छी आती है। इसके रस से लू लगने का अंदेशा भी नहीं रहता।

जिन व्यक्तियों को कब्ज की शिकायत रहती है, उनके लिए तरबूज का सेवन करना अच्छा रहता है, क्योंकि इसके खाने से आँतों को एक प्रकार की चिकनाई मिलती है।

तरबूज खाने के नुकसान

हॉर्ट की प्रॉब्लम से घिरे लोगों को तरबूज का सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि तरबूज में भारी मात्रा में पोटेशियम होता है। डॉक्टर सैनी का कहना है कि हॉर्ट की प्रॉब्लम से घिरे लोगों को तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे हॉर्ट की प्रॉब्लम और बढ़ जाती है।

डायबिटीज के रोगियों को अपने खानपान का विशेष रूप से ध्यान रखना पड़ता है। तरबूज में भारी मात्रा में नेचुरल शुगर होता है। ऐसे में अगर शुगर के मरीज तरबूज का ज्यादा सेवन करेंगे तो उनके ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाएगी।

अस्थमा के मरीजों के लिए ज्यादा तरबूज का सेवन सही नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि असथमा में अमीना एसिड होता है। अगर रोगी ज्यादा तरबूज का सेवन करेंगे तो अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ सकता है।

किडनी की समस्या से घिरे लोगों को इसलिए तरबूज का ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें मिनरल्स की मात्रा अधिक होती है।

तरबूज में इंजेक्शन

आजकल बाजार में मिलावटी तरबूज भी मिल रहा है।

तरबूज को मोटा और लाल बनाने के लिए कई हानिकारक चीजों का इस्तेमाल भी करते हैं। ऐसे तरबूजों के जरिए हानिकारक केमिकल शरीर में पहुंच सकते हैं।

इनमें ऑक्सिटॉक्सिन, सोडियम सैकरिन और सिन्थेटिक रंगों का इस्तेमाल शामिल है।

छिलके के अंदरूनी हिस्से का रंग हल्का सफेद या हरा-सा हो तो यह नैचरल तरीके से पका हुआ होगा। अगर वहां भी लाली दिखाई पड़े तो मान लेना चाहिए कि उसमें सिन्थेटिक रंग का इस्तेमाल किया गया है।

तरबूज के बीज भी गुणकारी
 
तरबूज के बीजों को छीलकर अंदर की गिरी खाने से शरीर में ताकत आती है। मस्तिष्क की कमजोर नसों को बल मिलता है, टखनों के पास की सूजन भी ठीक हो जाती है।  

बीजों की गिरी में मिश्री, सौंफ, बारीक पीसकर मिलाकर खाने से गर्भ में पल रहे शिशु का विकास अच्छा होता है।

सुरक्षित गेहूं भंडारण के प्रमुख उपाय अनाज घुन से बचाव चावल को कीड़े से बचाने के उपाय
 
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शुद्ध देशी घी के गुण फायदे लाभ हींग और घी, गाय के घी के नुकसान Desi Ghee Labh

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घी पौष्टिक, रसायन, गरिष्ठ, स्निग्ध, शीतवीर्य और रूचिकारक होता है। इसमें वसा और विटामिन काफी मात्रा में पाए जाते हैं। यह पुष्टिदायक, बलकारक, आयुवर्द्धक तथा नेत्र-ज्योति बढ़ाने वाला होता है।

देसी घी कैसे पहचानें

देसी नस्ल की गाय का घी या भेंस का शुद्ध असली घी दानेदार होता है। देसी घी में आलू, आरारोट और रिफाइंड भी मिलाया जाता है। इससे घी का स्वाद बदल जाता है।

शुद्ध देशी घी कैसे पहचानें

दस एमएल घी में कुछ बूंदे हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूंदे मिलाएं। थोड़ी देर बाद इसे मिलाएं, यदि घी का रंग लाल या गुलाबी हो जाता है तो इसका मतलब है कि घी में मिलावट है।
घी में आलू मिला होने की जांच करने के लिए इसमें आयोडीन सोल्यूशन की थोड़ी-सी मात्रा डालें। घी का रंग नीला हो जाएगा। नीला रंग घी में स्टार्च की मात्रा को साबित करता है।

गाय के घी के नुकसान 

पीलिया, हेपेटाइटिस, फैटी लीवर परिवर्तन के दौरान घी के इस्तेमाल से बचना सबसे अच्छा होता है।
ज़्यादा घी अपच और दस्त का कारण बन सकता है।
घी वजन बढ़ाता है इसलिए एक मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति को प्रतिदिन 3 से 5 ग्राम घी तक का ही सेवन करना चाहिए और उसके बाद एक कप गर्म पानी पीना चाहिए। यदि घी को भोजन के साथ लेना है, तो घी के बेहतर पाचन के लिए भोजन गर्म होना चाहिए।  पेट का मोटापा कम करने के उपाय, एक्सरसाइज
सर्दी और कफ के दौरान घी का उपयोग करने से हालत और भी खराब हो सकती है।
अमिश्रित घी पित्त की स्थिति में नहीं लिया जाना चाहिए, ख़ासतौर से जब पित्त अमा से जुड़ा हो। इस हालत में लिया गया घी पीलिया उत्पन्न करता है और घातक साबित हो सकता है।
जब गर्भवती महिलाएं ठंड या अपच के साथ पीड़ित हों, तब घी लेने से बचें।

शुद्ध देशी घी के गुण फायदे लाभ

अगर घी खाने के बाद अपच या पेट का भारीपन लगे, तो एक कप गर्म पेय या कम वसा वाली छाछ का सेवन किया जा सकता है।
बिना फैट वाली छाछ घी के बुरे प्रभाव कम करती है।
देसी घी की मालिश से बाल जल्दी सफेद नहीं होते
घी में कैंसर रोधी गुण पाये जाते है। घी के नियमित सेवन से कैंसर की संभावना कम हो जाती है।
घी विटामिन A को घोल लेता है जो आँखों के लिए बहुत अच्छा है। घी खाने से आँखों की रोशनी तेज रहती है।
देशी घी शरीर को ऊर्जावान बनाता है और रोगप्रतिरोधक छमता बढ़ती है।
घी का सेवन करने और सिर पर घी की मालिश करने से स्मरण शक्ति तीव्र हो जाती है।
घी और शक्कर मिलाकर खाने से शरीर हृष्ट-पुष्ट और शक्तिशाली होता है।
सिर पर हल्के गरम घी की मालिश करें। गर्मी, ठंड या बादी के कारण होने वाला सिर दर्द दूर हो जाएगा।
अगर पित्ती उछलती हो और खुजली मचती हो तो घी की मालिश करने से काफी लाभ होता है।
धतूरे का विष शरीर में चढ़ जाने पर जितना संभव हो, गाय का घी पीना चाहिए। इससे विष का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
पंच साल पुराने घी में हींग को अच्छी तरह घोटकर सूंघाने से चैथिया ज्वर नष्ट हो जाता है।
गरम दूध में घी मिलाकर पीने से आंतें मुलायम होती हैं और पुराना कब्ज भी दूर हो जाता है।
घी में देसी गुड़ डालकर आग पर रख दें। पिघलने पर सेवन करें। इससे श्वास तथा खांसी में आराम मिलता है।
दिल की नलियों में ब्लॉकेज हो तो घी लुब्रिकेंट का काम करता है।

डॉक्टरों के अनुसार, केवल वसा रहित भोजन अच्छे स्वस्थ्य की गारंटी नहीं है। महिलाओं को एक्सरसाइज के माध्यम से शरीर में जमा वसा को कम करने की कोशिश करनी चाहिए।

अपनी डायट में घी को शामिल करने का सबसे अच्छा तरीका है अपनी सब्ज़ियों को घी में बनाएं। यहां तक कि आप अपने खाने को घी में फ्राई भी कर सकते हैं क्योंकि इसका स्मोकिंग पॉइंट काफी अधिक होता है। आप इसे अपनी दाल में डाल सकते हैं या रोटी पर लगा सकते हैं।

तमाम फायदों के बावजूद पिछले कई साल में घी की लोकप्रियता घटी है और लोगों ने इसे खाना काफ़ी कम सा कर दिया है। जबकि घी मक्खन और तेल के मुकाबले काफ़ी कम नुकसानदेह होता है।

Mobile Number for Desi Ghee (Home Made at Village) : +91-9887027265
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खाली प्लास्टिक की बोतल का दोबारा उपयोग, घर की सजावट का सामान बनाना, बेकार सामान का उपयोग

प्लास्टिक बोतल का दोबारा उपयोग
सजावट का सामान बनाना
पुराने कपड़ों का उपयोग
घर की सजावट का सामान
बेकार सामान का उपयोग
प्लास्टिक का उपयोग
पुरानी साड़ी का उपयोग
प्लास्टिक के लाभ और हानि
प्लास्टिक के प्रकार

खाली प्लास्टिक की बोतल का उपयोग

हम सभी के घरों में ढेरों पुराना सामान बेकार पड़ा रहता है। जिसे हम आखिरी में या तो बाहर फेंक देते हैं या फिर कबाड़ वालें को बेंच देते हैं लेकिन दोस्‍तों आप चाहें तो अपने घर में पढ़ें पुराने सामान को फिर से प्रयोग कर सकते हैं। हम लोग अक्सर नया सामान खरीदने पर पुराने सामान को वेस्ट समझ कर कबाड़ में फैंक देते हैं।

जिन खाली बोतलों को आप बेकार समझ कर फेंक देते हैं उनका इस्तेमाल इस तरह भी कर के देंखे

  • कोल्डड्रिंक की खाली बोतल का दोबारा उपयोग किया जा सकता है। बोतल को काटकर पौधे उगाये जा सकते है।
  • फूल रखने के लिये अगर आपके पास फूल रखने के लिये वास न हो तब आप किसी भी प्लास्टिक की बोतल को बीच से काट कर उसे किसी भी ब्राइट रंग से पेंट कर दें। फिर उसमें पानी भर दें और उसमें फूल सजा लें।
  • बोतल को तिरछा काटकर स्क्रू से टाँगकर सामान रखा जा सकता है।
  • पेन स्टैंड आप बोतल को काट कर के पेन स्टैंड भी बना सकती हैं। इससे आपको पेन इधर उथर ढूंढने की जरुरत नहीं पडेगी।
  • सजावट का सामान बनाया जा सकता है।
  • आप पानी पीने के लिए प्लास्टिक के बोतल का उपयोग किया जा सकता है बोतल को अच्छी तरह धोकर सूखा लेना चाहिए।
  • बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतल से बिना बिजली वाला इको कूलर बना सकते है बोटलो को काटकर बोर्ड में फिट कर दे।  अब किसी खिड़की में बोर्ड को लगा दे तापमान कम से कम 5 डिग्री कम हो जाएगा।
  • प्लास्टिक बोतलो के उपयोग से कुछ भी बनाया जा सकता है।  कुछ देशों मे प्लास्टिक बोटलो से घरों की दीवार बनायीं जा रही है।
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सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कैसे करें, आईएएस कैसे बने पाठ्यक्रम, भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी

सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम प्रयास में सफल ना होने के प्रमुख कारण

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आज के इस दौर में हर कोई सरकारी नौकरी पाना चाहता है। सरकारी नौकरी कोई भी हो, उससे रिलेटेड एग्जाम में पास होने के लिए आपको खास तरह की तैयारी करनी होती है। ऐसे में तैयारी के मूल-मंत्र को गहराई से समझना हर विद्यार्थी के लिए बहुत ही जरूरी है।

हमने इस पिछले सालों के 50 से अधिक सफल उम्मीदवारों की प्रोफ़ाइल का विश्लेषण किया जिन्होने दूसरी या तीसरी बार में लक्ष्य को प्राप्त किया | अंततः हमे 10 सबसे प्रमुख कारण मिले , जो हम आपके साथ बाटने जा रहे है –

निरंतरता और स्थिरता का अभाव
ये जरुरी नहीं है कि आप रोजाना 10 से 12 घंटे का अध्ययन करें , अगर आप रोजाना 4 से 5 घंटे का भी प्रबंध कर ले तो ये पर्याप्त होगा| लेकिन अपनी निरंतरता को बनाये रखे |

