ATM की लाइन में लड़की ने उतारे कपड़े बीच सडक पर नंगी हुई

ATM की लाइन में लड़की ने उतारे कपड़े

दिल्ली के एक एटीएम मशीन पर कैश निकलवाने के लिए लगी लम्बी लाइन में लड़की का दिमाग घुमा कि शरीर के सभी वस्त्र उतार दिये और नग्न हो गयी ।

देखने वालों की भीड़ लग गई । महिला पुलिसकर्मी को बुलाया गया । महिला पुलिसकर्मी के समझाने रे
के बाद भी लडकी एटीएम से पैसा दिलाने को अड गई।आखिरकार लड़की को पैसा मिलने पर उसने कपड़े पहने ।

प्रश्न उठता है कि ये लड़की कौन थी?
क्या यह लडकी किसी राजनीतिक पार्टी की समर्थक थी या फिर किसी पार्टी ने मोदी की छवि खराब करने के लिए ड्रामा करवाया ।

क्या कोई लाइन में लगने से इतना परेशान हो उठता है कि कपड़े ही उतार फेंकें ।

दिल्ली में लडकी के कपड़े उतारने की घटना सवालों के घेरे मे है।

बीच सडक पर लडकी का नग्न होना या तो प्रायोजित है या फिर पागलपन की पहचान । इस घटना का नोटबंदी से कोई संबंध नही है ।



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हाईब्लडप्रेशर की समस्या का आसान समाधान

हाईब्लडप्रेशर की समस्या विश्व की 15% आबादी है पीड़ित

वर्तमान में विश्व में एक अरब,13 करोड़ लोग हाई ब्लप्रेशर की बीमारी से जूझ रहे हैं। इस बीमारी का बचाव ही इलाज है। उच्च रक्तचाप के निदान के लिए प्रोटीन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 6 और बी 12 को अपने भोजन में शामिल करें। कैफीन युक्त पेय का परहेज करें ।

आधुनिक जीवनशैली और खानपान से तरह -तरह की बीमारियों हो रही है। बावजूद इसके लोग इस गंभीर बीमारी को संजीदगी से नहीं ले रहे हैं। भारत देश में लगातार बढ़ रही उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के करीब 20 करोड़ वयस्क नागरिक  उच्च रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेशर) से पीड़ित हैं। एक अध्ययन से इस बात का खुलासा हुआ कि वर्तमान में विश्व में एक अरब,13 करोड़ लोग इस रोग से जूझ रहे हैं।

 वैज्ञानिकों के अध्ययन के अनुसार महिलाओं की तुलना में पुरुष इस उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारी से अधिक पीडि़त हैं।

बीमारी का इलाज - इस बीमारी से बचाव ही इसका इलाज है। इस बीमारी से घबरानें या डरने की बजाए अपने खानपान को ठीक करने पर ध्यान दें। क्योंकि संतुलित और खानपान में शामिल परहेज से आप इस बीमारी की चपेट में आने से बच सकते हैं।
हाई ब्लडप्रेशर वाले लोग खाने में प्याज जरूर शामिल करें साथ ही हींग भी आपके खाने में होनी चाहिए। ज्यादा नमक का सेवन ना करें क्योंकि इससे हाईबीपी की समस्या और अधिक बढ़ने का खतरा रहता है। प्रोटीन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 6 और बी 12 को अपने भोजन में शामिल करें जो कि दही में पर्याप्त होता है। अपने भोजन में आलू अखरोट और हरा धनिया इस रोग में फायदेमंद साबित होते है। उपरोक्त  नियमित सेवन से आप ब्लडप्रेशर से छुटकारा पा सकते है । चाय काफ़ी का सेवन कम करना चाहिए ।
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CBI ने बाहुबली अमरमणी के पुत्र व सपा प्रत्याशी को दिल्ली मे गिरफ्तार किया

CBI ने बाहुबली अमरमणी के पुत्र व सपा प्रत्याशी को दिल्ली मे किया गिरफ्तार ।

पुर्व मन्त्री अमर मणि त्रिपाठी के पुत्र अमनमणि को अपनी पत्नी सारा हत्याकांड में आरोपी को दिल्ली से सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि महाराजगंज की नौतनवां सीट से सपा प्रत्याशी हैं । इस हत्याकांड की जांच सीबीआई कर रही है।

 क्या है सारा हत्याकांड - अमनमणि ने अपने घरवालों की मर्जी के खिलाफ जुलाई 2013 में लखनऊ की रहने वाली सारा से आर्यसमाज मंदिर में शादी की थी। सारा की मौत सिरसागंज में 9 जुलाई 2015 को हुई थी, जब वह अपने पति अमनमणि त्रिपाठी के साथ दोपहर के वक्त कार से दिल्ली जा रही थी। अमनमणि ने सारा के घर वालों को बताया था कि उसकी मौत सड़क हादसे में हुई है। लेकिन सारा की मां सीमा सिंह, बहन नीति और भाई सिद्धार्थ ने हत्या का आरोप लगाया था। इसके बाद ही अमनमणि के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस हत्या का रहस्य बना हुआ है ।

 आरोपी अमनमणि के पिता चर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं ।

समाजवादी पार्टी ने अमनमणि को उम्मीदवार बनाया था ।
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बैंक की लाइन में युवक की मौत कौन है जिम्मेदार

बैंक की लाइन में युवक की मौत कौन है जिम्मेदार

राजस्थान के झुन्झुनू जिले के बुहाना में कलवा रोड निवासी 22 वर्षीय युवक कपिल मेघवाल 17 नवम्बर को दो हजार रुपए बदलवाने के लिए एसबीबीजे शाखा बुहाना के सामने सुबह पांच बजे से लाइन में लगा था लाइन में लगे हुए ही मौत हो गयी ।

झुंझुनूं व सीकर में अब तक यह तीसरी मौत है। इससे पहले पिलानी व सीकर में एक एक मौतें हो चुकी है ।

सुबह 5 बजे से लगा युवक 11 बजे बेहोश होकर लाइन में गिर गया। आस-पास खड़े लोगों ने उसे सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल में रैफर किया गया था। 23 नवम्बर को उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
बाहर युवक बेहोश होकर गिर गया पर बैंक कर्मचारियों को पता ही नही लगा ।

कौन है युवक की मौत का जिम्मेदार प्रधानमंत्री मोदी, रिज़र्व बैंक, बैंक या स्थानीय प्रशासन ?

क्या कहना है अधिकारियों का ?

मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। इस बारे में पता लगाया जाएगा।
-नरेश सिंह तंवर, एसडीएम, बुहाना
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15 दिसम्बर तक यहाँ चलेंगे 500 के पुराने नोट

15 दिसम्बर तक यहाँ चलेंगे 500 के पुराने नोट

अब पुराने नोट बदले नही जायेगें केवल जमा हो सकते हैं ।

सरकार ने 1000 के पुराने नोट को पुरी तरह बंद कर दिया है यह अब कहीं नही चलेगा केवल बैंक मे जमा हो सकेगा । जबकि 500 का पुराना नोट आवश्यक सरकारी सेवाओं के लिए 15 दिसम्बर तक चलेगा ।

पुराना 500 का नोट इन स्थानों पर चलेंगा -
पेट्रोल पंप, सरकारी अस्‍पताल, ट्रेन, मेट्रो, हवाई यात्रा, मिल्‍क बूथ, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, बिजली बिल, पानी बिल, स्‍थानीय निकाय के बिल व टैक्‍स, फार्मेसी, सिलेंडर, रेलवे कैटरिंग, स्‍मारकों के टिकट, कोर्ट फीस, सहकारी स्टोर, सेंट्रल और स्टेट कॉलेजों में 500 के नोट चलेंगे।