प्रेलिम्स कि परीक्षा में बेतरतीब ढंग से विकल्प मत चुनिए
प्रेलिम्स के पेपर को टिक करते समय उन्ही उत्तरों को चुने जिनके बारे में आप जानते हो, मान्यताओं पे चलने से आपका नुकसान ही होगा |

मात्रात्मक (Quantitative) कौशल में कमजोरी
अकसर ये पाया जाता है कि अभ्यर्थी CSAT पेपर 1 पे ही अपना सारा ध्यान केन्द्रित कर देते है, और CSAT पेपर 2 पे खास धयान नहीं देते, और नतीजा भुगतना पड़ जाता है , थोडा ही सही अगर रोजाना आप दो से तीन घंटे ही अभ्यास कर ले तो प्रयाप्त होगा |

पढ़ाई के दौरान ब्रेक ना लेना
लम्बे समय तक पढना अच्छी बात है , लेकिन आपको बीच – बीच में छोटा ब्रेक लेना चाहिए, असल में हमारा दिमाग 45 मिनट से जयादा ढंग से ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता| आपने देखा होगा कि स्कूल और विश्वविद्यालयों में 45 मिनट कि ही व्याख्यान/Period होती है , तो अगर आप लंबे सत्र के लिए बैठे है तो बिच में 10 से 15 का ब्रेक जरुर ले |

मिजाज और व्याकुलता प्रबंधन करने में सक्षम नहीं
कई बार ऐसा होता है कि गहन अध्ययन सत्र के बाद जब हम छोटा ब्रेक लेते है तो, कभी कभी वो बड़ा हो जाता है, लेकिन ऐसे समय में आपको अनुशासित और संतुलित रहने कि जरुरत है, जब भी आपका मन पढाई से उब जाये तो कुछ ऐसा करे जो आपको अच्छा लगता है | यह आपको संतुष्टि और खुशी दोनों प्रदान करेगा|

आत्मनिरीक्षण का अभाव
आपकी समस्याओं और कमजोरियों को आपसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता, तो आप इससे खुद से ही सुलझाने का प्रयास करे, बस आपको अपने अन्दर झाक के देखना है , बाकि रास्ता अपने आप ही बन जायेगा |

हर जगह से विशेषज्ञ सलाह लेना
यह समस्या अधिकांश उम्मीदवारों में पाया जाता है , आपको को कोई एक रणनीति, चुन लेनी है , जिसपे लगे कि आप चल सकते है , बस उसी को पकड़ ले फिर ऐसा ना हो कि बिच रस्ते में ही उसे छोड़ दिया और कोई नया तरीका ढूंड लिया | ऐसा करने से न सिर्फ आपका समय ही बर्बाद होता है , बल्कि आप मंजिल तक भी नहीं पहुच पाते|

जवाब लेखन का अभ्यास नहीं करना (Mains)
Mains में ना सिर्फ आपको लिखना है , बल्कि अच्छा भी लिखना है , जिसके लिए आपको रोजना इसकी प्रयास करने कि जरुरत है, संतुलित उत्तर लिखने कि कला निरंतर अभ्यास से ही मिल पाती है |

प्रोफाइल के बारे में असुरक्षा
असल में Prelims और Mains को clear करने के बाद , आपने अपने आपको को साबित कर दिया है , तो प्रोफाइल के बारे में सोचने से अब क्या फायदा , वो आपका अतीत था तो उसके लिए परेशान होना फिजूल ही चिंता करना है |

परिवार और दोस्तों से समर्थन नहीं मिलना
यह बाहरी समस्या है और जिसके लिए आप संघर्ष के अलावा कुछ नहीं कर सकते , सभी उम्मीदवारों कि आर्थिक पारिस्थि एकसमान नहीं होती , सभी को एक सामान महौल भी नहीं मिलता है , तो यह जरुरी हो जाता है कि आप अपने आप को मानसिक रूप से तैयार कर ले और आने वाली परिस्थियों का डटकर सामना करे |

हमने इस लेख में उन परेशानियों को जिक्र किया है जो इस बार के अधिकतर सफल उम्मीदवारों ने अपनी तैयारी कि दौरान महसूश किया था | इसको पढने के बाद आप समझ सकते है कि आप कहा गलती कर रहे है , और कैसे उसमे सुधार किया जाये|

आईएएस की तैयारी कैसे करे - सफलता के मंत्र : यदि 2 या 3 साल में स्टूडेंट इस परीक्षा पर अच्छा फोकस बनाकर अच्छी तैयारी करने में कामयाबी हासिल कर सकता है | यह समय आईएएस की परीक्षा हेतु पर्याप्त माना जायेगा |
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भारतीय अर्थशास्त्र के महत्वपूर्ण प्रश्न व उत्तर pdf, अर्थशास्त्र प्रश्नोत्तरी

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अर्थशास्त्र प्रश्न उत्तर जनरल नॉलेज

1)        भारत में करेन्सी नोट पर उसका मूल्य 17 भाषाओं में लिखा होता है।

2)        भारत में बीस रुपये एवं इससे उच्च मूल्य वर्ग के नोटों की छपार्इ 'बैंक नोट प्रेस, देवास' में होती है।

3)        भारत में एक रुपये के नोट पर वित्त मंत्रालय के सचिव के तथा अन्य नोटों पर रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।

4)        भारत के राष्ट्रीय आय का सबसे मुख्य स्त्रोत कृषि है।

5)        भारत का केन्द्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया है। जिसका मुख्यालय मुम्बर्इ में है।

6)        अवमूल्यन का अर्थ है–मुद्रा का बाहरी मूल्य कम होना अर्थात एक मुद्रा इकार्इ के बदले में विदेश की पहले से कम मुद्रा का प्राप्त होना।

7)        आम नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए केन्द्र सकरार ने 1 मर्इ, 2010 से 'न्यू पेंशन सिस्टम' योजना की है।

8)        अर्थशास्त्र के प्रमुख विभाग 5 हैं–उपभोग, उत्पादन विनिमय, वितरण और राजस्व।

9)        आधारित संरचना व उपस्कर के लिए उपलब्ध कराने वाली देश की सबसे बड़ी कम्पनी स्रेर्इ इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड लंदन स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कम्पनी है।

10)      भारत में बजट पद्धति का संस्थापक और जन्मदाता जेम्स विल्सन को माना जाता है।

11)      भारत में केन्द्र सरकार की कर-आय के दो सबसे बड़े स्रोत हैं–केन्द्रीय उत्पाद कर व तटकर।

12)      भारत में मुद्रास्फीति 'थोक मूल्य सूचकांक' द्वारा मापी जाती है।

13)      भारत में सकल घरेलू बचतों में घरेलू क्षेत्र का योगदान सर्वाधिक है।

14)      राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (NSSO) की स्थापना 1950 में की गर्इ थी।

15)      भारत की राष्ट्रीय आय में तृतीयक क्षेत्र का सर्वाधिक योगदान है।

16)      भारत में मान्यता प्राप्त स्टाक एक्सचेंजों की संख्या 24 है। उनमें से मुम्बर्इ स्टाक एक्सचेंज की स्थापना सर्वप्रथम हुर्इ थी।

17)      यूनाइटेड किंगडम देश के बहुराष्ट्रीय निगमों की भारत में सर्वाधिक भागीदारी है।

18)      पंचवर्षीय योजना के इतिहास में भारत की सर्वाधिक असफल योजना तृतीय योजना को कहा जाता है।

19)      सुप्रसिद्ध पुस्तक 'अर्थशास्त्र' के लेखक चाणक्य जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त से भी जाना जाता हैं।

20)      भारतीय बजट को 'मानसून का जुआ भी कहा जाता है, क्योंकि जिस वर्ष भी मानसून असफल हुआ है, देश में स्फीतिकारी लक्षण और समस्त विकास गतिविधियों में गतिरोध उत्पन्न हो जाता है।

21)      देश की एक-तिहार्इ से भी अधिक आबादी गरीबी रेखा के नीचे है।

22)      'इंडिया ब्राण्ड ​इक्विटी फण्ड' की स्थापना 1996 में हुर्इ थी।

23)      भारत सरकार के 1996-97 वर्ष के बजट में न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT) का समावेश किया गया था।

24)      भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का वार्षिक बिक्री की दृष्टि से सबसे बड़ा उपक्रम इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड है।

25)      स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया भारतीय बैंक की भारत में सर्वाधिक शाखाएँ तथा बैंक ऑफ बड़ौदा भारतीय बैंक की विदेशी में सर्वाधिक शाखाएँ हैं।

26)      स्वतंत्र भारत में रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया बैंक का राष्ट्रीयकरण सबसे पहले किया गया था।

27)      भारतीय रिजर्व बैंक में कोर्इ भी व्यक्ति अपना व्यक्तिगत खाता नहीं खोला सकता है।

28)      'तेजडि़या' व 'मंदडि़या' शब्द शेयर बाजार से सम्बन्धित हैं।

29)      भारत में राष्ट्रीय आय की गणना केन्द्रीय सांखियकीय संगठन द्वारा की जाती है।

30)      अर्थशास्त्र का जनक एडम सिमथ को कहा जाता है।
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शेयर बाजार में कैसे करें निवेश की शुरुआत जानकारी, करियर शेयर ब्रोकर कैसे बने

शेयर बाजार में इस्तेमाल किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण शब्द

शेयर बाजार क्या होता है
शेयर बाजार में कैसे करें निवेश की शुरुआत
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शेयरों से लाभ कैसे कमायें
शेयर मार्केट गाइड

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के हेड वी के शर्मा का कहना है कि इक्विटी मार्केट में जब चाहे निवेश किया या निकाला जा सकता है। पिछले 5 सालों में सेंसेक्स का औसत सालाना रिटर्न 17.4 फीसदी रहा है।

भारत में मुख्य स्टॉक एक्सचेंज : बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज दलाल स्ट्रीट, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत में स्थित एक भारतीय शेयर बाजार है। सन 1875 में स्थापित, बीएसई एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है

NSE भी मुंबई में है और इसकी स्थापना 1992 में हुई थी

शेयर ब्रोकर आपकी जिन्दगी में एक अहम आदमी होता है जो आपके निवेश उद्देश्य को पाने में मदद करता है। वह उचित सलाह देने, इससे जुड़े नियम-कानून के अनुपालन और अच्छी सेवा देने में सक्षम होना चाहिए।

सामान्य लोगों की जानकारी के लिए शेयर बाजार में इस्तेमाल होने वाले मुख्य शब्द इस प्रकार हैं

1. इक्विटी शेयर (Equity Share): इक्विटी शेयर वे अंश है जिन्हें कंपनी से मताधिकार प्राप्त होता है| ये अंशधारी ही धारित अंशों के अनुपात में ही कंपनी के स्वामित्वधारी होते हैं| इन्हें लाभांश वितरण में कोई वयीयता प्राप्त नही होती है

2. वरीयता अंश (Preference Share): ये वे शेयर धारक होते हैं जिन्हें लाभांश वितरण में वरीयता दी जाती है| लाभ बाँटने के बाद यदि कुछ लाभांश बचता है तो उसे इक्विटी शेयर धारकों में बांटा जाता है| वरीयता अंश के शेयर धारकों को कंपनी में मताधिकार प्राप्त नही होता है |

3. इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO): इसका सम्बन्ध प्राइमरी बाजार से है जिसमे नयी कंपनियों के अंश बाजार में जारी किये जाते हैं| इस विधि के माध्यम से कम्पनियाँ बाजार से पैसा जुटा कर अपनी आगे की वित्तीय योजनाओं को बनाती है|

4. फालो पब्लिक ऑफर: जब कोई भी नयी कंपनी अपनी अधिकृत पूँजी की उगाही शेयरों के निर्गमन के द्वारा प्राथमिक बाजार से करती है तो इसे FPO कहते हैं|
5. ब्लू चिप कंपनी (Blue Chip Company): यह एक ऐसी कंपनी होती है जिसके शेयरों को खरीदना बेहद सुरक्षित माना जाता है। इस कंपनी के शेयरों को खरीदने वाला निवेशक जोखिम रहित लाभ प्राप्त करता है |

6. इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading): इसका मतलब एक ऐसी सूचना से होता है जो कि एक कंपनी की कार्य प्रणाली से जुडी होती है जिसमे कम्पनी की भावी योजनाओं में बारे में जानकारी होती है | यदि यह सूचना कंपनी के किसी उच्च अधिकारी (कंपनी के निदेशकों और उच्च स्तरीय अधिकारियों) के माध्यम से सार्वजनिक हो जाती है तो उस कंपनी के शेयरों के दाम अप्रत्याशित रूप से ऊपर या नीचे होते हैं |

7. वाणिज्यिक पत्र (Commercial Paper): यह एक असुरक्षित वचन-पत्र (Promissory Note) होता है जो कि एक वित्तीय संस्थान द्वारा जारी किया जाता है| इसको जारी करने का मुख्य उद्येश्य अल्पकालीन वित्तीय जरूरतों को पूरा करना होता है |

8. बोनस इश्यू (Bonus Issue):इस प्रकार के शेयर बोनस, उन शेयर धारकों को फ्री में उस अनुपात में दिए जाते हैं जिनके उनके पास उस कंपनी के शेयर पहले से ही होते हैं | ऐसे शेयरों को लाभांश शेयर भी कहते हैं |

भारतीय बजट से जुडी शब्दावली

9.  तेजड़िया (Bull): तेजड़िया  उस व्यक्ति को कहा जाता है जो कि शेयर बाजार में शेयरों की खरीदारी करता है और इसी खरीदारी के कारण शेयर बाजार ऊपर की ओर जाता है| यह निवेशक बाजार के बारे में सकारात्मक रुख रखता है क्योंकि वह यह सोचता है कि उसके द्वारा खरीदे गए शेयरों का दाम ऊपर चढ़ेंगे|

10. मंदड़िया(Bear): मंदड़िया उस निवेशक को कहा जाता है जो कि अपने खरीदे गए शेयरों को बेचता क्योंकि उसको लगता है कि उसके द्वारा खरीदे गए शेयरों का दाम बाजार में गिरेंगे| इसलिए वह अपने शेयरों को बेच देता है और कई लोगों के द्वारा ऐसा करने पर बाजार नीचे की ओर गिरता है |

11. लाभांश (Dividend): यह कंपनी द्वारा अपने शेयर धारकों को दिया जाने वाला लाभ का हिस्सा होता है| लाभ का यह हिस्सा कंपनी अपने सभी शेयर धारकों को उनके शेयरों की संख्या के अनुपात में बांटती है| जिसके पास जितने अधिक शेयर, उसको उतना अधिक लाभांश मिलता है|

12. हॉट मनी (Hot Money): यह वह निवेश मनी होती है जो कि अधिक लाभ की तरह भागती है| इस प्रकार की निवेश मनी बाजार में बहुत ही कम स्थिर होती है इसी कारण इसे हॉट मनी कहते हैं|

13. जंक बांड(Junk Bond): जंक बांड वे बांड है जिनकी रेटिंग नीची हो परन्तु उन पर प्राप्त होने वाले रिटर्न(लाभ) की दर ऊंची हो |

14. कर्ब ट्रेडिंग(Kerb Trading): स्टॉक एक्सचेंज मार्किट की बिल्डिंग के बाहर, स्टॉक एक्सचेंज के ही समय में या उसके बाद प्रतिभूतियों में अवैध ट्रेडिंग को कर्ब ट्रेडिंग कहते हैं |

15. स्टैग (Stag): ऐसे लोग जो प्राइमरी मार्किट में पैसा लगाना पसंद करते है सेकेंडरी मार्किट में नही,  स्टैग कहलाते हैं | ये लोग बहुत कम जोखिम उठाते हैं |

16. अल्फ़ा शेयर : इन्हें ग्रुप A  का शेयर भी कहा जाता है| ये ऐसे स्टॉक हैं जिनके क्रय विक्रय में बाधा नही होती है |

17. राइट इशू (Right Issue): जब शेयर या प्रतिभूति के आबंटन में वर्तमान शेयर धारकों को प्राथमिकता दी जाये तो इस प्रकार के निर्गमित शेयर को राइट इशू कहते हैं| वर्तमान शेयर धारकों को इन शेयरों को खरीदने के लिए रुपये देने पड़ते हैं अर्थात ये शेयर, बोनस शेयर की तरह कीमत रहित नही होते हैं |

18. स्नो बालिंग प्रभाव: जब शेयर के मूल्य में थोड़ी बृद्धि से शेयर क्रय के कारण या किसी अन्य कारण कुछ ऐसी स्थिति पैदा हो जाये कि शेयरों का मूल्य बढ़ता ही जाये और इतना अधिक बढ़ जाये कि क्रय विक्रय पर स्टॉप आर्डर आने लगे तो इसे स्नो बालिंग कहते हैं |

19. शोर्ट सेलिंग (Short Selling): जब किसी व्यक्ति या दलाल द्वारा उससे अधिक स्टॉक के विक्रय का सौदा किया जाता जितना उसके पास है या जितना कहीं से लेकर पूर्ती कर सकता है| यह क्रिया बिलकुल गैर-कानूनी है |

20. लार्ज कैप कम्पनियाँ (Large Cap Companies): ये वे कम्पनियाँ होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये या इससे अधिक हो |

21. मिड कैप कम्पनियाँ (Mid Cap Companies): ये वे कम्पनियाँ होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 10,000 करोड़ रुपये से कम पर 2500 करोड़ से अधिक हो |

22. स्माल कैप कम्पनियाँ (Small Cap Companies): ये वे कम्पनियां होती हैं जिनका बाजार पूंजीकरण 2500 करोड़ रुपये से कम हो |

23. पौंजी स्कीम (Ponzy Schemes): ये वे फर्जी कम्पनियाँ होती हैं जो कि लोगों को कम समय में अधिक रिटर्न की गारंटी देकर निवेशकों का पैसा लेकर गायब हो जातीं हैl ऐसी कंपनियों का सरकार के पास कोई भी रिकॉर्ड नही होता है |

इक्विटी मार्केट में कैसे करें निवेश की शुरुआत और कैसे बनाएं अपना मजबूत पोर्टफोलियो आइए जानते हैं मार्केट एक्सपर्ट निपुण मेहता, एचडीएफसी सिक्योरिटीज के हेड वी के शर्मा और बीएसई के सीईओ आशीष चौहान की सलाह

शेयर बाजार में निवेश करने से पहले आप को यह ध्यान देना होगा कि आप शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए कितना समय दे सकते है उसी हिसाब से आपको अपनी ट्रेडिंग करनी चाहिए।

शुरुआत में आपको इंट्राडे नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह बहुत ज्यादा रिस्की होता है. कल्पना करें कि आप सुबह 9:00 बजे से शाम के 4:00 बजे तक व्यस्त हैं तो आप कमोडिटी मार्केट में ट्रेड कर सकते है

एक बजट तैयार करें कि शेयर बाजार में शुरुआती चरण में कितना पैसा लगाना है। पहले छोटी रकम से शुरुआत करें।

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खेती से करोड़पति कैसे बने, पैसे कैसे कमाए, खेती से अधिक मुनाफा कमाई

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अधिक मुनाफा कमाने वाली फसल
तुलसी की खेती की विधि
आर्टीमीशिया की खेती
खेती से करोड़पति कैसे बने
आधुनिक खेती के तरीके
पिपरमेंट की खेती
लिलियम फूल की खेती
खेती से लखपति
खेती से कमाई

खेती से पैसे कैसे कमाए
पॉलीहाउस खेती
आधुनिक खेती के तरीके
लिलियम फूल की खेती
खेती से लाभ
खेती से संबंधित
पाली हाउस कैसे बनाये

किसान आधुनिक तकनीक से खेती करके अधिक मुनाफ़ा कमा सकते है।

किसान भाई लिखी गयी तकनीक और विधि का प्रयोग करें।

पॉलीहाउस लगाकर सब्जी की खेती करें।

पॉली हाउस में खीरा लगाकर अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। पॉलीहाउस में खीरा लगाने के फायदे।
1. पॉली हाउस में तैयार खीरा बीज रहित होता है।
2. पॉली हाउस में पैदा इनका खीरा स्वाद में कभी खारा नहीं होता।
3.  अधिक उत्पादन

स्ट्रॉबेरी की खेती

अनार की खेती : अनार का पौधा मात्र 3 से 5 साल के अंदर बहुत ही अच्छी क्वालिटी के फल देने लगता है ।

औषधीय पौधों की खेती : एक साथ अधिक मुनाफे के लिए जड़ी बूटी की खेती की जा सकती है।

तुलसी की खेती : तुलसी का तेल निकालकर बहुत अच्छे दाम पर बिकता है।

आर्टीमीशिया की खेती

लिलियम फूल की खेती

जैविक खेती : जैविक खेती में खाद और फर्टिलाइजर का खर्चा बहुत कम होता है जबकि पैदावार बहुत अच्छी होती है।
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मौसम आधारित फसल बीमा योजना मुआवजा राशि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना pdf, फसल बर्बाद बीमा कब तक मिलेगा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मुआवजा राशि की जानकारी
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना pdf
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फार्म राजस्थान
किसान दुर्घटना बीमा योजना
फसल बर्बाद
मौसम आधारित फसल बीमा योजना

मौसम आधारित फसल बीमा योजना
मुआवजा राशि
फसल बीमा कब तक मिलेगा

फसल बीमा करने वाली बीमा कंपनिया (कंपनी का नाम, पता)

एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी इंडिया लिमिटेड
13 वीं मंजिल, 14 केजी मार्ग, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली
http://www.aicofindia.com/AICEng/Pages/Product_Profile/Present_NAIS.aspx

आई सी आई सी आई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड हाउस,414, सिद्धि विनायक मंदिर के पास सावरकर मार्ग, वीर प्रभादेवी , मुंबई
https://www.icicilombard.com/rural-insurance/weather.html

इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
4 और 5 फर्श, इफको टॉवर, प्लॉट नं .3, सेक्टर 29, गुड़गांव (हरियाणा)
http://www.iffcotokio.co.in

रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
570, रॉयल औद्योगिक एस्टेट के लिए अगला Naigaum क्रॉस रोड, वडाला (पश्चिम), मुंबई
http://www.reliancegeneral.co.in

रॉयल सुंदरम एलायंस
रॉयल सुंदरम एलायंस इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड "सुंदरम टावर्स" 45-46, गोरे रोड, Royapetah चेन्नै
http://www.royalsundaram.in/

टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
प्रायद्वीप बिजनेस पार्क टॉवर, 15 वीं मंजिल, जीपी मार्ग, लोअर परेल, मुंबई, भारत    टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
http://www.tataaiginsurance.in/

चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
"डेयर हाउस" 2 तल, नई संख्या 2 (ओल्ड नं 234) एनएससी बोस रोड, चेन्नई
http://www.cholainsurance.com/rural-insurance.aspx

एचडीएफसी फलस्वरूप जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
6 मंजिल, लीला बिजनेस पार्क, अंधेरी कुर्ला रोड,अंधेरी (पूर्व), मुंबई
http://www.hdfcergo.com/rural-insurance/RainfallIndex.html

भविष्य जेनराल्ली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
इंडियाबुल्स फाइनेंस सेंटर टावर 3,6 मंजिल, सेनापति बापट मार्ग, एल्फिंस्टन रोड (पश्चिम),मुंबई
http://www.futuregenerali.in

एल टी जनरल इंश्योरेंस कंपनी
सिटी 2, प्लॉट No.177, सीएसटी रोड, कलिना, लिमिटेड सांताक्रुज (पूर्व), मुंबई
http://www.ltinsurance.com
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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की ब्याज दर नियम, मुद्रा लोन कैसे मिलेगा, मुद्रा योजना के अंतरगत कौन लोन ले सकता है?, मुद्रा योजना का विस्तृत अर्थ

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 मुद्रा योजना के अंतरगत कौन लोन ले सकता है?