1000 रुपये के पुराने नोट अब बैंकों में ही जमा कराने होंगे।

केंद्र सरकार ने गुरुवार शाम को आवश्यक सेवाओं के लिए पुराने 500 के नोटों के इस्‍तेमाल की मियाद बढ़ाकर अब 15 दिसंबर तक कर दी है। पहले आवश्यक सेवाओं के लिए  गुरुवार (24 नवंबर) को पुराने नोटों के इस्‍तेमाल का आखिरी दिन था।

बैंकों में अब नोट बदलवाने की छुट खत्म कर दी गयी है । अब केवल नोट जमा करवाये जा सकते हैं ।
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नोटबंदी के कारण मर गया बेटा

नोटबंदी के कारण मर गया बेटा

अब नोटबंदी के कारण लोग मरने लगे हैं । एक बीमार बच्चे के पिता की जेब में 29 हजार रुपये थे, लेकिन सभी ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया नतीजतन बच्चे की जान चली गई, तो इस दर्दनाक मंजर को लफ्जों में बयां करना बहुत मुश्किल है।

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में एक बाप अपने बीमार बेटे को कंधे पर लादे भटकता रहा, गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन नोटबंदी की वजह से उसके पुराने नोट लेने को कोई तैयार नहीं हुआ। इस वजह से नौ साल के मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी।

बच्चे के पिता मोहम्मद हारून अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए घर से 29000 रुपये लेकर निकले। लेकिन  नजदीकी अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनके बच्चे मुनीर की जान चली गई।

कश्मीर के हारून शुक्रवार रात को नौ साल के बीमार मुनीर को अपने कंधे पर लादकर 30 किलोमीटर तक पैदल चल लेकिन अपने बच्चे की जान नही बचा सके। 500 और 1000 के पुराने नोट बंद किए जाने के बाद कश्मीर में मौत का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

नायब तहसीलदार कुलदीप राज और गोरां पुलिस पोस्ट के इंचार्ज नानक चंद ने इस मामले में मोहम्मद हारून का सोमवार को बयान दर्ज किया था।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार रात को नौ साल के बीमार मुनीर को अपने कंधे पर लादकर हारून 30 किलोमीटर तक पैदल चले। 500 और 1000 के पुराने नोट बंद किए जाने के बाद कश्मीर में मौत का यह पहला मामला बताया जा रहा है।हारून का कहना है कि मृतक मुनीर दूसरी में पढ़ता था। इस बीच नायब तहसीलदार कुलदीप राज और गोरां पुलिस पोस्ट के इंचार्ज नानक चंद ने इस मामले में मोहम्मद हारून का सोमवार को बयान दर्ज किया था।

हारून रुपये बदलवाने के लिए 3 दिन तक घुम लिया लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण रुपये बदले नही जा सके। हारून ने बताया कि 18 नवंबर को जब मुनीर की ज्यादा ही हालात खराब हो गई तो हारून और उनकी पत्नी ने बिना देरी किए उसे अस्पताल ले जाने का फैसला किया। हारून अपनी पत्नी के साथ बेटे को कंधे पर लादकर अपने घर से तीन बजे चले। इसके बाद वे नौ किलोमीटर चलने के बाद रात आठ बजे के करीब सड़क तक पहुंचे।

हारूनी ने सडक पर एक वैन ड्राइवर से प्रार्थना की कि वे हमें मानसर पहुंचा दें, लेकिन उसने पुराने नोट लेने से मना कर दिया। हारून पैदल ही बच्चे को सुबह पांच बजे डॉक्टर के पास पहुंचे, तब तक मुनीर ने दम तोड़ दिया था।
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हाईवे 1 दिसम्बर तक टोल फ्री