 मुद्रा योजना का विस्तृत अर्थ “माइक्रो यूनिट डेवलोपमेंट री-फाइनेंस एजेंसी” (Micro Units Development Refinance Agency) होता है, जिसे संक्षिप्त नाम MUDRA YOJANA दिया गया है|
 Website – Www॰mudra.org.in (ताज़ा update / information प्राप्त करने के लिये)
E-Mail – help@mudra.org.in. ( इस योजना के बारे मे किसी भी प्रकार की information के लिये)
National Helpline Numbers For प्रधान मंत्री मुद्रा योजना Call – 1800 180 1111 call – 1800 11 0001

 इसके तहत 3 तरह के लोन की व्यवस्था है।

 शिशु लोन - 50 हजार रुपए तक
किशोर लोन- 50 हजार 1 रुपए से 5 लाख तक।
तरुण लोन- 5 हजार 1 रुपए से 10 लाख तक।

 फ्लैट 10 प्रतिशत ब्याज इस लोन पर फ्लैट 10 प्रतिशत ब्याज देना होगा। इसके लिए 1 साल से लेकर 7 साल तक की किश्त करा सकते हैं।

 मुद्रा बैंक के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार है

1. सूक्ष्म वित्त के ऋणदाता और कर्जगृहिता का नियमन और सूक्ष्म वित्त प्रणाली में नियमन और समावेशी भागीदारी को सुनिश्चित करते हुए उसे स्थायित्व प्रदान करना।
2. सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (एमएफआई) और छोटे व्यापारियों, रिटेलर्स, स्वसहायता समूहों और व्यक्तियों को उधार देने वाली एजेंसियों को वित्त एवं उधार गतिविधियों में सहयोग देना।
3. सभी एमएफआई को रजिस्टर करना और पहली बार प्रदर्शन के स्तर (परफॉर्मंस रेटिंग) और अधिमान्यता की प्रणाली शुरू करना। इससे कर्ज लेने से पहले आकलन और उस एमएफआई तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जो उनकी जरूरतों को पूरी करते हो और जिसका पुराना रिकॉर्ड सबसे ज्यादा संतोषजनक है। इससे एमएफआई में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। इसका फायदा कर्ज लेने वालों को मिलेगा।
4. कर्ज लेने वालों को ढांचागत दिशानिर्देश उपलब्ध कराना, जिन पर अमल करते हुए व्यापार में नाकामी से बचा जा सके या समय पर उचित कदम उठाए जा सके। डिफॉल्ट के केस में बकाया पैसे की वसूली के लिए किस स्वीकार्य
5. मानकीकृत नियम-पत्र तैयार करना, जो भविष्य में सूक्ष्म व्यवसाय की रीढ़ बनेगा।
6. सूक्ष्य व्यवसायों को दिए जाने वाले कर्ज के लिए गारंटी देने के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम बनाएगा।
7. वितरित की गई पूंजी की निगरानी, कर्ज लेने और देने की प्रक्रिया में मदद के लिए उचित तकनीक मुहैया कराएगा। 8. छोटे और सूक्ष्म व्यवसायों को प्रभावी ढंग से छोटे कर्ज मुहैया कराने की प्रभावी प्रणाली विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत उपयुक्त ढांचा तैयार करना।
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धनवान बनने के गुप्त रहस्य तरीके, अमीर कैसे बने, करोड़पति बनने के टोटके

धनवान बनने के गुप्त रहस्य, तरीके, करोड़पति बनने के टोटके, अमीर आदमी कैसे बने

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अमीर आदमी कैसे बने
करोड़पति बनने के टोटके

आम आदमी सोचता है की लोग किस्मत से अमीर बन जाते है लेकिन ऐसा नहीं है।

अमीर बनने वाले लोग केवल किस्मत के सहारे नहीं रहते वो अपना कार्य योजनाबद्ध तरीके से लगातार करते रहते है। अमीर बनने के लिए इन आदतों पर फोकस करें तो फायदा हो सकता है।

1. अपने लक्ष्य को निर्धारित करके लक्ष्य पर फोकस करें।  लक्ष्य प्राप्ति के लिए लगातार मेहनत करते रहें।
2. जिस क्षेत्र में आपने विशेष योग्यता ले रखी है उस क्षेत्र में अपना विशेष ध्यान लगाये। जिस क्षेत्र में आपको अनुभव काम आएगा।
3. आप जो भी कमाये उसमें से बचत जरूर करें। आप की बचत के पैसे से आप बिज़नेस खड़ा कर सकते है।
4. अगर आपको कमाने या बिज़नेस खड़ा करने का कोई भी मौका मिले तो पूरी जी-जान लगा कर मेहनत करें। कोई मौका गवाये नहीं
5. कोई भी काम भाग्य भरोसे नहीं छोड़े अति जल्दी एक्शन लेकर काम समय से पूरा करे।
6. कोई काम करने में संकोच नहीं करें।
7. पैसों को मैनेज करना सीखो पैसा मैनेज करना सिखने के बाद आप पैसा कमा सकते है और उसका सही उपयोग भी कर सकते है।
8. काम वो करिये जिसमे आगे चलकर असीमित पैसा कमाने का मौका हो।
9. गरीब लोग कड़ी मेहनत करते हैं और अपना सारा पैसा खर्च कर देते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि उन्हें हमेशा कड़ी मेहनत करनी होती है। अमीर लोग कड़ी मेहनत करते हैं, बचत करते हैं और अपने पैसे का निवेश कर देते हैं ताकि उन्हें दोबारा मेहनत न करनी पड़े।
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पेट का मोटापा कम करने के उपाय, एक्सरसाइज, घरेलू नुस्खे, व्यायाम | पेट कम करने के योगासन

पेट का मोटापा कम करने के उपाय, एक्सरसाइज, घरेलू नुस्खे, व्यायाम

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पेट कम करने के योगासन
पेट की चर्बी कम करने के उपाय घरेलू नुस्खे

आजकल की जीवनशैली मे मोटापा आम बात है।  आरामदायक जीवन जीने के आदि होने के कारण लोगो को मोटापे का शिकार होना पड़ता है। आज के जमाने में लोग शारीरिक कसरत कम करते है जबकि मानसिक कसरत अधिक करते हैं। कम काम करने और अधिक मानसिक चिंतन के कारण शरीर में चर्बी जमा होने लगती हैं। चर्बी पेट पर जमा होने के कारण पेट मोटा हो जाता हैं और व्यक्ति को काम करने मैं समस्या आती है थोड़ा चलने पर हाफने लगता है।

हम मोटापे के शिकार लोगो के लिए कुछ घरेलू उपाय और व्यायाम नीचे बतायेँगे।

1. जौ के आटे की रोटिया - गेहू की रोटी खाने के बजाय जौ की आटे की रोटिया का सेवन करे, जौ की आटे की रोटिया खाने से हमारे शरीर को कैलोरी तो कम मिलती है जबकि जौ को पचाने के लिये अधिक कैलोरी खर्च होती है क्योंकि जौ में फाइबर अधिक होते है।

2. पेट की चर्बी कम करने के लिए अनानास का सेवन – अनानास में ब्रोमीलेन नाम का एक एंजाइम पाया मौजूद होता है. जिसकी मदद से मोटापा कम किया जा सकता है.

3. दही या छाछ का सेवन – गर्मियों के मौसम में मोटापा बढ़ने का अधिक खतरा रहता है. इस समस्या से निजात पाने के लिए दही या छाछ का सेवन करें

4. पुदीने का सेवन – पेट की चर्बी को कम करने के लिए पुदीने का सेवन बहुत ही लाभदायक होता है. पुदीना पेट को देर तक संतृप्त रखता है इसलिए चर्बी कम करने में मददगार साबित होता है तथा कैलोरी को बर्न करने में भी सहायक होता है

5. ग्रीन टी के फायदे – अनेक लोग होते हैं जिसे चाय पीना पसंद होता है. जिसके कारण मोटापा बढ़ता है. यदि आपको भी चाय पीना पसंद है तो आप दूध की चाय पीने के बजाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी, लेमन टी या फिर ब्लैक टी का सेवन करे.

6. साइकिल चलाना - साईकिल चलाने से मोटापे को कंट्रोल किया जा सकता हैं. रोजाना कम से कम आधे घंटे तक साइकिल चलाने से आप अपना वजन आराम से कम कर सकते हैं.

7. कैटल बॉल स्विंग एक्सरसाइज - केटल बॉल एक्सरसाइज करने के लिए झुक कर खड़े हो जाये. इसके बाद दोनों पैरों में थोड़ा गैप बनाए और कैटल बॉल्स को दोनों हाथों में पकड़कर पैरों के बीच में होते हुए कंधों तक उठाकर स्विंग करें. इस व्यायाम को नियमित रूप से करने पर आप अपने पेट की चर्बी को आसानी से कम कर सकते हैं.

8. बोट यानी नाव के आकार में शरीर को स्ट्रेच करने का यह व्यायाम पेट को कम करने में बहुत ही फायदेमंद है. इसे करने के लिए जमीन पर बैठ जाएं और अपने दोनों हाथो को सीधा रखें. अब दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए सांस खींचें और झुकते हुए दोनों पंजों को हाथों से छुएं. इस दौरान कोशिश करें कि आपके कंधों से घुटने ना छुए. इस व्यायाम को रोजाना तीन बार करें. कुछ ही सप्ताह में आपके पेट की चर्बी कम होने लगेगी.

9. पेट कम करने के योग ब्रिज मुद्रा - ब्रिज मुद्रा बहुत ही आसान तथा लाभदायक है. ब्रिज मुद्रा करने से हम आसानी से पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं. इस आसान करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं और हाथ बगल में फैला लें. अब घुटनों को मोड़कर, उन्हें बाहर की तरफ फैला लें. पेट वाले हिस्से से शरीर को ऊपर की ओर उठाएं, अपने हाथों से सहारा देकर, मुद्रा को कुछ देर तक बनाएं रखें. इस मुद्रा को करने से कुछ ही दिनों में पेट में असर दिखने लगेगा.

10. पूर्वोत्तनासन आसान द्वारा करें पेट की चर्बी कम -  इस आसान को करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों पर बैठकर उन्हें आगे की ओर खींचें. हाथों को हिप्स के पीछे ले जाएं और पैरों की तरफ करें. इसके बाद पैरों से शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं और सिर को पीछे की तरफ धकेलने का प्रयास करें. इस योग को करने से आसानी से परत की चर्बी कम होने लगती है.

11. पेट की चर्बी को कम करने लिए बालासन - इस आसान को करने के लिए सबसे पहले घुटने के बल जमीन पर बैठ जाएं और शरीर का सारा भाग एड़ियों पर डालें. गहरी सांस लेते हुए आगे की ओर झुकें. आपका सीना जांघों से छूना चाहिए और अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें. कुछ सेकंड इस अवस्था में रहें और वापस उसी अवस्था में आ जाएं. इस आसान के नियमित उपयोग से आप अपने पेट की चाबी को कम कर सकते हैं कुछ ही समय बाद आपको पेट में फर्क नजर आने लगेगा.