हाईवे 1 दिसम्बर तक टोल फ्री

भारत सरकार के पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट बंद करने के बाद देशभर के नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स से छूट की सीमा फिर बढ़ा दी गई है। पहले यह मियाद 24 अक्टूबर यानी गुरुवार तक थी, लेकिन अब इसे एक दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

500 1000 के नोटबंदी के बाद हाईवे टोल बूथो पर फुटकर की समस्या आई थी । अतः सरकार ने सभी हाईवे को टोल फ्री कर दिया था। देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोई टोल फ्री की समय सीमा दो बार बढ़ायी जा चुकी है ।

सरकार ने काला धन आतंकवाद नकली नोट की समस्या के कारण 500 एवंम 1000 के नोट को बंद कर दिया था ।

मोदी सरकार के फैसले के अनुसार 500 का नोट आवश्यक सेवाओं के लिए 14 दिसम्बर तक चल सकेगा ।
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पाकिस्तान ने कहा युद्ध के लिए तैयार है सेना

पाकिस्तान ने कहा युद्ध के लिए तैयार है सेना

पाकिस्तान के वायुसेना प्रमुख सोहेल अमान ने भारत को धमकी दी हैै कि भारत से किसी भी खतरे को लेकर पाकिस्तान बिल्‍कुल भी चिंतित नहीं है और हमारी सेना आक्रामक जवाब देने के लिए तैयार है।

पाकिस्तानी वायुसेना प्रमुख ने भारत को सलाह दी कि यह बेहतर होगा कि भारत संयम दिखाए और तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए कश्मीर मसले को हल करे। अन्यथा पाकिस्तान ने युद्ध की तैयारी कर ली है ओर भारत गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे ।

अमान ने कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण राष्ट्र है अतः युद्ध नहीं चाहता । लेकिन आक्रामकता का जवाब आक्रामकता से दिया जायेगा । उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ  हमने (युद्ध की) योजना तैयार की है।

उन्होने कहा कि पाकिस्तान की सेना खतरों का जवाब देने में अनुभवी हो चुकी है तथा भारत की सेना से ताकतवर भी है ।

यह बयान तब आया जब भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर बदले की जवाबी कार्यवाही में पाकिस्तान के सैनिको को मार गिराया ।

सीमा पर तनाव व गोलीबारी से रोजाना सैनिक मर रहे हैं ।
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होडोपैथी चिकित्सा पध्दति आदिवासी चिकित्सक करेंगे इलाज

होडोपैथी चिकित्सा पध्दति आदिवासी चिकित्सक करेंगे इलाज

भारत सरकार एक नयी चिकित्सा पध्दति को पुनर्जीवित करने जा रही हैं उसका नाम होडोपैथी पध्दति है ।

आयुर्वेदिक एलोपैथी की तरह एक अलग इलाज पध्दति है होडोपैथी । यह पध्दति जंगलों में रहने वाले आदिवासी समुदाय में प्रचलन में है । विभिन्न समुदायो में अलग अलग पध्दति अपनायी जाती है ।

आदिवासी समुदायों में कैंसर, डायबिटीज़, मलेरिया, नामर्दी, हड्डी जोडने आदि का इलाज अलग अलग     तरीके से किया जाता है ।

मोच का दर्द का इलाज की तकनीक गावों मे अधिक विकसित है । मोच के दर्द को ग्रामीण इलाके में जल्दी ठीक कर दिया जाता है । इसका इलाज किसी अन्य तकनीक से संभव नही है ।

होडोपैथी तकनीक के विकास के लिए परम्परागत वैद्ध व चिकित्सा विशेषज्ञो के ज्ञान का संग्रह किया जायेगा ।

यह प्राचीन भारत व जंगलों की चिकित्सा पध्दति है । इस पध्दति से इलाज सस्ता होता है ।
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2000 के नोट में लगी चिप का सच