12. पेट कम करने वाले व्यायाम की मदद लें। देर रात तक जगने की आदत से बचें।

13. ओमेगा 3 फैटी एसिड शरीर के लिए काफी लाभकारी होता है।
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किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया, ब्याज दर, योजना 2017 | किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे

किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया, ब्याज दर, योजना 2017 | किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे

किसान क्रेडिट कार्ड माफ
किसान क्रेडिट कार्ड ब्याज दर 2017
किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया
किसान क्रेडिट कार्ड योजना 2017
किसान क्रेडिट कार्ड योजना in up
क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाये
किसान क्रेडिट कार्ड योजना 2017
किसान क्रेडिट कार्ड ब्याज दर 2016 17

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खेती किसानी के  लिये वरदान साबित हुई है। किसान क्रेडिट कार्ड के द्वारा किसान कम ब्याज दर पर लोन ले सकता है। एक बार के.सी.सी. बनवाने के बाद दोबारा ऋण पास करवाने की जरुरत नहीं रहती।

किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे
1.  आकस्‍मिक खर्चों के लिए ऋण की सुविधा
2. कम ब्याज दर
3. आसानी से ऋण उपलब्ध कराता हैं
4. कोई प्रोसेसिंग फीस नहीं
5. सरकारी ब्याज माफ़ी समय समय पर लागू होती रहती है।
6. एटीएम सह डेबिट कार्ड जारी किया जाएगा ताकि वे एटीएमों एवं पीओएस टर्मिनलों से आहरण कर सकें
7. वर्ष मे एक बार जमा करवाकर वापिस निकाल सकते है।
8. किसी भी बैंक मे बनवा सकते है।

किसान क्रेडिट कार्ड ऋण के लिए कैसे आवेदन करें

किसान अपने ग्राम के पटवारी से जमीन की जमाबंदी, नक्शा, गिरदावरी रिपोर्ट लेकर नजदीकी बैंक शाखा मे सम्पर्क करें। बैंक आपकी जमीन के कागजात की जांच करके ऋण जारी कर सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड ब्याज दर

किसान क्रेडिट कार्ड की ब्याज दर 7% वार्षिक रहती है।  3 लाख रुपये तक ब्याज दर 4% वार्षिक रहती है अगर किसान समय पर भुगतान करता है।

किसान क्रेडिट कार्ड योजना लागू होने के बाद किसानो की आर्थिक स्थति मे बहुत अधिक सुधार हुआ है। अब किसान को पैसो की कोई कमी नहीं रहती है। किसी साहूकार से उधार लेकर कर्ज के चुँगल से छुटकारा मिल गया है।
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जजिया कर का इतिहास किसने लगाया शुरुआत, जजिया कर और ब्राह्मण, जकात जिझिया कर

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जज़िया कर, जजिया कर और ब्राह्मण, जकात कर, जिझिया कर

इस्लामी कानून के तहत, जज़िया एक प्रतिव्यक्ति कर है, जिसे एक इस्लामिक राष्ट्र द्वारा इसके गैर मुस्लिम पुरुष नागरिकों पर जो कुछ मानदंडों को पूरा करते हों, पर लगाया जाता है। यह कर उन गैर मुस्लिम योग्य या स्वस्थ शरीर वाले वयस्क पुरुषों पर लगाया जाता है/था जिनकी आयु सेना मे काम करने लायक हो/होती थी साथ ही वो इसे वहन करने मे सक्षम हों/होते थे। कुछ अपवादों को छोड़कर, लेकिन कई बार इसे सभी गैर मुस्लिमों पर बिना किसी शर्त के लगाया गया है।

जजिया कर की शुरूवात तो मुहम्मद बिन कासिम ने ही की थी , तो सल्तनतकालीन किसी भी सुल्तान द्वारा इस कर की शुरूवात का प्रश्न अनिर्धार्य है जहां तक प्रश्न है फिरोजशाह तुगलक का तो वह पहला शासक था जिसने ब्राह्मणों पर भी यह शुल्क प्रारम्भ

मुस्लिम शासकों ने ज़िम्मियों के साथ सहिष्णुतापूर्वक व्यवहार किया और उन्हें अपने धर्म का पालन करने की इजाज़त दी। इस संरक्षण के बदले और अधीनता के रूप में ज़िम्मियों को एक ख़ास व्यक्ति कर चुकाना आवश्यक था, जो जज़िया कहलाया।

ब्राह्माणो पर भी जजिया लगान वाला दिल्ली सुल्तान कौन था
फिरोज तुगलक
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सुरक्षित गेहूं भंडारण के प्रमुख उपाय अनाज घुन से बचाव चावल को कीड़े से बचाने के उपाय

सुरक्षित बीज भंडारण के प्रमुख उपाय, सुरक्षित गेहूं भंडारण के प्रमुख उपाय, अनाज भंडारण, घुन से बचाव, चावल के कीड़े, घुन भगाने के उपाय, चावल को कीड़े से बचाने के उपाय, चावल में कीड़े, चींटियों से छुटकारा, चूहा भगाने के उपाय, गेहूँ की कटाई, भंडारण और देखभाल

इन दिनों गेहूँ की कटाई चल रही है और किसान गेहूं बेच रहे है कुछ किसान बाजार भाव बढ़ने पर बचेंगे। सभी लोग साल भर का अनाज खरीद कर भण्डार कर रहे है। साल भर भण्डार करने पर गेहूं के खराब होने की संभवना रहती है।

गेहूं ख़राब होने का कारण
1. कीड़े पड़ना
2. घुन लगना
3. पानी से खराब होना
4. बीदना लगना
5. लट पड़ जाना

उपरोक्त सभी से बचाव के लिए गेहूं का भंडारण उचित प्रकार से करना चाहिए।
1. सबसे पहले भंडारण करने के लिए जो स्थान है उसको अच्छी तरह धोकर सूखा लेना चाहिये।
2. भंडार मे प्लास्टिक शीट चारों तरफ लगा कर निचे भी बिछा दे।
3. गेहूं को अच्छी तरह सूखा कर भर दे।
4. भण्डार का ढकन अच्छी तरह बंद कर दे जिससे अंदर हवा कीड़े नहीं जा सके।
5. ऑक्सीजन और नाइट्रोजन की कमी के कारण कीड़े नहीं पड़ते अतः गेहूं मैं हवा अंदर नहीं जानी चाहिए।

उप्पर दिए गए उपाय के साथ अन्य उपाय भी करना लाभदायक रहता है।
1. नीम की पत्तिया - नीम की पत्तियो को छाव में सुखाकर उन्हें गेहू के साथ मिलाकर अनाज की पेंटी में रख दे जिससे कीटो और कवक से गेहू को सुरक्षा मिलती है।
2. माचिस की तिल्ली - माचिस की तिल्लीयो में लगा फास्फोरस कीड़ो को बढ़ने नहीं देता है।
3. लहसुन - अनाज मे लहसुन रखने से कीड़े दूर रहते है।
4. हल्दी - अनाज मे पिसी हल्दी मिला कर भंडारण से लाभ होता है और गेहूं की क़्वालिटी पर भी फर्क नहीं पड़ता।
5. सुस्ख बर्फ - ठोश कार्बन डाई ऑक्साइड रख कर एयर टाइट करने से सभी कीड़े मर जाते हे।

आप सभी से प्राथना है कि ये ऊपाय आजमाकर देखें और कमेंट मे कमेंट जरूर डाले। 
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अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत के हवाई अड्डे Indian AirPorts

INDIA Airports Names, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, भारत के हवाई अड्डे

(1) इन्दिरा गाँधी अं॰ हवाई अड्डा - नई दिल्ली
(2) छत्रपति शिवाजी अं॰ हवाई अड्डा - मुम्बई
(3) नेताजी सु॰ बोस अं॰ हवाई अड्डा - कोलकाता
(4) अन्ना अं॰ हवाई अड्डा - चेन्नई
(5) बाबा साहेब अम्बेदकर अं॰ हवाई अड्डा - नागपुर
(6) स॰ बल्लभभाई पटेल अं॰ हवाई अड्डा - अहमदाबाद
(7) गोपीनाथ बारडोली अं॰ हवाई अड्डा - गुवाहटी
(8) चौधरी चरण सिंह अं॰ हवाई अड्डा - लखनऊ
(9) श्री गुरु रामदास जी अं॰ हवाई अड्डा - अम्रतसर
(10) त्रिवेन्द्रम अं॰ हवाई अड्डा - तिरुअनन्तपुरम
(11) कालीकट अं॰ हवाई अड्डा - कोझीकोड
(12) शेख अलआलम अं॰ हवाई अड्डा - श्रीनगर
(13) राजीव गाँधी अं॰ हवाई अड्डा - हैदराबाद
(14) कोचीन अं॰ हवाई अड्डा - कोच्चि
15) वीर सावरकर अं॰ हवाई अड्डा - पोर्ट ब्लेयर
(16) दाबोलिम अं॰ हवाई अड्डा - गोवा
(17) देवी अहिल्याबाई होल्कर अं॰ हवाई अड्डा - इंदौर
(18) लाल बहादुर शास्त्री अं॰ हवाई अड्डा - वाराणसी
(19) मंगलुरु अं॰ हवाई अड्डा - मंगलुरु
(20) जयपुर अं॰ हवाई अड्डा - जयपुर
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अंतर्राष्ट्रीय दिवस विश्व दिवस महत्वपूर्ण दिवस pdf

अंतर्राष्ट्रीय दिवस, महत्वपूर्ण दिवस pdf

विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है - 5 जून
अंतर्राष्ट्रीययोग दिवस कब मनाया जाता है -21 जून
विश्व स्वास्थ्य दिवस कब मनाया जाता है - 7अप्रैल
विश्व खाद्य दिवस कब मनाया जाता है - 16 अक्टूबर
विश्व मानवाधिकार दिवस कब मनाया जाता है- 10 दिसम्बर
विश्व एड्स दिवस कब मनाया जाता है - 1दिसम्बर
विश्व कैंसर दिवस कब मनाया जाता है - 4 फरवरी
विश्व रेडियो दिवस कब मनाया जाता है - 13फरवरी
अंतर्राष्ट्रीयमहिला दिवस कब मनाया जाता है- 8 मार्च
विश्व वन्य जीवन दिवस कब मनाया जाता है - 3मार्च
अंतर्राष्ट्रीयवन दिवस कब मनाया जाता है - 21मार्च
विश्व जल दिवस कब मनाया जाता है - 22 मार्च
विश्व मलेरिया दिवस कब मनाया जाता है - 25अप्रैल
विश्व रक्तदान दिवस कब मनाया जाता है - 14 जून
विश्व समुद्र दिवस कब मनाया जाता है - 8 जून
विश्व शरणार्थी दिवस कब मनाया जाता है - 20जून
विश्व जनसँख्या दिवस कब मनाया जाता है - 11जुलाई
विश्व हेपेटाइटिस दिवस कब मनाया जाता है - 28जुलाई
विश्व मित्रता दिवस कब मनाया जाता है - 30जुलाई
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस कब मनाया जाता है -12 अगस्त
अंतर्राष्ट्रीय जनतंत्र दिवस कब मनाया जाता है -15 सितम्बर
विश्व पर्यटन दिवस कब मनाया जाता है - 27सितम्बर
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस कब मनाया जाता है -21 सितम्बर
विश्व शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है - 5 अक्टूबर
विश्व टेलीविज़न दिवस कब मनाया जाता है - 21 नवम्बर
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भारत के प्रमुख नगरों के संस्थापक वंश का संस्थापक स्थापना किसने की

भारत के प्रमुख नगरों के संस्थापक

1. कोलकाता - जॉब चारनाक
2. मुंबई - ओनाल्ड ऑग्जिअर
3. भोपाल - राजा भोज
4. नई दिल्ली - एडविन लुट्यन्स
5. आगरा - सिकंदर लोदी
6. इंदौर - अहिल्या बाई
7. धार - राजा भोज
8. तुगलकाबाद - मोहम्मद तुगलक
9. जयपुर - सवाई राजा जयसिंह
10. सागर {MP }- उदालशाय
11. लखनऊ - आसफ़ुद्दौला
12.इलाहाबाद - अकबर
13. झाँसी -वीरसिंह जूदेव
14. अजमेर - अजयराज सिंह
15. उदयपुर - राणा उदय सिंह
16. टाटानगर - जमशेदजी टाटा
17. भरतपुर - राजा सूरजमल
18. कुम्भलगढ़ - राजा कुम्भा
19. पटना - उदयन
20. मुंगेर - चन्द्रगुप्त मौर्य
21. नालंदा - राजा धर्मपाल
22. रायपुर - ब्रम्हदेव
23. दुर्ग - जगतपाल
24. देहरादून - राजा जौनसार बाबर
25. पुरी - गंग चोल
26. द्वारका - शंकराचार्य
27. जम्मू - राजा जम्मू लोचन
28. पूना - शाह जी भोसले
29. हैदराबाद - कुली क़ुतुब शाह
30. अमृतसर - गुरु रामदास
31. दिल्ली - अन्नंतपाल तोमर
32. पांडिचेरी - फ्रांसिस केरी
33. श्रीगंगानगर - गंगासिंह
34. बीकानेर - राव जोधा के 5वें पुत्र
राव बिका
35. चुरू - चूहड़ा जाट
36. झुंझुनू - झुन्झ जाट
37. जैसलमेर - भाटी राजपूत जैसलसिंह
38. जोधपुर - राव जोधा
39. सीकरसूरतसिंहतसिंह
40. अलवर - राव प्रताप सिंह कछवाहा
41. बाड़मेर - बाग भट्ट
42. धौलपुर - तोमरवंश के राजा धवलदेव
43. करौली - यदुवंशी राजा अर्जुनपाल
44. टोंक - अमीर खान पिंडारी
45. बूंदी - राव देशराज
46. बारां - सोलंकी राजपूत
47. कोटा - महाराव माधोसिंह
48. झालावाड़ - झाला जालिमसिंह
49. चित्तोड़गढ़ - चित्रांगद मोर्य
50. प्रतापगढ़ - महारावल प्रतापसिंह
51. बाँसवाड़ा - जगमाल सिंह
52. डूंगरपुर - डूंगरसिंह
53. सिरोही - सहसमल
54. राजसमन्द - महाराणा राजसिंह
55. मण्डोर - हरिश्चन्द्र प्रतिहार
56. सवाई माधोपुर - सवाई माधोसिंह