2000 के नोट में लगी चिप का सच

आजकल सोशियल मिडिया पर अफवाह चल रही हे कि 2000, 500 के नयें नोट मे जीपीएस चिप लगी हुई है । अफवाह है कि यह चिप जमीन के नीचे भी काम कर सकती है ।

जबकि वास्तविकता मे नोट के अदंर कोई चिप नही लगी है । नोट के अंदर चिप डालना संभव ही नही है ।

जीपीएस चिप काफी मंहगी होती है ओर बिना पावर सोर्स के काम नही कर सकती । जीपीएस सिग्नल के  लिए बहुत अधिक उर्जा की जरुरत होती है ।

वैसे भी जीपीएस चिप एक नोट के अंदर नही समा सकती है ।

आपसे अनुरोध है कि इसप्रकार के संदेश शेयर करके देश की श्रम शक्ति व समय खराब नही करें ।
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सोनम गुप्ता बेवफा सत्य कहानी

सोनम गुप्ता बेवफा सत्य  कहानी

आजकल फेसबुक वाट्सएप पर सोनम गुप्ता बेवफा है के बारे में बहुत अधिक कमेंट आ रहें है । कुछ लोग सोशियल साइटों पर बहुत ज्यादा शेयर कर रहे है ।

असली कहानी क्या है ये कुछ कह नही सकते क्योंकि बहुत कहानियाँ बनायी जा रहीं हैं । पर असल में दो कहानियाँ सच के करीब हैं ।

पहली कहानी इस प्रकार है कि कोई मजाकिया व्यक्ति सनम बेवफा फिल्म का पोस्टर देख रहा था उसने गलती से सोनम बेवफा पढ लिया । उसके दोस्त की गर्लफ्रेंड का नाम सोनम गुप्ता था । उसने दोस्त को चिढाने के लिए 10 रुपए के नोट पर सोनम गुप्ता बेवफा लिख कर दोस्त को दे दिया । फिल्म के पोस्टर की फोटोशॉप करके सोनम गुप्ता बेवफा  है लिख दिया । इस कहानी को सभी शेयर करने लगे और कुछ परिवर्तन करने लगे ।

दुसरी कहानी ये है कि इक लडका इक लडकी से प्यार करता था । लड़की का नाम सोनम गुप्ता था । लडकी के बाप की दुकान थी कभी कभी लडकी भी दुकान मे पिता की सहायता करने आती थी । लडकी लड़का दोनो एक दुसरे से बहुत प्यार करते । अचानक लडकी ने लडके को छोड़कर दुसरे से प्यार करने लगीं । लडके ने मिलने की कोशिश की पर लड़की नही मिली ।

एक दिन लड़की दुकान पर पिता की सहायता कर रही थी । लडके ने एक बच्चे को 10 रुपए का नोट सोनम गुप्ता बेवफा है लिखकर दिया ओर बिस्कुट लाने को कहा । नोट की फोटो लेकर शेयर कर दी । बच्चा दुकान पर गया लडकी ने बच्चे से नोट लेकर छुपा लिया ।  5 के नोट पर सोनम गुप्ता बेवफा नही लिखकर दे दिया ।

यही कहानी हैै ।

मेरी सभी से प्रार्थना है कि अपना किमती समय व्यर्थ नही करें । ऐसी  कहानी से देश का किमती समय नष्ट नही करें ।
वाटस्अप पर इस प्रकार के संदेश शेयर करने से दुसरे लोगों का समय नष्ट होता है ।

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गावों के एटीएम बेंक मे अभी तक नही डाला पैसा

गावों के एटीएम बेंक मे अभी तक नही डाला पैसा

सरकार बडे़ बडे़ दावे कर रही हैं कि सभी जगह नयें नोट पर्याप्त उपलब्ध हे जबकि हकीकत में गावों में बेंक एटीएम पैसा नही दे रहे है । एटीएम में तो अभी तक पैसा डल ही नही पाया है जबकि बैंक 1-2 घन्टे मे ही खाली हो जाते हैं । सुबह 5 बजे लाइन मे लगने वालों को ही पैसा मिलता है बाकि खाली हाथ घर जा रहें है । पुरा दिन पैसों की जुगाड़ में निकल जाता हैं फिर भी खाली हाथ रह जातें है ।

किसान खेतों में खाद बीज नही डाल पा रहे है । क्रषि उत्पादन प्रभावित होने की संभावना हैं । खाद बीज के पैसे बैंकों से नही निकल रहे है ।

गांवों मे रोजमर्रा की साग सब्जी नही खरीद पा रहें ।

बैंकों में पैसा पहुचाने वाली वैन कभी कभी आती है ।

हालात बद से बदतर हो गये हैं  ।
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नोट बन्दी के फायदे Benefits of Demonetization

नोट बन्दी के फायदे Benefits of Demonetization

भारत सरकार का 500 - 1000 का  पुराना नोट बन्द करने के फैसले से सभी भारत वासियों को परेशानी का  सामाना करना पड़ रहा हैं परन्तु इसके कुछ फायदे भी है जो निम्न प्रकार हैं ।

1. आतंकवादी तत्वों के पास रखा धन जो नोटो के रूप में रखा हुआ हैं खत्म हो जायेगा । आतंकवादी लोगों को पैसा बाट नही सकते । आतंकवाद कम होगा ।

2. काला धन रखनेवाले आतंकित होगें । भ्रस्टाचार कम होगा ।

3. नकली नोटों की नई खेंप रद्दी हो जायेगी ।

4. महंगाई पर लगाम लगेगी क्योंकि खर्च करने के लिए नोट कम होगें ।

5. बेंक से लेनदेन बढेगा आमदनी छुपा नही सकते सरकार के पास आयकर अधिक जमा होगा ।

6. टैक्स चोरों का खुलासा होगा ।

7. ईमानदारी ओर मेहनत का पैसा बचेगा तो ऐश आराम पर खर्चा घटेगा ।
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नोट बन्दी के नुकसान Disadvantages of Demonetization

नोट बन्दी के नुकसान Disadvantages of Demonetization

500 1000 नोट बन्द होने से देश की अर्थवयवस्था को फायदा हैं लेकिन साथ ही नुकसान भी है ।

1. नए नोट छापने के लिए बहुत अधिक खर्चा होगा । जिससे देश पर आर्थिक बोझ बढेगा ।

2. शुरूआत में लोग नया नोट पहचान नही पायेंगे तो नकली नोट चलने का डर रहेगा ।

3. नए नोट पर्याप्त उपलब्ध नही होने से जरुरत का सामान नही खरीद पाएगे ।
4. किसान खाद बीज नही खरीद पाएंगे जिससे बुवाई कम होगी तो अन्न उत्पादन घटेगा ।

5. व्यापारीयो को नकद लेनदेन के रुपए बदलवाने मे परेशानी होगी अनावश्यक टैक्स लग सकता है ।

6. शादी ब्याह जैसे कामों में बहुत अधिक परेशानी होगी ।

7. देश आर्थिक संकट में फंस सकता है ।

8. काला  धन रखनेवाले कमीशन देकर नोट बदलवाने की कोशिश करेंगे जिससे कालाबाजारी बढेगी ।

9. कामकाज प्रभावित होगा क्योंकि लोग काम छोड़कर नोट बदलवाने में जुट जायेगें ।

10. बुजुर्ग लोग लाइन में लगकर नोट जमा नही करवा सकते इसलिए नोट रखे रह जायेगें ।

11. नोट बन्द होने की सुचना समय पुर्व लीक होने पर देश मे अव्यवस्था ओर भ्रस्ताचार बढेगा ।
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मर रहा है देश का किसान Indian Farmer True Life