1. मनुष्य ने सर्वप्रथम किस धातु का प्रयोग किया।
Ans. तांबा
2. भारत का भूगोल नामक पुस्तक किसने लिखी।
Ans. टॉलमी
3. सुभाष चंद्र बोस का सर्वप्रथम नेताजी किसने कहा था।
Ans. एडोल्फ हिटलर
4. महात्मा गांधी को अधनंगा फकीर किसने कहा था।
Ans. चर्चील
5. बल्लभ भाई पटेल को सरदार की उपाधि किस आंदोलन के बाद प्रदान
की थी।
Ans. बारदोली सत्याग्रह
6. जय हिंद का नारा किसने दिया था।
Ans. सुभाष चंद्र बोस
7. ‘भारत को तलवार के बल पर विजित किया गया है, और तलवार के बल ही इसकी रक्षा की जाएगी’ यह कथन है।
Ans. लॉर्ड एल्गिन
8. जनवरी 1879 में ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया को किस उपाधी से सम्मानित करने के लिए दिल्ली दरबार का आयोजन किया गया।
Ans. कैसर-ए-हिंद
9. चौदहवीं लोकसभा के अध्यक्ष कौन थे।
Ans. सोमनाथ चटर्जी
10. सरिस्का में बाघों के विलुप्त होने की घटना की जांच हेतु केंद्र सरकार ने किसकी अध्यक्षता में कार्यदल बनाया है।
Ans. सूनीता नारायण
11. पहली लोकसभा के अध्यक्ष कौन थे।
Ans. गणो वासुदेव मावलंकर, एम अनंतशयनम आयंगर
12. प्रथम लोकसभा का गठन कब हुआ था।
Ans. 6 मई 1952
13. विदेशों के लिए भारतीय राजदूतों को नियुक्त कौन करता है।
Ans. राष्ट्रपति
14. राष्ट्रपति को क्षमादान की शक्ति संविधान के किस अनुच्छेद के
अंतर्गत दी गई है।
Ans. अनुच्छेद72
15. झंडा समिति के अध्यक्ष कौन थे।
Ans. जे.बी.कृपलानी
16. संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कुल कितना समय लगा।
Ans. दो वर्ष, 11 माह, 18 दिन
17. संविधान सभा का गठन कब किया गया।
Ans. जुलाई 1946
18. अभ्रक के उत्पादन में भारत का विश्व में कौनसा स्थान है।
Ans. प्रथम
19. देश में सर्वाधिक सोना किस राज्य से प्राप्त होता है।
Ans. कर्नाटक
20. आधुनिक ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता का प्रारंभ कब हुआ।
Ans. 1896 ई.
21. भारतीय ओलम्पिक परिषद की स्थापना कब हुई।
Ans. 1924 ई.
22. ओलम्पिक मशाल जलाने की प्रथा कब से शुरू हुई।
Ans. 1928 ई. (एम्सटर्डम ओलम्पिक)
: 23. ओलम्पिक खेलों का टीवी पर विस्तृत प्रसारण कब से शुरू हुआ।
Ans. 1960 ई. से
24. राष्ट्रमंडल खेलों की शुरूआत कब से हुई।
Ans. 1930 ई.
25. भारत ने पहली बार कब राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया।
Ans. 1934 ई. (दूसरे राष्ट्रमंडल खेल)
26. एशियाई खेल का प्रारंभ कब व कहां हुआ।
Ans. 4 मार्च 1951 ई. को नई दिल्ली में
27. क्रिकेट खेल का जन्मदाता कौनसे देश को माना जाता है।
Ans. इंग्लैंड
28. फुटबॉल खेल का जन्म कहां हुआ।
Ans. इंग्लैंड
29. वॉलीबॉल का जन्म किस देश में माना जाता है।
Ans. संयुक्त राज्य अमेरीका
30. आधुनिक गोल्फ की सर्वप्रथम शुरूआत कहां हुई।
Ans. स्कॉटलैंड
31. अमेरीका का राष्ट्रीय खेल कौनसा है।
Ans. बेसबॉल
32. सांड युद्ध कौनसे देश का राष्ट्रीय खेल है।
Ans. स्पेन
33. चीन का राष्ट्रीय खेल कौनसा है।
Ans. टेबल टेनिस
34. क्रिकेट कौनसे देश का राष्ट्रीय खेल है।
Ans. इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया
35. भूटान का राष्ट्रीय खेल कौनसा है।
Ans. तीरंदाजी
36. बैडमिंटन कौनसे देश का राष्ट्रीय खेल है।
Ans. मलेशिया
37. पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल कौनसा है।
Ans. हॉकी
38. घुड़सवारी खेल के मैदान का क्या कहा जाता है।
Ans. एरीना
39. साइकिलिंग के मैदान का क्या कहा जाता है।
Ans. वेलोड्रम
40. बोरलॉग पुरस्कार किस क्षेत्र में दिया जाता है।
Ans. कृषि क्षेत्र
41. व्यास सम्मान का संबंध किस क्षेत्र से है।
Ans. साहित्य क्षेत्र
42. नोबेल पुरस्कार किन क्षेत्रों में दिया जाता है।
Ans. चिकित्सा, साहित्य, शांति, रसायन, भौतिकी (1901 से ) और अर्थशास्त्र (1969)
43. नोबेल पुरस्कार किसकी याद में दिया जाता है।
Ans. वैज्ञानिक अल्फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल
44. फिल्म जगत में दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित अंतर्रराष्ट्रीय पुरस्कार कौनसा है।
Ans. ऑस्कर
45. विश्व में पत्रकारिता के क्षेत्र में दिया जाने वाला पुरस्कार कौनसा है।
Ans. पुलित्जर
46. भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पुरस्कार कौनसा है।
Ans. भारत रत्न
47. एशिया का नोबेल पुरस्कार किसे कहा जाता है।
Ans. रमन मैग्सेसे पुरस्कार
48. भारत में वीरता के लिए सैनिकों को दिया जाने वाला सवोच्य पुरस्कार कौनसा है।
Ans. परमवीर चक्र
49. गांधी शांति अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार कब शुरू किया गया।
Ans. 1995 में
50. देश में कलिंग पुरस्कार कब शुरू किया गया।
- 1952 में
51. ग्रेमी पुरस्कार का संबंध किस क्षेत्र से है।
Ans. संगीत क्षेत्र
52. कश्मीर का अकबर किसे कहा जाता है।
Ans. जैनुल आबदीन
53. यामिनी कृष्णमूर्ति का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य से है।
Ans. भरतनाट्यम्
54. हेमामालिनी, श्रीदेवी का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य से है।
Ans. मोहिनीअट्टम
55. लच्छू महाराज का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य से है।
Ans. कत्थक
56. गोवा दिवस कब मनाया जाता है।
Ans. 19 दिसम्बर
57. गुजरात एवं महाराष्ट्र दिवस कब मनाया जाता है।
Ans. एक मई
58. जलसेना का प्रधान कौन होता है।
Ans. ऐडमिरल
59. थलसेना का प्रधान कौन होता है।
Ans. जनरल
60. भारत की संसद किनसे मिलकर बनती है।
Ans. राष्ट्रपति, राज्य सभा व लोक सभा
61. राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है।
Ans. छह वर्ष
62. संविधान के किस अनुच्छेद में उपराष्ट्रपति निर्वाचित होता है।
Ans. अनुच्छेद 63
63. कैबिनेट मंत्रियों में सबसे बड़ा कार्यकाल किस का रहा है।
Ans. जगजीवन राम (लगभग 32 वर्ष)
64. सबसे कम समय तक एक कार्यकाल में प्रधानमंत्री रहे।
Ans. अटल बिहारी वाजपेयी (13 दिन)
65. प्रधानमंत्रीयों में सबसे बड़ा कार्यकाल किनका रहा।
Ans. जवाहर लाल नेहरू (16 वर्ष नौ माह 13 दिन)
66. संविधान में उपराष्ट्रपति से संबंधित प्रावधान किस देश के संविधान से लिया गया है।
Ans. अमेरिका के संविधान से
67. राज्य सभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है।
Ans. 250
68. लोक सभा में राष्ट्रपति द्वारा कितने सदस्य मनोनित होते हैं।
Ans. दो
69. राज्य सभा में राष्ट्रपति द्वारा कितने सदस्य मनोनित किये जाते हैं।
Ans. 12
70. मरुभूमि विकास कार्यक्रम किस वर्ष शुरू किया गया।
Ans. 1977-78
71. जवाहर रोजगार योजना किस वर्ष शुरू की गई।
Ans. 1989
72. राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कार्यक्रम कब शुरू हुआ।
Ans. 2006
73. देश में पहला लौह इस्पात कारखान कहां पर स्थापित किया गया।
Ans. कुल्टी (पश्चिम बंगाल में 1874)
74. भारत का रूर किस पठार को कहा जाता है।
Ans. छोटानागपुर का पठार
75. संविधान सभा की संचालन समिति का अध्यक्ष कौन था।
Ans. डॉ. राजेंद्र प्रसाद
76. कौनसी देशी रियासत थी जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में
सम्मलित नहीं हुए थे।
Ans. हैदराबाद
77. नासिरूद्दीन महमूद ने बलबन को कौनसी उपाधि प्रदान की।
Ans. उलूंग खां
78. भारत का कौनसा शासक था जिसने बगदाद के खलीफा से सुल्तान पद की वैधानिक स्वीकृति प्राप्त की।
Ans. इल्तुतमिश
79. सर्वप्रथम फासिस्ट का उदय कहां पर हुआ था।
Ans. इटली में
80. तुर्की का पिता के उपनाम से किसे जाना जाता है।
Ans. मुस्तफा कमालपाशा
81. रेड इंडियन कहां के निवासी थे।
Ans. अमेरिका
82. किस एक्ट में लड़की के लिए विवाह की उम्र 18 वर्ष निर्धारित की गई।
Ans. शारदा एक्ट (1930)
83. राजा राम मोहन राय को राजा की उपाधि किसने प्रदान की।
Ans. अकबर द्वितीय
84. मोहम्मद अली जिन्ना को कायदे आजम की उपाधी किसने प्रदान की।
Ans. महात्मा गांधी
85. कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में है।
Ans. उत्तराखंड
86. महलों का शहर के नाम से कौनसा शहर जाना जाता है।
Ans. कोलकाता
87. गंगासागर परियोजना किस नदी पर स्थित है।
Ans. चंबल (मध्यप्रदेश)
88. अखबारी कागज बनाने का सरकारी कारखाना कहां पर है।
Ans. नेपानगर (मध्य प्रदेश):
89. भारत में कागज बनाने का पहला कारखाना कहां पर खोला गया।
Ans. ट्रंकवार में (1716)
90. किसके वेतन पर आयकर नहीं लगता है।
Ans. राष्ट्रपति
91. मंत्रिपरिष्द सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है।
Ans. लोक सभा
92. किस राष्ट्रपति के निर्वाचन के समय दूसरे चक्र
की मतगणना करनी पड़ी।
Ans. वी.वी. गिरि
93. संविधान के किस अनुच्छेद में प्रधानमंत्री की नियुक्ति वर्णित है।
Ans. अनुच्छेद 75
94. राज्य सभा की सदस्यता के लिए न्यूनतम उम्र सीमा कितने वर्ष है।
Ans. 30 वर्ष
95. वर्तमान में संघ सूची में कितने विषय सम्मिलित है।
Ans. 98
96. वर्तमान में राज्य सूची में कितने विषय शामिल हैं।
Ans. 62
97. वर्तमान में समवर्ती सूची में कितने विषय हैं।
Ans. 52
98. रियासतों को भारत में सम्मिलित करने के लिए किसके नेतृत्व में
रियासती मंत्रालय बनाया गया।
Ans. सरदार बल्लभ भाई पटेल
99. दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा संविधान के किस
संशोधन के द्वारा दिया गया है।
Ans. संविधान के 69वें संशोधन में
100. भारतीय संविधान में संसदात्मक शासन प्रणाली, एकल
नागरिकता एवं विधि निर्माण प्रक्रिया किस देश से ली गई है।
Ans. ब्रिटेन
101. भारतीय संविधान में नीति निर्देशक तत्व किस देश से लिए गए हैं।
Ans. आयरलैंड
102. भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार किस देश से लिए गए हैं।
Ans. अमेरिका
103. भारतीय संविधान में संशोधन की प्रक्रिया किस देश से ली गई है।
Ans. दक्षिण अफ्रीका
104. भारतीय संविधान में आपातकाल के प्रवत्र्तन के दौरान
राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां किस देश से ली गई हैं।
Ans. जर्मनी
105. पाकिस्तान के लिए पृथक संविधान सभा की स्थापना की घोषण कब
की गई।
Ans. 26 जुलाई 1947
106. मनुष्य में गुणसूत्रों की संख्या कितनी होती है।
Ans. 46
107. राज्यपाल पद ग्रहण करने से पूर्व किसके समक्ष शपथ लेता है।
Ans. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अथवा वरष्ठितम न्यायाधीश
108. उत्तराखंड की स्थापना कब हुई।
Ans. 2000 ई.
109. संविधान लागू होने के समय संघ सूची में कितने विषय शामिल थे।
Ans. 97
110. संविधान लागू होने के समय राज्य सूची में कितने विषय शामिल थे।
Ans. 66
111. संविधान लागू होने के समय संघ सूची में कितने विषय शामिल थे।
Ans. 47
112. सिक्कों की ढलाई सर्वाधिक किसके शासन काल में हुई।
Ans. औरंगजेब
113. रेडक्रास की स्थापना किसने की।
Ans. हेनरी ड्यूनेंट
114. न्याय दर्शन के संस्थापक कौन थे।
Ans. महर्षि गौतम
115. आनंद वन की स्थापना किसने की।
Ans. बाबा आम्टे
116. स्काउटिंग की स्थापना किसने की।
Ans. वेडन पावेल
117. शेरोन लोवेन (यूएसए) का संबंध किस शास्त्रीय नृत्य से है।
Ans. ओडिसी
118. राजीव गांधी का समाधी स्थल किस नाम से जाना जाता है।
Ans. वीर भूमि
119. महाप्रयाण घाट किसका समाधि स्थल है।
Ans. डॉ. राजेंद्र प्रसाद
120. . पालवंश का संस्थापक कौन था।
Ans. गोपाल
121. गुर्जर प्रतिहार वंश का संस्थापक कौन था।
Ans. नागभट्ट प्रथम
122. गहड़वाल (राठौर) वंश का संस्थापक कौन था।
Ans. चन्द्रदेव
123. चौहान वंश का संस्थापक कौन था।
Ans. वासुदेव
124. परमार वंश का संस्थापक कौन था।
Ans. उपेन्द्रराज
125. चन्देल वंश का संस्थापक कौन था।
Ans. नन्नुक
126. सोलंकी वंश (गुजरात का चालुक्य) वंश का संस्थापक कौन था।
Ans. मूलराज प्रथम
127. गजनी साम्राज्य का संस्थापक कौन था।
Ans. अलप्तगीन
128. गुलाम वंश की स्थापना किसने की।
Ans. कुतुबुद्दीन ऐबक
129. खिलजी वंश की स्थापना किसने की।
Ans. जलालुद्दीन खिलजी
130. सैय्यद वंश का संस्थापक कौन था।
Ans. खिज्र खां
131. लोदी वंश का संस्थापक कौन था।
Ans. बहलोल लोदी
132. विजयनगर साम्राज्य की स्थापना किसने की।
Ans. हरिहर एवं बुक्का
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One Word Substitution हिन्दी अंग्रेजी अनुवाद हिन्दी अर्थ