किसान आत्महत्या करने को मजबूर हें कयोंकि किसान को उसकी मेहनत का पुरा भुगतान नही मिलता ।
आज हमारे देश में किसान बदहाल जीवन जी रहा हे । सेकड़ों किसान हर महिने आत्महत्या कर रहें हे । किसान कर्ज  मे डुबे हुए हैं । 

किसान के कर्ज़ में डुबने का कारण 

माना जाये कि किसान के पास 5 बिघा जमीन हैं  । इसपर बाजरा और गेहूं उगाया । 

कुल उपज - 4000 किलोग्राम गेहूं, 3000 किलोग्राम बाजरा 

कुल आमदनी - 64000 + 36000 = 100000 (एक लाख)

कृषि कार्य पर कुल खर्चा 

ट्रेक्टर का खर्चा - बुवाई (8000) + थ्रेसर (5000)
बिजली का खर्चा - 18000
बीज - 8500
खाद - 3500
मेहनत मजदुरी - 22000
कृषि यन्त्र पानी के साधनों का रखरखाव - 7000
कुल खर्चा - 72000

कृषि कार्य मे कुल बचत - 28000

अब कोई प्राकृतिक आपदा आ जाय तो उपज आधी रह जाये तब 
कुल खर्च - 72000
कुल उपज - 50000

कुल घाटा - 22000

अब आप सोचे कैसे कोई किसान 28000 रूपये मे 4 सदस्यों का जीवन यापन कर सकता हैं । अगर प्राकृतिक आपदा आ गयी तो पेट भरना तो दुर कर्ज़ चढ जायेगा । 

फिर कर्जा चुकाने की कोई आस भी नही । मजबूरन किसान को एक ही रास्ता नजर आता हैं । वो सोचता हे शायद जमीन तो बच जायेगी अोर वह फासी पर झुल जाता है ।
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काले धन का सदुपयोग - Best Use of Black Money in India

काले धन का सदुपयोग - काले धन का क्या सदुपयोग हो सकता है | निचे के बिन्दुओ को विस्तार से पढ़े |

सभी बैंको मैं एक काउंटर अलग से ब्लैक मनी वालो के लिए लगाया जाए | यहाँ पर 500, 1000 के नोट के रूप में
 ब्लैक मनी जमा करवा सकते है वो भी बिना लाइन के | सभी लोग अपना कला धन गंगा में बहाने या जलाने के बजाये ब्लैक मनी जमा करवा देंगे | ये पैसा अलग सरकारी अकाउंट में जमा होना चाहिए |  इस पैसो को भारत ग्रामीण किसान विकास के काम लिया जा सकता है |  इस पैसे से भारत का नक्शा बदला जा सकता है | किशानो का विकास किया जा सकता है |
प्रोत्साहन के लिए लिए ब्लैक मनी जमा करवाने  पर 1 प्रतिशत नयी मुद्रा देनी चाहिए और ब्लैक मनी जमा करवाने वाले की पहिचान गुप्त होनी चाहिए |

अगर कोई 1 करोड़ कला धन जमा करवाता है तो उसको 1 लाख रुपये वापिस मिलाने चाहिए बाकी 99 लाख सरकारी खाते में जो विकास के लिए अलग से रखे जाए |

अगर पूरा ब्लैक मनी स्पेशल अकाउंट  में जमा होता है तो पूरा पैसा भारत के बजट से भी अधिक होगा |

अधिक से अधिक शेयर करे जिस से सरकार ऐसा खाता खोले और पैसा गरीब, किसान, मजदुर और आम आदमी के विकास में काम आ सके  |
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सरकारी खजाने से जनता को कितना प्रतिशत मिल रहा है ? - How Much Money Spent on Aam Aadmi

आज देश की गरीब जनता और किसानों के साथ क्या हो रहा है ये सब जानने के लिए ये कहानी पढ़े |