One word Substitution
1. Excessive fear of high place – Acrophobia / उच्च जगहों का डर
2. Excessive fear of altitude – Altiphobia / ऊंचाई का डर
3. Excessive fear of air – Aerophobia / ताज़ी हवा का भय
4. Excessive fear of water – Hydrophobia / जलांतक
5. Excessive fear of old age – Geraphobia / बुढ़ापे से अत्यधिक डर
6. Excessive fear of motherhood – Metrophobia / कविता का भय
7. Excessive fear of children – Paedophobia / बच्चो का डर
8. Excessive fear of foreigners – Xenophobia / विदेशी भीति
9. Excessive fear of medicine – Pharmacophobia / दवाई का अत्यधिक डर
10. Excessive fear of being poisoned – Toxophobia / आविषभीति

Idiom and Phrase
1. Go broke – Become bankrupt
2. Hang in balance – In uncertain situation
3. Haul down one’s flag – To surrender
4. Hold water – To stand firm on one’s position
5. Hot water – Trouble
6. Have one’s way – The way one wants
7. Hit the nail on the head – To do the right thing at the right time –
8. Hole and corner policy – Secret policy
9. Hue and cry – A loud public outcry
10. In vogue – In fashion

One Word Substitution

1. Excessive fear of ugliness – Cacophobia / बदसूरती का डर
2. Excessive fear of beauty – Cellophobia / सुंदरता का डर
3. Excessive fear of open places – Agoraphobia / खुली जगह का भय
4. Excessive fear of closed places – Claustrophobia / संवृतिभीति
5. Excessive fear of crowd – Demophobia / Ochlophobia / भीड़ का भय
6. Excessive fear of loneliness – Monophobia / एकांतभीति
7. Excessive fear of English things – Anglophobia / अंग्रेज/अंग्रेजी का भय
8. Excessive fear of Russians – Russophobia / रूसो का भय
9. Excessive fear of the number 13 – Triskaidekaphobia / संख्या 13 से अत्यधिक डर
10. Excessive fear of marriage – Gamophobia /

Graphy(suffix)
Autobiography-खुद की जिंवनी
Biography-किसी की जीवनी
Calligraphy-सुंदर लिखावट
Cryptography-रहस्यgayan
Oceanography-समुन्द्र का अध्ययन
Cartographer-मानचित्र का अध्ययन
Typography-मुद्रण कला
Demography-जनसंख्या का अध्ययन
Bibliography-ग्रंथ सूची
Cacographer-असुद्ध लिखने वाला
Choreographer-नाच सीखने वाला
Lexicographer-सब्दकोस संग्राही
Orography-पहाड़ो का स्टडी
Paleography-पुरालेख
Topography-भूतल मानचित्र

Ology (suffix)
Aetiology-बीमारी जानने का विज्ञान
Anthology-कविता का संग्रह
Anthropology-मानवसास्त्र
Astrology-ज्योतिष सास्त्र
Orthology-सही सब्द विज्ञान
Cardiology-हिर्दय रोग विशेषग
Chronology-कालानुक्रम
Dermatologist-तव्चारोग विशेषज्ञ
Neology-सबद रचना का अध्ययन
Odontology-दयंत विज्ञान
Cytology-कोशिका विज्ञान
Ecology-परिवेश विज्ञान
Ornithology-पछीविज्ञान
Ethnology-जातिविज्ञान
Pathology-रोगनिदान विज्ञान
Phrenology-मनोदासा विज्ञान
Physiology-श्रीर संरचना विज्ञान
Morphology- study of different shapes n forms
Histology-तंतु विज्ञान
Materology-जलवायु विज्ञान
Zoology-प्राणी विज्ञान
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भारत के प्रमुख व्यक्ति एवं उनके कार्य list of व्यक्ति भारत के महान व्यक्तियों के विचार

list of व्यक्ति, महान लोगों के महान विचार, भारत के महान सम्राट, भारत के महान योद्धा, महान व्यक्तियों के विचार

भारत के प्रमुख व्यक्ति एवं उनके कार्य-

1. "ओउम जय जगदीश हरे "आरती के लेखक- श्रद्धाराम फिल्लौरी

2. वन महोत्सव के जनक   - के.एम. मुंशी

3. सिनेमा के जनक - दादा साहब फाल्के      

4. पंचायती राज के जनक   - बलवन्त राय मेहता

5. परमाणु कार्यक्रम के जनक- होमी जहांगीर भाभा

6. भारतीय अर्थशास्त्र के जनक- एम.विश्वेश्वररैया

7. माऊट एवरेस्ट की खोज  -  जार्ज एवरेस्ट

8. हरित क्रांति के जनक- एम.एस.स्वामीनाथन

9. श्वेत क्रांति के जनक-  वर्गीस कुरियन

10. नागरिक उड्डयन के जनक   -जे.आर.डी.टाटा

11. जयपुर फुट के निर्माता  - प्रमोद करण सेठी

12. आधुनिक पुलिस एक्ट के निर्माता   -बर्टल फ्रेरे

13. सिविल सेवा के जनक  - कार्नवालिस

14. भूदान आन्दोलन के जनक -विनोबा भावे

15. चिपको आन्दोलन के  जनक -सुन्दरलाल बहुगुणा- चंडी प्रसाद भट्ट

16. नक्सलवाद के जनक  -चारू मजूमदार

17. जनहित याचिका के जनक - पी.एन.भगवती

18. लोक अदालत के  जनक - पी.एन.भगवती

19. लाइफ लाईन एक्सप्रेसके  जनक  - जान विल्शन

20. ब्लेक होल के खोज  -  जयंत नार्लीकर

21. मिसाइल कार्यक्रम के जनक - ए.पी.जे.अब्दुल कलाम

22. नर्मदा बचाओं आन्दोलन- मेघा पाटकर

23. पौधो में जीवन की खोज- जगदीश चन्दु बसु

24. हिन्दू विधि निर्माता -   मनु

25. आधुनिक तिरंगा के निर्माता  -  पिगली वेंकैया

26. खुले जेल के संस्थापक - सम्पूर्णानंद

27. भारत जोडो आंदोलन  -  बाबा आम्टे

28. बंधुआ मजदूर उन्मूलन आंदोलन  -  स्वामी अग्निवेश

29. बालविवाह निषेध कानून का निर्माण -हरविलास शारदा

30. विधवा पुर्नविवाह आन्दोलन- ईश्वर चन्द्र विद्यासागर

31. जल संरक्षण आन्दोलन- राजेन्द्र सिंह

32. प्रोजेक्ट टाईगर-  कैलाश सांख्ला

33. देशी रियासतों का एकीकरण- बल्लभभाई पटेल

34. ह्दय परिवर्तन-   जयप्रकाश नारायण

35. उर्दू कविता के जनक-  अमीर खुसरों

36. सितार के जनक-  अमीर खुसरों

37. शून्यवाद-    नागार्जुन

38. वेदों का  पुनरुत्थान -  दयानंद सरस्वती

39. वर्धा शिक्षा प्रणाली-  डा. जाकिर हुसैन

40. स्त्री शिक्षा- केशव कर्वे

41. गुरूग्रंथ साहिब संकलन-  गुरू अर्जुन देव

42. कांग्रेस समाजवादी दल -जयप्रकाश नारायण

43. निर्गुन ब्रह्म के संस्थापक- कबीर

44. रस चिकित्सा-   नागार्जुन

45. सिख राज्य के संस्थापक- रणजीत सिंह

46. कम्प्यूटर क्रांति-   सैम पित्रोदा

47. सनातन धर्म के संस्थापक-  शंकराचार्य

48. आधुनिक बंगाल के निर्माता- सुरेन्द्र नाथ बनर्जी

49. मालगुजारी व्यवस्था-   टोडरमल

50. द्विराष्ट्र सिद्धांत-  सैय्यद अहमद खां

51. खालिस्तान आन्दोलन- डा. जगजीत सिंह चैहान

52. भारत छोड़ो आंदोलन  -  गांधी जी

53. अशोक के शिलालेखो को सर्वप्रथम पढ़ने वाला- जेम्सप्रिन्सेप

54. अशोक के शिलालेखों की खोज- पान्द्रेटीपेन्टोलर

55. अशोक को बौद्ध धर्म में दीक्षित किया- उपगुप्त

56. गुप्त वंश की स्थापना- श्रीगुप्त

57. एरण की खोज-   के .डी. बाजपेई

58. भीमबैठका की खोज -श्रीधर वाकणकर

59. सांची स्तपों का निर्माण -अशोक

60. सांची स्तूपों की खोज-जनरल टेलर

61. खजुराहों मंदिरों का निर्माण -नरसिंह वर्मन (चंदेलराजा)

62. खजुराहों मंदिरों की खोज -अल्फ्रेड लायल

63. कुषाण वंश का संस्थापक -कुजुल कदफिस

64. आयुर्वेद के जनक   -  धन्वंतरि

65. शल्य चिकित्सा-  सुश्रुप्त

66. सूर्य सिद्धांत-    आर्यभट्ट

67. राजपूतों की उत्पत्ति का अग्निकुंड सिद्धांत  - चंदबरदाई

68. सिन्धु सभ्यता की खोज- दयाराम साहनी एवं राखलदास बनर्जी

69. पुरातत्व विभाग का संस्थापक - अलेक्जेन्डर कर्निघम

70. वेदों का अध्ययन  - मैक्समूलर (जर्मनी)

71. पाटलीपुत्र का सस्थापक - उदयन

72. विक्रम संवत् - राजा विक्रमादित्य

73. शक संवत्-  कनिष्क

74. मौर्य वंश का संस्थापक - चन्द्रगुप्त मौर्य

75. भक्ति आन्दोलन - चैतन्य महाप्रभु

76. हिन्दू धर्म का पुनरूत्थान - शंकराचार्य

77. मुगल वंश का संस्थापक - बाबर

78. ग्रांड ट्रंक रोड का निर्माता - शेरशाह सूरी

79. रूपये का प्रचलन  - शेरशाह सूरी

80. कुतुबमीनार का निर्माण - कुतुबुद्दीन ऐवक एवं इल्तुतमिश

81. बाजार नीति - अलाउद्दीन खिल्जी

82. लौह एवं रक्त नीति सजदा प्रथा, एवं नौरोज त्यौहार   -बलवन

83. सोमनाथ मंदिर का विघ्वंश -  मोहम्मद गजनवी

84. सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण - सरदार पटैल

85. बाबरी मस्जिद का निर्माण -  मीरबाकी

86. ताजमहल का वास्तुकार  - उस्ताद ईसा

87. दीन-ए-इलाही धर्म, सुलह कुल की नीति,इबादत खाने की स्थापना, फतेहपुर सीकरी का निर्माण, मजहर की घोषणा-अकबर

88. राजधानी परिवर्तन, सांकेतिक मुद्रा का प्रचलन  -मोहम्मद तुगलक

89. आगरा का संस्थापक  - सिकन्दर लोदी

90. जयपुर का संस्थापक - सवाई राजा जयसिंह

91. जंतर-मंतर के संस्थापक - सवाई राजा जयसिंह

92. चारों मठों के संस्थापक- शंकराचार्य

93. माउंट अबू मंदिरों के निर्माता - विमलशाह

94. दिल्ली के वास्तुकार - एडविन लुटयंस

95. राष्ट्रपति भवन के वास्तुकार - एडविन लुटयंस

96. संसद के वास्तुकार - एडविन लुटयंस एवं हावर्ड वेकर

97. कोलकाता का संस्थापक - जाब चारनाक

98. मुम्बई का संस्थापक - आनोल्ड आग्जियर

99. भुवनेश्वर का वास्तुकार - कोनिस बर्गर

100 . चंडीगढ का वास्तुकार - ली कार्बुरियर

101. भारत भवन भोपाल का वास्तुकार- चार्ल्स  कोरिया

102. इंदौर की स्थापना - रानी अहिल्या बाई

103. गुलाब के इत्र का अविष्कार - नूरजहा

104. सांख्य दर्शन - कपिल मुनि

105. योग दर्शन - पतंजलि

106. न्याय दर्शन  -  गौतम

107. मीमांशा दर्शन - जैमिनी

108. उत्तर मीमांशा दर्शन -बादरायण

109.  सुखवाद - चार्वाक

110. ब द्ध धर्म - महात्मा बुद्ध

111. जैन धर्म - महावीर स्वामी

112.  सिक्ख धर्म - गुरूनानक

 113. ब्रह्म समाज- राजाराम मोहन राय

114. आर्य समाज - दयानंद सरस्वती

115. प्रार्थना समाज - आत्माराम पाण्डुरंग

116. वेद समाज - श्रीधर नायडू

117. थियोसोफीकल सोसाइटी - मेंडम ब्लेवत्सकी एवं हेनरी अल्काट

118. सत्यशोधक समाज - ज्योतिबा फुले

119. कूका विद्रोह - रामसिंह

120. अड़यार आश्रम -एनीबीसेंट

121. अरूविले आश्रम- अरविन्द घोष

122. रामकृष्ण मिशन - विवेकानंद

123. वेलुर मठ - स्वामी विवेकानंद

124. शिकागों में भाषण - विवेकानंद (1893)

125. न्यूयार्क में वेदांत सोसाइटी - विवेकानंद

126. गणेश एवं शिवाजी उत्सव -  बाल गंगाधर तिलक

127. एशियाटिक सोसाइटी आफ बंगाल- विलियम जोन्स

128. साइंटिफिक सोसाइटी - अब्दुल लतीक

129. मोहम्मडन एंग्लो ओरियंटल कालेज-सर सैय्यद अहमद खांन

130. कांग्रेस की स्थापना  - ए0ओ0 ह्यूम

131. इंडियन एसोसिएशन - सुरेन्द्रनाथ बनर्जी

132. तत्व बोधिनी सभा -देवेन्द्र नाथ टैगोर

133. ब्रिटिश सार्वजनिक सभा -  दादाभाई नौरोजी

134. रहनुमाई मजदायसान सभा  -दादाभाई नौरोजी

135. संथाल विद्रोह - सिद्ध एवं कान्हू

136. मुंडा विद्रोह-   बिरसा मुंडा

137. रेल्वे, डाकतार विभाग, पी0डब्ल्यू0डी0 की स्थापना एवं हड़प नीति -  लार्ड डलहौजी

138. खुला विश्वविद्यालय - लार्ड पैरी

139. महिला चिकित्सालय - लेडी डफरिन (1885)

140. पुलिस व्यवस्था -लार्ड कार्नवालिस (1793)

141.  स्थायी बंदोबस्त -लार्ड कार्नवालिस

142.  अंग्रेजी शिक्षा- लार्ड मैकाले

143.  सहायक संधि -लार्ड वेलेजली

144.  रैय्यतवाडी व्यवस्था  - थामस मुनरो

145.  सती प्रथा निषेध कानून कन्या वध, नरवलि, पिंडारी ठगों का अंत - लार्ड विलियम बैंटिंग

146.  दिल्ली दरबार, वर्नाकुलर प्रेस एक्ट,आर्म्स एक्ट, द्वितीय अफगान युद्ध- लार्ड लिटन

147. इल्बर्ट बिल विवाद, लोकतांत्रिक विकेन्द्रीयकरण, प्रथम फैक्ट्री कानून, प्रथम नियमित जनगणना, बालश्रम उन्मूलन-लार्ड रिपन

148. अकर्मण्यता की नीति-जान लारेंस

149. सर्वेन्टस आफ इंडिया सोसाइटी - गोपालकृष्ण गोखलने

150.  मुस्लिम लीग - सलीमुल्ला एवं आगा खा

151.  बनारस हिन्दू कालेज - एनीबीसेंट

152. बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय - मदनमोहन मालवीय (1916 )

153. साम्प्रदायिक निर्वाचन पद्धति-   मार्ले एवं मिन्टो

154. गदर पार्टी की स्थापना - लाला हरदयाल

155. राष्ट्रगीत की रचना- बंकिम चंद्र चटर्जी

156. राष्ट्रगान - रवीन्द्रनाथ टैगोर

157. शान्ति निकेतन-  रवीन्द्रनाथ टैगोर

158. हिन्दू महासभा - मदनमोहन मालवीय

159. साबरमती आश्रम  -  गांधी जी

160. होमरूल लीग  -  तिलकजी (अप्रैल 1916)

161. आल इंडिया होमरूल लीग-  एनीबीसेंट

162. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ -डा0 हेडगेवार

163. बहिष्कृत हितकारिणी सभा -डा0 अम्बेडकर

164. बारदोली सत्याग्रह -सरदार पटैल

165. खिलाफत आंदोलन- मुहम्मद एवं शौकत अली

166. स्वराज पार्टी    चितरंजन दास एवं मोतीलाल नेहरू

167. लालकुर्ती दल - खान अब्दुल गफ्फार खान

168. हिन्दुस्तान लीग - भगतसिंह

169. हरिजन सेवक संघ - महात्मा गांधी

170. फारवर्ड ब्लाक - सुभाष चंद्र बोस

171. आजाद हिन्द फौज - कैप्टन मोहन सिंह

172. गांधी जी को महात्मा कहा- रविन्द्रनाथ टैगोर

173. गांधी जी को बापू कहां - नेहरू जी

174. गांधी जी को राष्ट्र पिता - सुभाष चंद्र बोस

175. मैथलीशरण गुप्त को राष्ट्रकवि -महात्मा गांधी

176. जिन्ना को कायदे आजम - महात्मा गांधी

177. सुभाष चंद्र बोस को नेताजी - हिटलर

178. नेहरू  जी को चाचा-  गांधी जी

179. पाकिस्तान नामक शब्द के जनक-रहमत अली चैधरी

180. आल इंडिया डिप्रेस्ड क्लास एसोसिएशन -  डा0 अम्बेडकर

181. साम्प्रदायिक प्रचार -  रेमजे मैकडोनाल्ड

182. नेहरू रिपोर्ट - मोतीलाल नेहरू

183. जलियांवाला बाग हत्याकांड- जनरल डायर

184. संविधान सभा का विचार- एम.एन. राय

185. जनसंघ की स्थापना - श्यामाप्रसाद मुखर्जी

186. सर्वोदय योजना - जयप्रकाश नारायण

187.  संविधान सभा के वैधानिक सलाहकार - वी.एन.राव

188. नागरिक उड्डयन -  जे.आर.डी. टाटा

189. जलविद्युत एवं इस्पात उद्योग के जनक -जे.आर.डी. टाटा

 190. भारतीय झंडा  - मेडम भीकाजी कामा (1907) (स्टटगार्ड जर्मनी)

191. जनजातियों को नेशनल पार्क की  अवधारणा   -बेरियर एल्विन

192.  गुरूमुखी लिपि, लंगर प्रथा  -गुरू अंगद

193. गुरू गंथ साहेब का संकलन - अर्जुनदेव

194. अमृतसर के संस्थापक - गुरू रामदास

195. स्वर्ण मंदिर का निर्माण - अर्जुन देव

196. खालसा पंथ  - गुरू गोविन्द सिंह

197. न्याय की जंजीर - जहांगीर

198.  परिवार न्यायालय - पी.एन.    भगवती

199. भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के संस्थापक - लार्ड क्लाइब

200. आदिवासियों के मसीहा - ठक्कर बापा

201. गौ रक्षा संघ - महात्मा गांधी

202. एशियाई खेलो के जनक  - गुरुदत्त सोधी

203. आगरे का लाल किला  - अकबर

204. दिल्ली का लाल किला -शाहजहा

205. कांग्रेस का नामकरण - दादा भाई नौरोजी

206. अभिनव भारत  - वीर सावरकर

207. भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी  - एम.एन. राय

208. बचपन बचाओ-    कैलाश सत्यार्थी

 209.  परिवार नियोजन-   एम. एस. सेंगर        
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