एक राजा को मलाई रबड़ी खाने का शौक था। उसे रात में सोने से पहले मलाई रबड़ी खाए बिना नीद नहीं आती थी। इसके लिए राजा ने सुनिश्चित किया कि खजांची (जो राज्य के धन का लेखा जोखा रखता है) एक नौकर को रोजाना चार आने दे मलाई लाने के लिए।

यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा। कुछ समय बाद खजांची को शक हुआ कि कहीं नौकर चार आने की मलाई में गड़बड़ तो नहीं कर रहा। उसने चुपचाप नौकर पर नजर रखनी शुरू कर दी। खजांची ने पाया कि नौकर केवल तीन आने की मलाई लाता है और एक आना बचा लेता है। अपनी चोरी पकड़ी जाने पर नौकर ने खजांची को एक आने की रिश्वत देना शुरू कर दिया।

अब राजा को दो आने की मलाई रबड़ी मिलती जिसे वह चार आने की समझ कर खाता। कुछ दिन बाद राजा को शक हुआ कि मलाई की मात्रा में कमी हो रही है। राजा ने अपने खास मंत्री को अपनी शंका बतलाई और असलियत पता करने को कहा। मंत्री ने पूछताछ शुरू की। खजांची ने एक आने का प्रस्ताव मंत्री को दे दिया।

अब हालात ये हुए कि नौकर को केवल दो आने मिलते जिसमें से एक आना नौकर रख लेता और केवल एक आने की मलाई रबड़ी राजा के लिए ले जाता। कुछ दिन बीते। इधर हलवाई जिसकी दुकान से रोजाना मलाई रबड़ी जाती थी उसे संदेह हुआ कि पहले चार आने की मलाई जाती थी अब घटते घटते एक आने की रह गई।

हलवाई ने नौकर को पूछना शुरू किया और राजा को बतलाने की धमकी दी। नौकर ने पूरी बात खजांची को बतलाई और खजांची ने मंत्री को। अंत में यह तय हुआ कि एक आना हलवाई को भी दे दिया जाए।

अब समस्या यह हुई कि मलाई कहां से आएगी और राजा को क्या बताया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी मंत्री ने ले ली। इस घटना के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि राजा को मलाई की प्रतीक्षा करते नींद आ गयी। इसी समय मंत्री ने राजा की मूछों पर सफेद चाक(खड़िया) का घोल लगा दिया।

अगले दिन राजा ने उठते ही नौकर को बुलाया तो मंत्री और खजांची भी दौड़े आए। राजा ने पूछा , "कल मलाई क्यों नही लाऐ ?"

नौकर ने खजांची और मंत्री की ओर देखा। मंत्री बोला, "हुजर यह लाया था, आप सो गए थे इसलिए मैने आपको सोते में ही खिला दी। देखिए अभी तक आपकी मूछों में भी लगी है।"

यह कहकर उसने राजा को आईना दिखाया। मूछों पर लगी सफेदी को देखकर राजा को विश्वास हो गया कि उसने मलाई खाई थी।

अब यह रोज का क्रम हो गया, खजाने से चार आने निकलते और बंट जाते। राजा के मुंह पर सफेदी लग जाती।

बचपन की सुनी यह कहानी आज के समय में भी सामयिक है। आप कल्पना करें कि आम जनता राजा है, मंत्री हमारे नेता हैं और अधिकारी व ठेकेदार क्रमश: खजांची और हलवाई हैं। पैसा भले कामों के लिए निकल रहा है और आम आदमी को चूना दिखाकर संतुष्ट किया जा रहा है।

यहाँ खंचाजी सरकारी खजाना नोकर निचे का कर्मचारी और राजा जनता है |

सरकारी खजाने मैं से जनता को कुछ नहीं मिल रहा है सब कुछ दिखावा हो रहा है | यानी 100 प्रतिशत पैसा सरकारी अधिकारी खा जाते है |

ये सब बंद होना चाहिए | पूरा 100 प्रतिशत जनता पर खर्च होना चाहिए |
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Usage Rights

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